{"_id":"64ea568f90d82bb0ae0107e4","slug":"students-orgnised-programme-champawat-news-c-243-1-alm1003-719-2023-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: राजकीय स्कूलों में किया अभ्यास पुस्तिकाओं का वितरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: राजकीय स्कूलों में किया अभ्यास पुस्तिकाओं का वितरण
Sun, 27 Aug 2023 01:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 27 Aug 2023 01:16 AM IST
विज्ञापन
बनबसा (चंपावत)। बनबसा देशीफार्म वासी मुंबई के प्रसिद्ध उद्योगपति और समाजसेवी डीबी चंद ने चंदनी और भजनपुर के तीन राजकीय स्कूलों के बच्चों को अभ्यास पुुस्तिकाओं का वितरण किया। शनिवार को उन्होंने ग्राम भजनपुर स्थित प्राथमिक स्कूल, चंदनी स्थित प्राथमिक स्कूल और जनता उच्चतर माध्यमिक स्कूल के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को अभ्यास पुस्तिका दी। उन्होंने कहा कि निर्धनता के कारण बच्चों की पढ़ाई नहीं थमनी चाहिए।
चंद ने छात्र-छात्राओं को मेहनत से पढ़ाई करने, गलत कामों से बचने और योग्य नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। तीन स्कूलों में करीब दो हजार अभ्यास पुस्तिकाओं का वितरण किया गया। पहली कक्षा से आठवीं तक के बच्चों को पांच-पांच कापियां दी गईं। चंदनी स्कूल के बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। छोटे बच्चों ने शानदार छोलिया नृत्य प्रस्तुत किया। चंद ने उन्हें 5100 रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया। संचालन सीआरसी कोआर्डीनेटर प्रकाश सिंह अधिकारी ने किया। वहां प्रधानाचार्य भूपेंद कुमार उत्तम चंद, खड़क सिंह महर, भूपेंद्र भंडारी समेत स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक आदि थे। संवाद
विज्ञापन
चंद ने छात्र-छात्राओं को मेहनत से पढ़ाई करने, गलत कामों से बचने और योग्य नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। तीन स्कूलों में करीब दो हजार अभ्यास पुस्तिकाओं का वितरण किया गया। पहली कक्षा से आठवीं तक के बच्चों को पांच-पांच कापियां दी गईं। चंदनी स्कूल के बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। छोटे बच्चों ने शानदार छोलिया नृत्य प्रस्तुत किया। चंद ने उन्हें 5100 रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया। संचालन सीआरसी कोआर्डीनेटर प्रकाश सिंह अधिकारी ने किया। वहां प्रधानाचार्य भूपेंद कुमार उत्तम चंद, खड़क सिंह महर, भूपेंद्र भंडारी समेत स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक आदि थे। संवाद
विज्ञापन