{"_id":"5d62c43a8ebc3e93a553be20","slug":"stadium-champawat-news-hld3541559142","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टेडियम के निर्माण में पहली नजर में घटिया गुणवत्ता मिली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टेडियम के निर्माण में पहली नजर में घटिया गुणवत्ता मिली
विज्ञापन
लोहाघाट के छमनियांचौड़ में ध्वस्त हुई लाखों रुपये से बनी सुरक्षा दीवार।
- फोटो : LOHAGHAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छमनियांचौड़ में निर्माणाधीन स्टेडियम में हुए कार्यों का तीन सदस्यीय जांच टीम ने निरीक्षण किया। टीम ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कई खामियां पाईं। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय की ओर से गठित जांच टीम ने निर्माण कार्यों की जांच उच्च स्तरीय तकनीकी संस्थान से कराने की संस्तुति की है। निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपी जाएगी। स्टेडियम की 50 लाख रुपये से बनाई गई सुरक्षा दीवार घटिया गुणवत्ता की वजह से ध्वस्त हो चुकी है।
डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय के निर्देश पर एसडीएम आरसी गौतम, जिला क्रीड़ाधिकारी आरएस धामी, ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके जोशी की तीन सदस्यीय टीम ने निर्माणाधीन स्टेडियम का स्थलीय निरीक्षण किया। बताया कि 2015 में छमनियांचौड़ में 10 करोड़ 92 लाख रुपये से स्टेडियम निर्माण को मंजूरी दी गई थी।
कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को अब तक 4.25 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए हैं जिससे सुरक्षा दीवार, दौड़ने का ट्रैक, टेरिस कटिंग, मैदान समतलीकरण, ड्रेनेज निर्माण, ब्रिक वर्क किया गया है।
विज्ञापन
बताया कि स्टेडियम के दोनों ओर करीब 50 लाख रुपये लागत से बनाई गई सुरक्षा दीवार को मजबूती से नहीं बनाए जाने से वह पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। जनवरी 2018 में भी निर्माण कार्यों की जांच की गई थी। एसडीएम गौतम का कहना है कि निर्माणाधीन स्टेडियम की जांच रुड़की के समकक्ष किसी तकनीकी संस्थान से कराने की संस्तुति की गई है। जांच टीम स्थलीय निरीक्षण की रिर्पोट दो दिन के भीतर जिलाधिकारी को भेजेगी।
डेढ़ साल से लटका है काम
लोहाघाट (चंपावत)। 2000 में उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से चंपावत जिले में पहला स्टेडियम लोहाघाट में स्वीकृत हुआ। 2015 से शुरू स्टेडियम निर्माण में बीते डेढ़ साल से काम भी बंद है। बजट की कमी से काम लटका हुआ है।
विज्ञापन
डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय के निर्देश पर एसडीएम आरसी गौतम, जिला क्रीड़ाधिकारी आरएस धामी, ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके जोशी की तीन सदस्यीय टीम ने निर्माणाधीन स्टेडियम का स्थलीय निरीक्षण किया। बताया कि 2015 में छमनियांचौड़ में 10 करोड़ 92 लाख रुपये से स्टेडियम निर्माण को मंजूरी दी गई थी।
विज्ञापन
कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को अब तक 4.25 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए हैं जिससे सुरक्षा दीवार, दौड़ने का ट्रैक, टेरिस कटिंग, मैदान समतलीकरण, ड्रेनेज निर्माण, ब्रिक वर्क किया गया है।
विज्ञापन
बताया कि स्टेडियम के दोनों ओर करीब 50 लाख रुपये लागत से बनाई गई सुरक्षा दीवार को मजबूती से नहीं बनाए जाने से वह पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। जनवरी 2018 में भी निर्माण कार्यों की जांच की गई थी। एसडीएम गौतम का कहना है कि निर्माणाधीन स्टेडियम की जांच रुड़की के समकक्ष किसी तकनीकी संस्थान से कराने की संस्तुति की गई है। जांच टीम स्थलीय निरीक्षण की रिर्पोट दो दिन के भीतर जिलाधिकारी को भेजेगी।
डेढ़ साल से लटका है काम
लोहाघाट (चंपावत)। 2000 में उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से चंपावत जिले में पहला स्टेडियम लोहाघाट में स्वीकृत हुआ। 2015 से शुरू स्टेडियम निर्माण में बीते डेढ़ साल से काम भी बंद है। बजट की कमी से काम लटका हुआ है।

लोहाघाट के छमनियांचौड में निर्माणाधीन स्टेडियम को अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण करते एसडी?- फोटो : LOHAGHAT