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ट्रंचिंग ग्राउंड के प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करेगी तकनीकी टीम
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डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय।
- फोटो : CHAMPAWAT
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अमर उजाला की ओर से पांच जनवरी से शुरू किए गए ट्रंचिंग ग्राउंड अभियान का बड़ा असर हुआ है। जिला प्रशासन ट्रंचिंग ग्राउंड को लेकर हरकत में आया है। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि चंपावत के ट्रंचिंग ग्राउंड भूमि के मुआयने के लिए टीम को बुलाया जाएगा। यह टीम चार सप्ताह के भीतर स्थल का निरीक्षण करेगी।
चंपावत जिले में चार नगर निकाय हैं । अभी एक भी जगह ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं बन सका है। सिर्फ लोहाघाट में ही ट्रंचिंग ग्राउंड निर्माणाधीन है, मगर बजट की कमी और ग्रामीणों के विरोध के चलते यहां भी काम में कई बार अड़चन आई। जिला मुख्यालय चंपावत और सबसे अधिक आबादी वाली नगर पालिका टनकपुर व बनबसा नगर पंचायत क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण कामचलाऊ तौर पर होता है।
चंपावत में खेतीखान मोटर मार्ग के किनारे कूड़ा फेंका जाता है। इससे आवाजाही करने वालों को परेशानी के अलावा पर्यावरण पर भी असर पड़ता है। साथ ही नगर की खूबसूरती पर भी धब्बा लगता है। अलबत्ता अब जिला प्रशासन ने ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए वर्तमान कूड़ा स्थल के नजदीक की जमीन पर सहमति जताते हुए इस स्थल के मुआयने के लिए तकनीकी टीम का निरीक्षण करवाने का निर्णय लिया है।
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डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय का कहना है कि चंपावत के ट्रंचिंग ग्राउंड के मुआयने के बाद शहरी विकास विभाग को ट्रंचिंग ग्राउंड की डीपीआर (विस्तृत प्रगति रिपोर्ट) भेजी जाएगी। डीएम ने बताया कि चंपावत के बाद टनकपुर-बनबसा क्षेत्र के कूड़े निस्तारण के लिए जल्द से जल्द ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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चंपावत जिले में चार नगर निकाय हैं । अभी एक भी जगह ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं बन सका है। सिर्फ लोहाघाट में ही ट्रंचिंग ग्राउंड निर्माणाधीन है, मगर बजट की कमी और ग्रामीणों के विरोध के चलते यहां भी काम में कई बार अड़चन आई। जिला मुख्यालय चंपावत और सबसे अधिक आबादी वाली नगर पालिका टनकपुर व बनबसा नगर पंचायत क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण कामचलाऊ तौर पर होता है।
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चंपावत में खेतीखान मोटर मार्ग के किनारे कूड़ा फेंका जाता है। इससे आवाजाही करने वालों को परेशानी के अलावा पर्यावरण पर भी असर पड़ता है। साथ ही नगर की खूबसूरती पर भी धब्बा लगता है। अलबत्ता अब जिला प्रशासन ने ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए वर्तमान कूड़ा स्थल के नजदीक की जमीन पर सहमति जताते हुए इस स्थल के मुआयने के लिए तकनीकी टीम का निरीक्षण करवाने का निर्णय लिया है।
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डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय का कहना है कि चंपावत के ट्रंचिंग ग्राउंड के मुआयने के बाद शहरी विकास विभाग को ट्रंचिंग ग्राउंड की डीपीआर (विस्तृत प्रगति रिपोर्ट) भेजी जाएगी। डीएम ने बताया कि चंपावत के बाद टनकपुर-बनबसा क्षेत्र के कूड़े निस्तारण के लिए जल्द से जल्द ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने का प्रयास किया जाएगा।