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Champawat News: 104 चालक-परिचालकों पर रोजी रोटी का संकट बढ़ा
Sun, 06 Oct 2024 10:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 06 Oct 2024 10:44 PM IST
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चंपावत। ऑलवेदर सड़क के कारण रोडवेज के संविदा, वायस रोज, चालक-परिचालकों पर रोजी रोटी का संकट आ गया है। लोहाघाट डिपो के करीब 104 संविदा चालक-परिचालक पिछले 35 दिनों से मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।
पिछले माह भारी बारिश के बाद ऑलवेदर सड़क पर जगह-जगह मलबा आने के कारण रोडवेज बसों का संचालन ठप हो गया था। इसके बाद स्वाला डेंजर जोन के चलते रोडवेज की यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं उतर पाई। इसके बाद रोडवेज वाया देवीधुरा बसों का संचालन तो किया लेकिन इसमें भी यात्री बमुश्किल मिले। वर्तमान में दो बसों का संचालन डिपो कर रहा है। नियमित रूप से बसों का संचालन नहीं होने से रोडवेज में कार्यरत 14 एजेंसी, दो संविदा, 38 वायस रोज परिचालक और पांच एजेंसी, 32 संविदा, 20 वायस रोज चालकों के सामने रोजी रोटी का संकट गहरा गया है। नियमों के अनुसार उन्हें किमी के हिसाब से भुगतान किया जाता है। ऐसे में उनके लिए बड़ी मुश्किलें हो रही हैं। कई ऐसे हैं जो बाहर से आकर यहां किराये पर रहते हैं।
टनकपुर के फोरमैन सुरेश चंद्र पांडे ने बताया कि चालक को मैदानी क्षेत्र 3.21, पहाड़ में चलने का 3.71 और परिचालक को मैदान में चलने का 2.67, पहाड़ में 3.19 रुपये के हिसाब से प्रति किमी चलने का भुगतान किया जाता है।
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पिछले माह भारी बारिश के बाद ऑलवेदर सड़क पर जगह-जगह मलबा आने के कारण रोडवेज बसों का संचालन ठप हो गया था। इसके बाद स्वाला डेंजर जोन के चलते रोडवेज की यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं उतर पाई। इसके बाद रोडवेज वाया देवीधुरा बसों का संचालन तो किया लेकिन इसमें भी यात्री बमुश्किल मिले। वर्तमान में दो बसों का संचालन डिपो कर रहा है। नियमित रूप से बसों का संचालन नहीं होने से रोडवेज में कार्यरत 14 एजेंसी, दो संविदा, 38 वायस रोज परिचालक और पांच एजेंसी, 32 संविदा, 20 वायस रोज चालकों के सामने रोजी रोटी का संकट गहरा गया है। नियमों के अनुसार उन्हें किमी के हिसाब से भुगतान किया जाता है। ऐसे में उनके लिए बड़ी मुश्किलें हो रही हैं। कई ऐसे हैं जो बाहर से आकर यहां किराये पर रहते हैं।
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टनकपुर के फोरमैन सुरेश चंद्र पांडे ने बताया कि चालक को मैदानी क्षेत्र 3.21, पहाड़ में चलने का 3.71 और परिचालक को मैदान में चलने का 2.67, पहाड़ में 3.19 रुपये के हिसाब से प्रति किमी चलने का भुगतान किया जाता है।
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