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प्रसिद्ध नरसिंह श्रमदान से बनने लगा नरसिंह मंदिर
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खेतीखान के पास कालूखांण एड़ी गुरौली में नरसिंह मंदिर के पुनर्निर्माण कार्य में श्रमदान करते ग्र
- फोटो : CHAMPAWAT
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प्रसिद्ध नरसिंह मंदिर के निर्माण को शुरू हुआ श्रमदान
खेतीखान के पास कालूखांण में है यह प्रसिद्ध मंदिर, ग्रामीणों ने लिया सरकारी निधि न लेने का निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत। खेतीखान के नजदीक कालूखांण के प्रसिद्ध नरसिंह मंदिर के पुनर्निर्माण का काम शुरू हो गया है। यह पूरा काम क्षेत्र के लोग श्रमदान और आपसी सहयोग से कर रहे हैं। ग्रामीणों ने तय किया कि मंदिर के काम में किसी भी तरह की विधायक या सांसद निधि की मदद नहीं ली जाएगी।
खेतीखान और आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए नरसिंह मंदिर अनन्य आस्था का केंद्र है। तय किया गया कि पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार कर इसे खूबसूरत स्वरूप दिया जाएगा। मंदिर कमेटी और ग्रामीणों ने पुराने मंदिर को तोड़ने का काम श्रमदान से शुरू कर दिया है। मंदिर कमेटी अध्यक्ष गोविंद बल्लभ पंगरिया ने बताया कि मंदिर के भवन का खर्च और अन्य तमाम खर्च क्षेत्र के लोग वहन करेंगे। श्रमदान में पूर्व ब्लाक उप प्रमुख गोपाल मनराल, सतीश, मुकेश, संजय, सुरेंद्र बोहरा, जगन्नाथ, सुमित कलखुड़िया सहित क्षेत्र के तमाम ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं।
फोटो 05 सीपीटी 02पी व 03पी
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खेतीखान के पास कालूखांण में है यह प्रसिद्ध मंदिर, ग्रामीणों ने लिया सरकारी निधि न लेने का निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत। खेतीखान के नजदीक कालूखांण के प्रसिद्ध नरसिंह मंदिर के पुनर्निर्माण का काम शुरू हो गया है। यह पूरा काम क्षेत्र के लोग श्रमदान और आपसी सहयोग से कर रहे हैं। ग्रामीणों ने तय किया कि मंदिर के काम में किसी भी तरह की विधायक या सांसद निधि की मदद नहीं ली जाएगी।
खेतीखान और आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए नरसिंह मंदिर अनन्य आस्था का केंद्र है। तय किया गया कि पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार कर इसे खूबसूरत स्वरूप दिया जाएगा। मंदिर कमेटी और ग्रामीणों ने पुराने मंदिर को तोड़ने का काम श्रमदान से शुरू कर दिया है। मंदिर कमेटी अध्यक्ष गोविंद बल्लभ पंगरिया ने बताया कि मंदिर के भवन का खर्च और अन्य तमाम खर्च क्षेत्र के लोग वहन करेंगे। श्रमदान में पूर्व ब्लाक उप प्रमुख गोपाल मनराल, सतीश, मुकेश, संजय, सुरेंद्र बोहरा, जगन्नाथ, सुमित कलखुड़िया सहित क्षेत्र के तमाम ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं।
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फोटो 05 सीपीटी 02पी व 03पी