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35 घंटे बाद खुली पहाड़ की लाइफ लाइन, लेकिन आवाजाही अब भी जोखिमभरी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 12:04 AM IST
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The lifeline of the mountain opened after 35 hours, but the movement is still dangerous
राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने पर स्वांला के पास फंसे लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने की अपील करते पुल - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। मंगलवार सुबह आठ बजे से बंद टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पूरे 35 घंटे बाद खुल सका। इसी के साथ पहाड़ और मैदान का सड़क संपर्क शुरू हुआ। स्वांला और धौन के पास का मलबा हटने के बाद बुधवार शाम सात बजे आवागमन सुचारु हो सका। इसी के साथ फंसे लोगों ने राहत की सांस ली। अब भी इस राजमार्ग पर आवाजाही कठौल, चल्थी, स्वांला और धौन समेत चार जगहों पर खतरनाक बनी हुई है। वहीं चंपावत जिले के 18 ग्रामीण सड़कें भी बंद हैं।
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मार्ग बंद होने से सब्जियों की कीमतों में बुधवार को 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई। इससे पहले चंपावत में फंसी रोडवेज की 13 बसों और अन्य वाहनों को बुधवार सुबह देवीधुरा होते हुए हल्द्वानी और दूसरे मैदानी मार्गों को भेजा गया। मंगलवार से चल्थी, कठौल, स्वांला, धौन के पास भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा गिरा। छह जेसीबी और पोकलैंड लगाकर राष्ट्रीय राजमार्ग खंड बुधवार शाम को सड़क से मलबे को हटाने में कामयाब रहा। इससे पहले एसडीएम अनिल गर्ब्याल, डीडीएमओ मनोज पांडेय के नेतृत्व में प्रशासनिक दल ने मौके पर पहुंचकर तेजी से खुलवाने और फंसे लोगों को राहत पहुंचाने का काम किया। प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों ने खाने और जरूरी व्यवस्था की गई। डीएम विनीत तोमर ने बताया कि मार्ग बंद होने के दौरान वाहनों को बनलेख और टनकपुर में ककरालीगेट में ही रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
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लोहाघाट से देवीधुरा होते हुए गई रोडवेज की पांच बसें
लोहाघाट (चंपावत)। मंगलवार से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित होने से रोडवेज को सात लाख रुपये का नुकसान हुआ। मंगलवार को एक भी बस संचालित नहीं हुई। जबकि बुधवार को देवीधुरा होते हुए विभिन्न मार्गो में पांच बसों का संचालन किया गया। एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि बुधवार को देवीधुरा होते हुए देहरादून, गुरुग्राम, दिल्ली, नैनीताल, हल्द्वानी के लिए बस भेजी गई। जबकि मंगलवार को मैदानी क्षेत्रों के लिए रवाना हुई बसें मार्ग बाधित होने के चलते चंपावत से वापस लौट आई थी।
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स्वांला में फंसे यात्रियों की मदद की
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आने से मंगलवार से स्वांला में फंसे लोगों के लिए देवभूमि पलायन एवं बेरोजगारी उन्मूलन समिति के अध्यक्ष अनिल जोशी के नेतृत्व में कई लोगों ने मदद को हाथ बढ़ाए। राज्य आंदोलनकारी संगठन जिला सचिव राजू गड़कोटी की ओर से अपने सहयोगियों के जरिये की गई जलपान व्यवस्था से यात्रियों ने राहत की सांस ली। चल्थी चौकी प्रभारी एसआई हेमंत कठैत ने देर रात फंसे लोगों के लिए उजाले की व्यवस्था कराई। बुधवार सुबह यात्रियों और उनके बच्चों को भोजन की दिक्कत की जानकारी सामने आने पर क्षेत्र के युवाओं एवं जनप्रतिनिधियों से सहयोग करने की अपील की। प्रधान ललित भट्ट, बीडीसी रमेश भट्ट, विनोद भट्ट, घनश्याम भट्ट, टीकाराम भट्ट, अवतार बिष्ट, नरेश भट्ट आदि ने तीन किमी तक फंसे 300 यात्रियों को जूस, बिस्किट और नमकीन बांटी। संवाद
चंपावत में फंसे लोगों को रैनबसेरा में मिली राहत
चंपावत। मंगलवार की रात चंपावत में फंसे लोगों को प्रशासन ने यहां रैनबसेरा में रुकाया। तहसीलदार ज्योति धपवाल ने मौके पर पहुंचकर भोजन, बिस्तर, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं कराई। वहीं चंपावत रोडवेज स्टेशन में मंगलवार रात और बुधवार सुबह व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष प्रकाश तिवारी, नगर अध्यक्ष विजय चौधरी, महामंत्री नवल जोशी, एडवोकेट विद्यासागर जोशी, सभासद रोहित बिष्ट, डॉ. यशवंत बोरा आदि ने फंसे यात्रियों को नाश्ता, खाना और स्टेशन में सोने के लिए बिस्तर की व्यवस्था की।
टनकपुर-अस्कोट पैदल मार्ग में भूकटाव से बढ़ा खतरा
चंपावत। जिला मुख्यालय में भारी बारिश के कारण टनकपुर-अस्कोट पैदल मार्ग को काफी नुकसान पहुंचा है। लोक निर्माण विभाग की ओर से संरक्षित पैदल मार्ग में छतार से तिलौन के बीच में पैदल मार्ग में भूकटाव से आसपास के आवासीय मकानों को गंभीर खतरा हो गया है। सूबेदार मेजर बीडी शर्मा ने लोनिवि से तत्काल क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत कर आवासीय भवन की सुरक्षा के लिए दीवार बनाए जाने की मांग उठाई है। (संवाद)

चंपावत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की बंद 18 सड़कें
बिरगुल-गोली, जोस्यूड़ा-मिर्तोली, ठुलीगाड़-भैरव मंदिर, असलाड़-पासम, धूनाघाट-बरमतोला, मूलाकोट-कांडे-भुइयां, पटनगांव-कजीना-पुनौली, रीठाखाल-मनटांडे, तड़ीगांव-इंद्रपुरी, बाराकोट-कोठेरा, बाराकोट-पुनई, रीठा साहिब-रमक, बाराकोट-सिमलखेत-पड़ासोसेरा, डूंगराबोरा-चकसिलकोट, स्याला-पोथ, एसएस 9-खटोली मल्ली, धौन-सल्ली और डूंगराबोरा-कायल-मटियानी।

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग खुलने पर बुधवार शाम चंपावत को आती रोडवेज बस।

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग खुलने पर बुधवार शाम चंपावत को आती रोडवेज बस।- फोटो : CHAMPAWAT

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर धौन के पा गिर रहा मलबा और फंसे वाहन।

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर धौन के पा गिर रहा मलबा और फंसे वाहन।- फोटो : CHAMPAWAT

स्वांला में फंसे लोगों को खाद्य सामग्री बांटते स्थानीय युवक। फोटो: विज्ञप्ति

स्वांला में फंसे लोगों को खाद्य सामग्री बांटते स्थानीय युवक। फोटो: विज्ञप्ति- फोटो : CHAMPAWAT

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