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पुल्ला के ग्रामीणों का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 03 Feb 2016 10:40 PM IST
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जिले के सीमांत पुल्ला के ग्रामीणों ने पेयजल समस्या के समाधान की मांग को लेकर जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन कर डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा। ग्रामीणों ने कहा पेयजल सुविधा की कमी के कारण क्षेत्र में कोई भी सरकारी कर्मचारी रहना नहीं चाहता है।
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पुल्ला कस्बे में जल संस्थान की ओर से छह हैंडपंप लगाए गए हैं, लेकिन उन छह हैंडपंपों में से केवल दो ही चालू हालात में हैं। इन हैंडपंपों का पानी गंदा होने के कारण ग्रामीण इसे पेयजल के रूप में इस्तेमाल नहीं करते हैं। पीने के पानी के लिए यहां के ग्रामीण पूरी तरह से प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं। ग्रामीणों ने बताया पुल्ला कस्बे में कई सरकारी कार्यालय, स्कूल, बैंक, अस्पताल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। पेयजल सुविधा न होने से सरकारी कर्मचारी कस्बे में रहना नहीं चाहते।
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प्राकृतिक जल स्रोतों से पीने का पानी जुटाने के लिए उन्हें रात रात भर जागरण करना पड़ता है। विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के सहयोग से ट्यूबवेल की बोरिंग तो की गई है लेकिन आगे की कार्रवाई ठप है। प्रदर्शन करने और ज्ञापन देने वालों में पूरन सिंह, गिरीश चंद्र, सूरज सिंह, रवि वर्मा, श्रवण नाथ, प्रताप सिंह, मयंक सिंह, विनोद सिंह, रमेश चंद्र उप्रेती, कलावती, प्रहलाद सिंह, दुर्गा राम आदि ग्रामीण शामिल रहे।
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छीड़ाखाल में उप तहसील मुख्यालय की मांग
गुमदेश क्षेत्र के ग्रामीणों ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर नवसृजित गुमदेश उप तहसील का मुख्यालय शासनादेश के अनुरूप छीड़ाखाल में ही बनाया जाने की मांग उठाई है। कहा गया कि कुछ लोग गुमदेश संघर्ष समिति के नाम पर उप तहसील मुख्यालय को किमतोली ले जाने का दबाव बना रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यालय की स्थापना अन्यत्र किए जाने पर ग्रामीण उग्र आंदोलन को विवश होंगे। ज्ञापन में क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।