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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   The expected budget of the mountain crashing

रेल बजट ने की पहाड़ की उम्मीद धड़ाम

Thu, 25 Feb 2016 10:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Thu, 25 Feb 2016 10:50 PM IST
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रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा पेश रेल बजट पहाड़ के लोगों को खास नहीं भाया। ज्यादातर लोगों ने रेल बजट को निराशाजनक करार दिया। कहा कि टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का जिक्र नहीं करने से इस लाइन को लेकर उम्मीदें धराशायी हुई है।

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मायूस हुए लोग
चंपावत। कारोबारी उमेश खर्कवाल का कहना है कि रेल बजट से पहाड़ के लोग उम्मीद बांधे थे, मगर बजट ने पहाड़ ही नहीं, उत्तराखंड के लोगों को मायूस किया है। यहां के लिए कोई सौगात नहीं दी गई है।
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तकनीक से होगा लाभ
चंपावत। पूर्व दर्जा मंत्री शिवराज कठायत का कहना है कि रेल बजट में सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा पर खास ध्यान दिया गया है। नवीनतम तकनीक का उपयोग कर आम मुसाफिरों को परेशानियों से बचाने की कोशिश की जा रही है।
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अब तक का बेकार बजट
बनबसा। जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष बहादुर सिंह पाटनी का कहना है कि उत्तराखंड के लिए रेल बजट में कोई घोषणा नहीं किया जाना क्षेत्र की उपेक्षा है। उन्होंने रेल बजट को अब तक का सबसे निराशाजनक बजट बताया है।

निम्न तबकों की हुई अनदेखी
बनबसा। अंबेडकर ग्राम फागपुर की प्रधान गीता देवी का कहना है कि महिला सुविधा, सुरक्षा के इंतजामों पर नई पहल की कमी से लेकर निर्धन वर्ग के सफर की उपेक्षा की गई है।

रेल बजट ने फेरा पानी
बनबसा। जिला पंचायत सदस्य ऊषा गुरुंग का कहना है कि अलग से महिलाओं के लिए कोच बढ़ाने और महिला सुरक्षा इंतजामों पर बजट में कुछ खास नहीं किया गया है।

उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा बजट
बनबसा। पूर्व व्यापार मंडल उपाध्यक्ष राजेंद्र पाल सिंह ने सुरेश प्रभु के रेल बजट को निर्धन विरोधी बताया। कहा कि सुविधाओं की कमी, अप्रत्यक्ष रूप से किराए और मालभाड़े में बढ़ोतरी के चलते यह उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है।

संतुलित है रेल बजट
बनबसा। भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष कमलेश भट्ट का कहना है कि हालांकि उत्तराखंड के लिए कोई योजना न होने के बावजूद कुल मिलाकर रेल बजट संतुलित है।

उत्तराखंड के लिए कुछ नहीं
बनबसा। पूर्व प्रधान निर्मला मौनी ने कहा कि रेल बजट में उत्तराखंड की पूरी तरह हुई अनदेखी हुई है। बजट से सांसदों की भी उपेक्षा की है।

संतुलित है रेल बजट
टनकपुर। होटल व्यवसायी विक्की कुमार का कहना है प्रभु का रेल बजट संतुलित है। किराया न बढ़ाने से आम जनता को राहत मिली है। महिलाओं और दिव्यांगों की सुविधाओं के लिए सरकार ने अहम कदम उठाए हैं।

जनता का बजट है
टनकपुर। बुजुर्ग व्यापारी अमृतपाल सिंह रेज बजट को जनता का बजट बताते हैं। उनका कहना है बजट में बुजुर्गों की सुविधा पर भी ध्यान दिया गया है। हर ट्रेन में उनके लिए 120 बर्थ आरक्षित किए जाने से रेल सफर में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

बजट ने यहां के लोगों को निराश किया
टनकपुर। व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव आर्य ने कहा बजट में उत्तराखंड के लिए कोई घोषणा नहीं की गई है। बजट ने यहां के लोगों को निराश किया है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर रेल सेवा को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। यात्री किराया और माल भाड़ा नहीं बढ़ाने से आम व्यक्ति और व्यापारियों को राहत देने वाला बजट पेश किया गया है।

महिलाओं के लिए घोषणा अच्छा कदम
टनकपुर। संगीत शिक्षिका शम्मी कोहली बजट में महिलाओं के लिए की गई घोषणाओं से खुश है। उनका कहना है हर कोच में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने से सफर के दौरान महिलाओं को होने वाली परेशानी कम होगी।

रेल बजट में महिलाओं, वृद्धों का ध्यान रखा
टनकपुर। महिला व्यवसायी विन्नी अग्रवाल ने कहा सरकार ने संतुलित रेल बजट पेश किया है। महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा, वृद्धों के लिए सुविधाओं को अहमियत दी गई है। वहीं ट्रेनों में साफ-सफाई के भी अहम कदम उठाए गए हैं।


जनता के अनुरूप है बजट
टनकपुर। समाज सेविका प्रतिभा अग्रवाल ने कहा रेल बजट आम जनता की उम्मीदों के अनुरूप पेश किया गया है। यात्री किराया न बढ़ाने से जनता को राहत मिली है। महिलाओं के लिए कोच में आरक्षण और सुरक्षात्मक कदम सराहनीय है। सीनियर सीटिजंस के लिए सीटों का आरक्षण देकर सरकार ने उन्हें सहूलियत दी है।

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