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Champawat News: बरसात में पढ़ाई करना 39 स्कूलों में खतरे से खाली नहीं
Tue, 11 Jul 2023 10:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 11 Jul 2023 10:52 PM IST
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पाटी क्षेत्र का जर्जर स्कूल भवन। संवाद
चंपावत। जिले में 39 स्कूल ऐसे हैं जहां मानसून अवधि में पढ़ाई करना खतरे से खाली नहीं है। जर्जर भवन से लेकर नदी-नालों के आसपास वाले इन स्कूलों में हर पल खतरा रहता है। शिक्षा विभाग ने सर्वे के बाद जीर्णशीर्ण, भूस्खलन वाले क्षेत्र, नदी और गधेरे के नजदीक स्थित स्कूलों को इस श्रेणी में शामिल किया है।
स्कूल की क्षतिग्रस्त दीवार और छतों की दरार के कारण सबसे ज्यादा खतरा बरसात के सीजन में होता है। जिले के कुल 665 स्कूल भवन में से 39 के हाल ठीक नहीं है। इनमें 13 प्राथमिक, 10 जूनियर हाईस्कूल और 16 माध्यमिक स्कूल शामिल हैं। हालांकि शिक्षा विभाग ने अतिरिक्त व्यवस्था के साथ एहतियाती उपाय किए हैं।
इनसेट
चंपावत जिले के संवेदनशील स्कूल
प्राथमिक स्कूल : धरसों, कोट अमोड़ी, खिरद्वारी, पचपकरिया, गल्लागांव, वालिक, बांस बस्वाड़ी, परेवा, नौलियागांव, मनिहारगोठ, चंदनी, दुधौरी और स्वांला।
उच्च प्राथमिक स्कूल : उचौलीगोठ, छीनीगोठ, नरसिंहडांडा, सौंराई, बड़ोली, नीड़, सल्ली, मिरतोला, निलौटी और तलियाबांज।
माध्यमिक स्कूल : जानकीधार, दिगालीचौड़, टनकपुर, चल्थी, अमोड़ी, बिनवालगांव, देवीधुरा, मऊ, भजनपुर, सूखीढांग, गूंठगरसाड़ी, सिप्टी, डांडा ककनई, धौन, दियूरी और गैडाखाली।
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कोट
मानसून के मद्देनजर जिले के संवेदनशील भवन वाले स्कूलों में विशेष सावधानी बरती गई है। जीर्णशीर्ण कमरों में छात्र-छात्राओं को नहीं बैठाने, भारी बारिश होने पर अवकाश करने और जानकारी को साझा करने के लिए स्कूल के स्टाफ और अभिभावकों का वाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ऐसे भवनों की मरम्मत के लिए राशि की व्यवस्था की जा रही है। - आरसी पुरोहित, सीईओ, चंपावत।
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स्कूल की क्षतिग्रस्त दीवार और छतों की दरार के कारण सबसे ज्यादा खतरा बरसात के सीजन में होता है। जिले के कुल 665 स्कूल भवन में से 39 के हाल ठीक नहीं है। इनमें 13 प्राथमिक, 10 जूनियर हाईस्कूल और 16 माध्यमिक स्कूल शामिल हैं। हालांकि शिक्षा विभाग ने अतिरिक्त व्यवस्था के साथ एहतियाती उपाय किए हैं।
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इनसेट
चंपावत जिले के संवेदनशील स्कूल
प्राथमिक स्कूल : धरसों, कोट अमोड़ी, खिरद्वारी, पचपकरिया, गल्लागांव, वालिक, बांस बस्वाड़ी, परेवा, नौलियागांव, मनिहारगोठ, चंदनी, दुधौरी और स्वांला।
उच्च प्राथमिक स्कूल : उचौलीगोठ, छीनीगोठ, नरसिंहडांडा, सौंराई, बड़ोली, नीड़, सल्ली, मिरतोला, निलौटी और तलियाबांज।
माध्यमिक स्कूल : जानकीधार, दिगालीचौड़, टनकपुर, चल्थी, अमोड़ी, बिनवालगांव, देवीधुरा, मऊ, भजनपुर, सूखीढांग, गूंठगरसाड़ी, सिप्टी, डांडा ककनई, धौन, दियूरी और गैडाखाली।
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कोट
मानसून के मद्देनजर जिले के संवेदनशील भवन वाले स्कूलों में विशेष सावधानी बरती गई है। जीर्णशीर्ण कमरों में छात्र-छात्राओं को नहीं बैठाने, भारी बारिश होने पर अवकाश करने और जानकारी को साझा करने के लिए स्कूल के स्टाफ और अभिभावकों का वाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ऐसे भवनों की मरम्मत के लिए राशि की व्यवस्था की जा रही है। - आरसी पुरोहित, सीईओ, चंपावत।