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ग्रामीण बोले, ऐसा मंजर कभी नहीं देखा
अमर उजाला ब्यूराे टनकपुर (चंपावत)।
Updated Sat, 19 May 2018 10:58 PM IST
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घटना स्थल के पास मंदिर बनाने की मांग को लेकर एकत्रित विचई के ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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हाइवे पर विचई के पास हुए हादसे को गुजरे करीब 40 घंटे बीत गए हैं, लेकिन अब तक इस हादसे का मंजर याद आते ही विचई गांव के लोग सहम जा रहे हैं। खासतौर पर महिलाएं और बच्चों के चेहरों पर खौफ अब भी झलक रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि अब तक ऐसा मंजर उन्होंने कभी नहीं देखा।
शुक्रवार तड़के जब हादसा हुआ तो चीख-पुकार और शोर मचते ही विचई गांव के लोग घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। घटना स्थल के पास स्थित घर की महिला गीता चंद ने बताया कि वह अब तक उस मंजर को भूल नहीं पाई है। रातभर यह दृश्य आंखों पर आता रहा। घर के बच्चे हो या बुजुर्ग सबकी यही हालत है। घर के करीब ही सड़क पर सात लाशें एवं जगह-जगह अंग बिखरे पड़े थे। गीता ने बताया कि हादसे के समय तेज आवाज एवं चीख-पुकार मची तो आसपास के लोग उनके घर की दौड़े। वह भी बाहर निकलकर उनके साथ घटना स्थल की ओर गई तो चारों तरफ सड़क पर खून, कटे अंग, शव पड़े थे। उन्होंने छोटे बच्चों को घर से बाहर नहीं आने को कहा। गीता ने बताया कि हादसे के चलते वह रात को न तो सही से सो सकीं और नहीं खाना खा सकीं। गीता ने बताया कि सबसे पहले पुलिस एवं सेना के जवान घटना स्थल पर पहुंचे। अब भी बच्चे घटना स्थल के पास जाने से डर रहे हैं।
यहीं हाल चंद्रा ऐरी, आरती चंद आदि का भी है। भरत चंद ने बताया कि हादसा होते ही चीख-पुकार सुनकर वे जैसे सड़क पर आए तो उनके पैर जाम हो गए। इसके बाद उन्होंने भी सेना के जवानों के साथ राहत कार्य में हाथ बटाया, लेकिन मंजर याद आते ही उनके शरीर में कंपन सी आ रही है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी घटना स्थल के आसपास एक साल में आधा दर्जन दुर्घटनाएं हो चुकी है, लेकिन इस तरह का मंजर पहली बार देखा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण दिन में भी घटना स्थल के पास जाने से डर रहे हैं।
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ग्रामीणों ने उठाई घटना स्थल के पास शिव मंदिर बनाने की मांग
टनकपुर (चंपावत)। विचई के लोगों ने घटना स्थल के पास मंदिर निर्माण कराने की मांग उठाई है। इसके लिए ग्रामीण घटना के दूसरे दिन शनिवार सुबह करीब नौ बजे घटना स्थल के पास सड़क किनारे एकत्रित हुए और उन्होंने मंदिर के लिए स्थान का चयन भी शुरू कर दिया। ग्रामीणों की बैठक में उक्त स्थान पर शिव मंदिर बनाने एवं इसके लिए धन की व्यवस्था कराने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने बताया कि अब जरूरी हो गया है कि घटना स्थल के पास सड़क किनारे शिव मंदिर बनाया जाए। बताया कि घटना स्थल के आसपास एक साल में अब तक छह सड़क हादसे हो चुके हैं, इसमें डिग्री कॉलेज के लिपिक भरतराज ओझा, गांव के लच्छी चंद, सुरेश चंद, कु. दिशा एवं दिशा भी सड़क हादसे में घायल हुए थे, जबकि इसी स्थान पर बस से गिरकर एक नेपाली नागरिक की मौत हुई थी। ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद शुक्रवार शाम घटना स्थल का मुआयना करने आए विधायक कैलाश गहतोड़ी, आईजी पूरन सिंह रावत, डीएम डॉ. अहमद इकबाल एवं एसपी धीरेंद्र सिंह गुंज्याल के समक्ष भी मंदिर निर्माण की मांग उठाई गई। इस दौरान मोहन चंद, जगत चंद, गोपाल चंद, आनंद जोशी, धर्म सिंह मेहता, पुष्कर सिंह मेहता, जितेंद्र चंद, गीता चंद, राधा देवी, माया देवी, हीरा, नंदी देवी, गीता देवी, आरती चंद आदि मौजूद थे।
