फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   The baby was born dead on the heavily harvested furore

मरा शिशु पैदा होने पर जमकर काटा हंगामा

Mon, 27 Apr 2015 10:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला/चंपावत Updated Mon, 27 Apr 2015 10:37 PM IST
विज्ञापन

पीपीपी मोड के अस्पताल में मरा हुआ शिशु पैदा होने पर लोगों ने सोमवार को जमकर हंगामा करने के साथ यूनिट हेड और रेडियोलाजिस्ट का घेराव कर विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना था कि पूर्व में कराए गए अल्ट्रासाउंड में शिशु के स्वस्थ होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन जब डिलीवरी हुई तो बच्चा मरा पैदा हुआ। 20 अप्रैल को सुशीला तिवारी अस्पताल में भी मरे नवजात को गर्भ से गला काटकर निकालने को लेकर लोगों ने हंगामा किया था।

विज्ञापन


हथरंगिया के राकेश कुमार ने अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर उसे रविवार को अस्पताल में भर्ती कराया था। प्रसूति रोग विशेषज्ञ की देखरेख में महिला ने जब बच्चे को जन्म दिया तो वह मरा हुआ था।  परिजनों के साथ ही नवीन राय, गोविंद  वर्मा, सचिन जोशी, निक्कू जोशी, गोविंद बोहरा आदि लोगों को इस बात की जानकारी हुई तो वह भड़क गए और अस्पताल में जमकर हंगामा किया। उनका कहना था कि 13 दिन पूर्व 13 अप्रैल को जब अल्ट्रासाउंड में बच्चा सही बताया गया था। नागरिकों ने पीपीपी मोड की व्यवस्था समाप्त करने की मांग दोहराई।  यूनिट हेड डा. रवि सिन्हा का कहना है कि महिला डाक्टर के कथन से गलतफहमी पैदा हो गई, बच्चा सड़ा हुआ नहीं था।
विज्ञापन


पांच सदस्यीय पैनल करेगा जांच
लोहाघाट (चंपावत)।  सीएमओ डा. प्रवीण कुमार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए डाक्टरों के पांच सदस्यीय पैनल से इस मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है। सीएमओ ने फोन पर देहरादून से बताया कि वह मंगलवार तक चंपावत पहुंचने के बाद डाक्टरों का पैनल गठित करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed