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Champawat News: खुद बीमार है टनकपुर का ट्रामा सेंटर

Fri, 06 Oct 2023 11:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Fri, 06 Oct 2023 11:37 PM IST
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Tanakpur Trauma Center itself is ill
टनकपुर के ट्रॉमा सेंटर में बने डीडीआरसी में वि​शिष्ट ​दिव्यांगता आईडी बनाती केंद्र की प्रतिनि​​
टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर के ट्रॉमा सेंटर (आपातकालीन चिकित्सा सुविधा केंद्र) में पांच साल में एक भी व्यक्ति काे इलाज नहीं मिला। उपकरण और स्टाफ नहीं होने से इनका संचालन नहीं हो सका है। इस साल अप्रैल से इसे डीडीआरसी (जिला दिव्यांग राहत केंद्र) में तब्दील कर दिया गया है। इस केंद्र पर यूडीआईडी (विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र) बनाने सहित दिव्यांगों से संबंधित काम किया जा रहा है।
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केंद्र के काम करने से मैदानी क्षेत्र के लोगों को 75 किमी दूर चंपावत जाने से राहत मिल रही है। मगर ट्रामा सेंटर का संचालन नहीं होने से मरीजों को खासी दिक्कतें हो रही हैं। डीडीआरसी को संचालित करने वाली अनमोल संस्था के प्रभारी सतीश चौहान का कहना है कि अप्रैल से अब तक 4400 यूडीआईडी कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके अलावा दिव्यांगों की क्षमता बढ़ाने और उपकरण दिलाने में भी यहां से मदद दी जा रही है।
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दो करोड़ रुपये से बने दोनों ट्रॉमा सेंटर किसी काम के नहीं
टनकपुर (चंपावत)। 2.02 करोड़ रुपये से बने जिले के दोनों (टनकपुर और लोहाघाट) ट्रॉमा सेंटर किसी काम के नहीं है। इन केंद्रों में न उपकरण हैं और न ही विशेषज्ञ डॉक्टर। दुर्घटनाएं या अन्य किसी तरह की आकस्मिक जरूरत पर इन केंद्रों से कोई इलाज नहीं मिलता है। इसी साल 23 मार्च को पूर्णागिरि मेले में हुए बस हादसे के दो घायलों को भी वक्त पर इलाज नहीं मिलने से जान गंवानी पड़ी थी।
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लोहाघाट का ट्रॉमा सेंटर ओपीडी के इलाज के काम आ रहा है। डीडीआरसी बनाए जाने से पहले तक टनकपुर का केंद्र कोरोना टीकाकरण के उपयोग में लाया गया। 2018 से अब तक हायर सेंटर रेफर किए गए मामलों में इलाज में देरी से 139 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

कोट
ट्रॉमा सेंटर को डीडीआरसी को अस्थायी रूप से दिया गया है। जब भी इसके संचालन की स्थिति बनेगी उससे सेंटर को वापस ले लिया जाएगा। ट्रॉमा सेंटर के संचालन की जिम्मेदारी संबंधित अस्पतालों की है। जल्द ही ऋषिकेश एम्स से एक टीम स्थलीय निरीक्षण कर टनकपुर के ट्रॉमा सेंटर के संचालन की संभावनाओं पर काम करेगी।
डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
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