शुक्रवार तड़के जब हादसा हुआ तो चीख-पुकार और शोर मचते ही विचई गांव के लोग घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। घटना स्थल के पास स्थित घर की महिला गीता चंद ने बताया कि वह अब तक उस मंजर को भूल नहीं पाई है। रातभर यह दृश्य आंखों पर आता रहा। घर के बच्चे हो या बुजुर्ग सबकी यही हालत है। घर के करीब ही सड़क पर सात लाशें एवं जगह-जगह अंग बिखरे पड़े थे। गीता ने बताया कि हादसे के समय तेज आवाज एवं चीख-पुकार मची तो आसपास के लोग उनके घर की दौड़े। वह भी बाहर निकलकर उनके साथ घटना स्थल की ओर गई तो चारों तरफ सड़क पर खून, कटे अंग, शव पड़े थे। उन्होंने छोटे बच्चों को घर से बाहर नहीं आने को कहा। गीता ने बताया कि हादसे के चलते वह रात को न तो सही से सो सकीं और नहीं खाना खा सकीं। गीता ने बताया कि सबसे पहले पुलिस एवं सेना के जवान घटना स्थल पर पहुंचे। अब भी बच्चे घटना स्थल के पास जाने से डर रहे हैं।
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यहीं हाल चंद्रा ऐरी, आरती चंद आदि का भी है। भरत चंद ने बताया कि हादसा होते ही चीख-पुकार सुनकर वे जैसे सड़क पर आए तो उनके पैर जाम हो गए। इसके बाद उन्होंने भी सेना के जवानों के साथ राहत कार्य में हाथ बटाया, लेकिन मंजर याद आते ही उनके शरीर में कंपन सी आ रही है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी घटना स्थल के आसपास एक साल में आधा दर्जन दुर्घटनाएं हो चुकी है, लेकिन इस तरह का मंजर पहली बार देखा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण दिन में भी घटना स्थल के पास जाने से डर रहे हैं।
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ग्रामीणों ने उठाई घटना स्थल के पास शिव मंदिर बनाने की मांग
टनकपुर (चंपावत)। विचई के लोगों ने घटना स्थल के पास मंदिर निर्माण कराने की मांग उठाई है। इसके लिए ग्रामीण घटना के दूसरे दिन शनिवार सुबह करीब नौ बजे घटना स्थल के पास सड़क किनारे एकत्रित हुए और उन्होंने मंदिर के लिए स्थान का चयन भी शुरू कर दिया। ग्रामीणों की बैठक में उक्त स्थान पर शिव मंदिर बनाने एवं इसके लिए धन की व्यवस्था कराने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने बताया कि अब जरूरी हो गया है कि घटना स्थल के पास सड़क किनारे शिव मंदिर बनाया जाए। बताया कि घटना स्थल के आसपास एक साल में अब तक छह सड़क हादसे हो चुके हैं, इसमें डिग्री कॉलेज के लिपिक भरतराज ओझा, गांव के लच्छी चंद, सुरेश चंद, कु. दिशा एवं दिशा भी सड़क हादसे में घायल हुए थे, जबकि इसी स्थान पर बस से गिरकर एक नेपाली नागरिक की मौत हुई थी। ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद शुक्रवार शाम घटना स्थल का मुआयना करने आए विधायक कैलाश गहतोड़ी, आईजी पूरन सिंह रावत, डीएम डॉ. अहमद इकबाल एवं एसपी धीरेंद्र सिंह गुंज्याल के समक्ष भी मंदिर निर्माण की मांग उठाई गई। इस दौरान मोहन चंद, जगत चंद, गोपाल चंद, आनंद जोशी, धर्म सिंह मेहता, पुष्कर सिंह मेहता, जितेंद्र चंद, गीता चंद, राधा देवी, माया देवी, हीरा, नंदी देवी, गीता देवी, आरती चंद आदि मौजूद थे।