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Champawat News: दो मोबाइल के लिए की थी किशोर की हत्या, अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा
Wed, 28 May 2025 10:13 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 28 May 2025 10:13 PM IST
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चंपावत। विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत ने संजीव कुमार (17) की हत्या के आठ साल पुराने मामले में दोषी प्रीतम सिंह (34) को आजीवन कारावास और 2.10 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
रुद्रपुर की आदर्श काॅलोनी निवासी धर्मवीर सिंह ने मई 2017 में टनकपुर थाने में तहरीर सौंपकर कहा था कि उनके दो बेटे, परिवार के सदस्य और कुछ अन्य लोग बस से मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए गए थे। छोटा बेटा संजीव कुमार भैरव मंदिर के पास भोजन करने के बाद आगे चला गया था। दर्शन के बाद सभी नीचे आ गए थे लेकिन संजीव का कहीं पता नहीं चला। फोन करने पर उसके दोनों मोबाइल बंद थे। सीसीटीवी में उसे दर्शनों के लिए आते-जाते देखा गया।
सर्विलांस की मदद से प्रीतम सिंह (34) निवासी ठूलकोट, उप तहसील मंच तामली, जिला चंपावत की संलिप्तता पाई गई। अभियुक्त को चार सितंबर 2018 को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर घटना के 14 माह बाद आठ सितंबर को हनुमान चट्टी से चार किमी नीचे गधेरे में रेत से दबा किशोर का शव बरामद हुआ। बरामद हुईं 22 हड्डियों, कपड़ों और डीएनए जांच से कंकाल संजीव का होने की पुष्टि हुई।
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पूछताछ में अभियुक्त ने बताया था कि वह हनुमान चट्टी के पास श्रद्धालुओं को खीरे बेचता था। संजीव ने उससे पूर्णागिरि मंदिर से नीचे उतरने के लिए शाॅर्टकट रास्ता पूछा था। उसके पास दो मोबाइल देखकर प्रीतम को लालच आ गया और शॉर्टकट रास्ता दिखाने के लिए वह उसे दुर्गम पहाड़ी की तरफ ले गया। वहां मौका देखकर उसने किशोर को धक्का दे दिया। इतना ही नहीं, पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी और शव को रेत में दबा दिया था। एक मोबाइल उसने टनकपुर में मोबाइल की दुकान चलाने वाले को एक हजार और दूसरे फोन को चल्थी निवासी गिरधर को 600 रुपये में बेच दिया था।
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रुद्रपुर की आदर्श काॅलोनी निवासी धर्मवीर सिंह ने मई 2017 में टनकपुर थाने में तहरीर सौंपकर कहा था कि उनके दो बेटे, परिवार के सदस्य और कुछ अन्य लोग बस से मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए गए थे। छोटा बेटा संजीव कुमार भैरव मंदिर के पास भोजन करने के बाद आगे चला गया था। दर्शन के बाद सभी नीचे आ गए थे लेकिन संजीव का कहीं पता नहीं चला। फोन करने पर उसके दोनों मोबाइल बंद थे। सीसीटीवी में उसे दर्शनों के लिए आते-जाते देखा गया।
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सर्विलांस की मदद से प्रीतम सिंह (34) निवासी ठूलकोट, उप तहसील मंच तामली, जिला चंपावत की संलिप्तता पाई गई। अभियुक्त को चार सितंबर 2018 को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर घटना के 14 माह बाद आठ सितंबर को हनुमान चट्टी से चार किमी नीचे गधेरे में रेत से दबा किशोर का शव बरामद हुआ। बरामद हुईं 22 हड्डियों, कपड़ों और डीएनए जांच से कंकाल संजीव का होने की पुष्टि हुई।
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पूछताछ में अभियुक्त ने बताया था कि वह हनुमान चट्टी के पास श्रद्धालुओं को खीरे बेचता था। संजीव ने उससे पूर्णागिरि मंदिर से नीचे उतरने के लिए शाॅर्टकट रास्ता पूछा था। उसके पास दो मोबाइल देखकर प्रीतम को लालच आ गया और शॉर्टकट रास्ता दिखाने के लिए वह उसे दुर्गम पहाड़ी की तरफ ले गया। वहां मौका देखकर उसने किशोर को धक्का दे दिया। इतना ही नहीं, पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी और शव को रेत में दबा दिया था। एक मोबाइल उसने टनकपुर में मोबाइल की दुकान चलाने वाले को एक हजार और दूसरे फोन को चल्थी निवासी गिरधर को 600 रुपये में बेच दिया था।