फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Students raised question about relief centre

कुछ बोले, तो वापस देहरादून भेज देंगे...

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 05 May 2020 12:37 PM IST
विज्ञापन
Students raised question about relief centre
विधायक कैलाश गहतोडी़। - फोटो : AMAR UJALA
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। सरकार के आदेश के बाद देहरादून से चंपावत लाए गए 12 छात्रों को चंपावत के राहत केंद्र में भी राहत नहीं मिली। बोले, यहां रहने के ठिकाने के अलावा उन्हें कोई अन्य सुविधा नहीं मिली। न चाय, न नाश्ता न खाना। और तो और उनका तापमान तक नहीं नापा गया। तमाम अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाने पर प्रशासनिक अमला छात्रों को वापस देहरादून भेजने की धमकी दे रहा है। देहरादून में एमबीए और अन्य शिक्षण संस्थान में पढ़ रहे छात्र सौरभ तिवारी, ललित सिंह, मोहन जोशी, संजय देव, भैरव सिंह, सूरज भट्ट, दीपक सिंह, योगेश सिंह, पंकज भट्ट, राहुल बोहरा, भगवान देउपा व दिगराज देव सोमवार शाम 6 बजे चंपावत लाए गए। छात्र बताते हैं कि जिस बस से चंपावत लाए गए, उस बस में सोशल डिस्टेंसिंग का कतई पालन नहीं हुआ। 36 सीटर बस में चंपावत व पिथौरागढ़ के छात्र सवार थे। इनमें सवार चंपावत की चार छात्राओं को होम क्वारंटीन किया गया, जबकि चंपावत के 12 छात्रों को यहां रैनबसेरा के राहत केंद्र में रखा गया। छात्र बताते हैं कि सोमवार शाम छह बजे से मंगलवार सुबह 11 बजे तक उन्हें पूछने तक कोई नहीं आया। सोमवार की रात न तो खाना मिला और नहीं मंगलवार सुबह चाय या नाश्ता मिला। बाद में उनके घरों से खाना पहुंचाया गया। किसी तरह का चिकित्सकीय परीक्षण भी नहीं हुआ। यहां तक कि सेनेटाइज भी सुबह 11 बजे बाद ही किया गया। आरोप है कि अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाने पर प्रशासन के कुछ अफसर छात्रों को वापस देहरादून भेजने की धमकी तक दे रहे हैं। इधर एसडीएम अनिल गर्ब्याल का कहना है कि छात्रों को धमकाने का आरोप गलत है। अलबत्ता राहत केंद्र में रहने वाले चंपावत क्षेत्र के लोगों के भोजन की व्यवस्था उनके घरों से की जानी है। प्रशासन राहत केंद्र में रहने वाले सिर्फ बाहरी लोगों के लिए ही भोजन, चाय की व्यवस्था करेगा।
विज्ञापन
::- सुधारी जाएगी व्यवस्था -:: "कोरोना संक्रमण के किसी भी तरह के खतरे से बचने के लिए सभी सवाधानी बरती जा रही है। नियमित रूप से चिकित्सकीय परीक्षण के निर्देश दिए जा रहे हैं। व्यवस्था में और सुधार किया जाएगा।" -सुरेंद्र नारायण पांडेय, डीएम, चंपावत।
विज्ञापन
::- विधायक गहतोड़ी कराएंगे भोजन की व्यवस्था -:: चंपावत। दून से आए छात्रों के लिए भोजन की व्यवस्था प्रशासन द्वारा नहीं किए जाने के बाद अब चंपावत के विधायक ने पहल की है। विधायक कैलाश गहतोड़ी ने कहा कि वे इन छात्रों और राहत केंद्र में आने वाले लोगों के भोजन का प्रबंध खुद कराएंगे। छात्रों को हर तरह की दिक्कत से बचाया जाएगा। साथ ही प्रशासन को भी बेहतर व्यवस्था के लिए निर्देशित किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

Students raised question about relief centre
चंपावत के राहत केंद्र में रखे गए देहरादून से आए १२ छात्र। - फोटो : AMAR UJALA
चंपावत के राहत केंद्र में रखे गए देहरादून से आए १२ छात्र।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed