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अफीम तस्करी के मामले में आरोपी को दस साल सश्रम कारावास
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चंपावत। विशेष एवं सत्र न्यायाधीश आशीष नैथानी ने चरस और अफीम तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास और एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर सश्रम कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पाटी पुलिस ने 27 नवंबर 2015 को गर्सलेख के पास बाइक सवार थाना खटीमा, जिला ऊधमसिंह नगर के गौटिया, इस्लामनगर निवासी रियाजुद्दीन और अकरम के कब्जे से चार किग्रा चरस बरामद कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनील खर्कवाल ने पैरवी की। उधर, दूसरे मामले में 19 जुलाई 2017 को मानव तस्करी विरोधी इकाई की प्रभारी मंजू पांडेय ने शारदा बैराज क्षेत्र में नियमित चेकिंग के दौरान स्कूटी सवार मोहन बहादुर पाल निवासी चक्की बाजार, जिला कंचनपुर, नेपाल को रोका। तलाशी लेेने पर उसके पास से चार किलो अफीम बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 18 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
शनिवार को सत्र न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं की दलीलों, पुलिस अभिलेख और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनील खर्कवाल ने पैरवी की।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशीष नैथानी ने चरस और अफीम की तस्करी के तीनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर दोषियों को एक-एक साल की सश्रम अतिरिक्त कारावास की सजा भोगनी पड़ेगी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार पाटी पुलिस ने 27 नवंबर 2015 को गर्सलेख के पास बाइक सवार थाना खटीमा, जिला ऊधमसिंह नगर के गौटिया, इस्लामनगर निवासी रियाजुद्दीन और अकरम के कब्जे से चार किग्रा चरस बरामद कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनील खर्कवाल ने पैरवी की। उधर, दूसरे मामले में 19 जुलाई 2017 को मानव तस्करी विरोधी इकाई की प्रभारी मंजू पांडेय ने शारदा बैराज क्षेत्र में नियमित चेकिंग के दौरान स्कूटी सवार मोहन बहादुर पाल निवासी चक्की बाजार, जिला कंचनपुर, नेपाल को रोका। तलाशी लेेने पर उसके पास से चार किलो अफीम बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 18 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
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शनिवार को सत्र न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं की दलीलों, पुलिस अभिलेख और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनील खर्कवाल ने पैरवी की।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशीष नैथानी ने चरस और अफीम की तस्करी के तीनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर दोषियों को एक-एक साल की सश्रम अतिरिक्त कारावास की सजा भोगनी पड़ेगी।