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Champawat News: प्रदेश में महकेगी चंपावत के आंचल दूध की छुरपी की महक

Sun, 24 Aug 2025 10:02 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Sun, 24 Aug 2025 10:02 PM IST
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The fragrance of the milk chhurpi of Champawat's Aanchal will spread in the state
चंपावत के हिमालयन बाॅस्केट प्राइवेट लिमिटेड मुड़ियानी में ​यूके के प्रतिनि​धि का स्वागत करते कं
चंपावत। जिले के मुड़ियानी में हिमालयन बाॅस्केट कंपनी में बनने वाली छुरपी यूनाइटेड किंगडम में महकेगी। इंग्लैंड की असिस्ट पेड कंपनी ने चंपावत में आंचल दूध से बनने वाली छुरपी के आयात की सहमति दी है। इससे भविष्य में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद बढ़ गई है।
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असिस्ट पेट केयर कंपनी प्रोजेक्ट लीडर स्टीव हिल्स के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने हिमालयन बाॅस्केट प्राइवेट लिमिटेड का दौरा किया।अधिकारियों ने कंपनी की उत्पादन इकाई का निरीक्षण किया और भविष्य में संयुक्त व्यवसाय की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। कंपनी के निदेशक सुमित थपलियाल ने कहा कि विदेशी सहयोग से चंपावत में उत्पादित छुरपी को वैश्विक पहचान मिलेगी और स्थानीय दुग्ध उत्पादकों और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर बनेंगे। बता दें कि वर्तमान में चंपावत में बनने वाली छुरपी अमेरिका और यूरोप भेजी जा रही है। इसका वहां पर डॉग फूड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। कंपनी में पहुंचे विदेशी प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक तरीके से स्वागत और सम्मान किया गया। संवाद
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2021 से हो रहा उत्पादन
युवा उद्यमी सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुमित थपलियाल ने पत्नी स्नेहा थपलियाल के साथ वर्ष 2021 में चंपावत में छुरपी उत्पादन की शुरुआत की। हिमालयन बास्केट कंपनी के नाम खोली और खर्ककार्की में छह लोगों को रोजगार देकर छुरपी उत्पादन शुरू किया।
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मांग बढ़ने लगी तो फिर बड़े स्तर पर इसका उत्पादन किया। वर्ष 2024 में अपनी कंपनी को विस्तार दिया और 40 लोगों का रोजगार उपलब्ध कराया। प्रोडक्शन मैनेजर आयुष ओली ने बताया कि वर्तमान में आंचल डेयरी से आठ हजार लीटर दूध लिया जा रहा है। इससे प्रतिदिन 320 किलो छुरपी बनाई जाती है। एक महीने में करीब 10 टन छुरपी निर्मित की जाती है। इसे एक विशेष वाहन से बेंगलुरू भेजा जाता है। यहां से फिर छुरपी विदेश भेजी जाती है।
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