{"_id":"60bd053b8ebc3e3969442691","slug":"solar-energy-irrigation-scheme-will-be-made-in-only-vanrawat-village-khirdwari-champawat-news-hld426825950","type":"story","status":"publish","title_hn":"एकमात्र वनरावत गांव खिरद्वारी में बनेगी सौर ऊर्जा सिंचाई योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एकमात्र वनरावत गांव खिरद्वारी में बनेगी सौर ऊर्जा सिंचाई योजना
विज्ञापन
खिरद्वारी गांव।
- फोटो : CHAMPAWAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। जिले के एकमात्र वनरावत गांव खिरद्वारी में सौर ऊर्जा लिफ्ट सिंचाई योजना स्वीकृत हुई है। 98 लाख रुपये से निर्मित होने वाली यह योजना एक साल में पूरी हो जाएगी। इससे क्षेत्र में सिंचाई की कमी दूर हो सकेगी।
खेती के लिए बेहद मुफीद खिरद्वारी गांव में फिलहाल सिंचाई की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते वित्त वर्ष 2021-22 की जिला योजना से खिरद्वारी गांव के लिए सौर ऊर्जा सिंचाई योजना मंजूर की गई है। इससे 40 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा। टनकपुर का नलकूप खंड इस काम को एक साल में पूरा करेगा। 98 लाख रुपये की इस योजना के लिए जिला प्लान में 86.12 लाख रुपये रखे गए हैं। सिंचाई के लिए 35 किलोवाट क्षमता के सौर पैनल संयंत्र लगाए जाएंगे। सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सिंह सहित तमाम किसानों का कहना है कि सौर ऊर्जा से ट्यूबवैल चलाने से किसानों के खेत बिजली के बिल और डीजल में होने वाले खर्च के बगैर लहलहाएंगे। साथ ही पर्यावरण की हिफाजत भी होगी।
कोट
वर्तमान जिला योजना में स्वीकृत सौर ऊर्जा सिंचाई योजना के लिए धन मंजूर किया गया है। लेकिन अभी इसकी तकनीकी मंजूरी लिया जाना बाकी है। तकनीकी मंजूरी के बाद काम शुरू किया जाएगा। इस योजना को मार्च 2022 तक पूरा करा लिया जाएगा।
विज्ञापन
जितेंद्र कुमार, जेई,
नलकूप खंड, टनकपुर।
फिलहाल इंद्रदेव की मेहरबानी पर है खेतों का लहलहाना
चंपावत जिले में खेती के लिए सिंचाई के साधन बेहद कम है। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों की हालत बहुत बुरी है। जिले में सिर्फ 17 प्रतिशत खेतों में ही सिंचाई की व्यवस्था है। सिंचाई के साधनों की कमी किसानों की मेहनत पर पानी फेर रही है। जिले में 16610 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती होती है। लेकिन सिंचाई की सुविधा बमुश्किल 2825 हेक्टेयर क्षेत्र (17 प्रतिशत) में है। सिंचाई के साधनों की कमी किसान की मेहनत पर भारी पड़ रही है। सिंचाई की सुविधा के बगैर 2022 में आय दोगुनी करना तो दूर, खेती को घाटे से बचाना भी मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन
खेती के लिए बेहद मुफीद खिरद्वारी गांव में फिलहाल सिंचाई की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते वित्त वर्ष 2021-22 की जिला योजना से खिरद्वारी गांव के लिए सौर ऊर्जा सिंचाई योजना मंजूर की गई है। इससे 40 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा। टनकपुर का नलकूप खंड इस काम को एक साल में पूरा करेगा। 98 लाख रुपये की इस योजना के लिए जिला प्लान में 86.12 लाख रुपये रखे गए हैं। सिंचाई के लिए 35 किलोवाट क्षमता के सौर पैनल संयंत्र लगाए जाएंगे। सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सिंह सहित तमाम किसानों का कहना है कि सौर ऊर्जा से ट्यूबवैल चलाने से किसानों के खेत बिजली के बिल और डीजल में होने वाले खर्च के बगैर लहलहाएंगे। साथ ही पर्यावरण की हिफाजत भी होगी।
विज्ञापन
कोट
वर्तमान जिला योजना में स्वीकृत सौर ऊर्जा सिंचाई योजना के लिए धन मंजूर किया गया है। लेकिन अभी इसकी तकनीकी मंजूरी लिया जाना बाकी है। तकनीकी मंजूरी के बाद काम शुरू किया जाएगा। इस योजना को मार्च 2022 तक पूरा करा लिया जाएगा।
विज्ञापन
जितेंद्र कुमार, जेई,
नलकूप खंड, टनकपुर।
फिलहाल इंद्रदेव की मेहरबानी पर है खेतों का लहलहाना
चंपावत जिले में खेती के लिए सिंचाई के साधन बेहद कम है। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों की हालत बहुत बुरी है। जिले में सिर्फ 17 प्रतिशत खेतों में ही सिंचाई की व्यवस्था है। सिंचाई के साधनों की कमी किसानों की मेहनत पर पानी फेर रही है। जिले में 16610 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती होती है। लेकिन सिंचाई की सुविधा बमुश्किल 2825 हेक्टेयर क्षेत्र (17 प्रतिशत) में है। सिंचाई के साधनों की कमी किसान की मेहनत पर भारी पड़ रही है। सिंचाई की सुविधा के बगैर 2022 में आय दोगुनी करना तो दूर, खेती को घाटे से बचाना भी मुश्किल हो रहा है।

वनरावत गांव खिरद्वारी।- फोटो : CHAMPAWAT