{"_id":"5e52b1b78ebc3ef3c26b5720","slug":"social-justice-incomplete-without-reservation-in-promotion-champawat-news-hld3748129171","type":"story","status":"publish","title_hn":"पदोन्नति में आरक्षण के बगैर सामाजिक न्याय अधूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पदोन्नति में आरक्षण के बगैर सामाजिक न्याय अधूरा
विज्ञापन
चंपावत के कलक्ट्रेट परिसर में पदोन्नति में आरक्षण की मांग को हुई सभा में विचार रखते डॉ. संजय दिवा?
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। एससी-एसटी (अनुसूचित जाति-जनजाति) इंप्लाइज फेडरेशन ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण उनका हक है। रविवार के अवकाश के बावजूद कलक्ट्रेट में फेडरेशन के जिलाध्यक्ष मदन राम आर्या की अध्यक्षता और महामंत्री रामप्रसाद कालाकोटी के संचालन में हुई सभा में डॉ. संजय दिवाकर सहित कई वक्ताओं ने कहा कि नौकरी और पदोन्नति दोनों में आरक्षण दिए बगैर सामाजिक इंसाफ मुमकिन नहीं है। इससे पूर्व संगठन से जुड़े कार्मिकों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए पदोन्नति में आरक्षण बरकरार रखने के पक्ष में जोरदार नारेबाजी की। बाद में जिला प्रशासन के जरिये राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
जिलाध्यक्ष ने पदोन्नति में आरक्षण मामले में किसी तरह की छेड़छाड़ न हो, इसके लिए इसे संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल करने की मांग की। साथ ही इंदु कुमार और न्यायमूर्ति इरशाद हुसैन की रिपोर्ट सार्वजनिक कर परीक्षण और मदन कौशिक समिति की रिपोर्ट आने तक पुरानी रोस्टर प्रणाली के आधार पर सीधी भर्ती करने की मांग की। संगठन ने जनजाति के रोस्टर को शून्य मानकर नौ नवंबर 2000 से ही पदोन्नति और सीधी भर्ती में रोस्टर लागू करने की वकालत की। साथ ही ओबीसी जाति के आरक्षण को 14 से बढ़ा कर 27 फीसदी करने, बैकलॉग के रिक्त पदों को भरने और सरकारी संस्थानों में संविदा और आउटसोर्स से हो रही नियुक्तियों में आरक्षण देने की मांग की। संगठन ने शीघ्र मांग पूरी नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
धरना-प्रदर्शन में मौजूद कर्मी:
महामंत्री प्रमोद टम्टा, जीवन राम, पुष्कर आर्या, रमेश टम्टा, अर्जुन, किशोर, मनोज कुमार, आशा टम्टा, मनोहर लाल, अनिल कुमार, अशोक कुमार, पूरन राम टम्टा, कृष्ण राम, भावना आर्या, राकेश विश्वकर्मा, गोपाल कालाकोटी, डीसी आर्या, हेतराम टम्टा, रमेश टम्टा, सूरजभान सिंह, नीरज विश्वकर्मा, गंगाराम, देवराम, महेश राम, राजू अटियाल, गोविंद सिंह ग्वाल, रोशन विश्वकर्मा, सूरज प्रहरी आदि।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष ने पदोन्नति में आरक्षण मामले में किसी तरह की छेड़छाड़ न हो, इसके लिए इसे संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल करने की मांग की। साथ ही इंदु कुमार और न्यायमूर्ति इरशाद हुसैन की रिपोर्ट सार्वजनिक कर परीक्षण और मदन कौशिक समिति की रिपोर्ट आने तक पुरानी रोस्टर प्रणाली के आधार पर सीधी भर्ती करने की मांग की। संगठन ने जनजाति के रोस्टर को शून्य मानकर नौ नवंबर 2000 से ही पदोन्नति और सीधी भर्ती में रोस्टर लागू करने की वकालत की। साथ ही ओबीसी जाति के आरक्षण को 14 से बढ़ा कर 27 फीसदी करने, बैकलॉग के रिक्त पदों को भरने और सरकारी संस्थानों में संविदा और आउटसोर्स से हो रही नियुक्तियों में आरक्षण देने की मांग की। संगठन ने शीघ्र मांग पूरी नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
विज्ञापन
धरना-प्रदर्शन में मौजूद कर्मी:
महामंत्री प्रमोद टम्टा, जीवन राम, पुष्कर आर्या, रमेश टम्टा, अर्जुन, किशोर, मनोज कुमार, आशा टम्टा, मनोहर लाल, अनिल कुमार, अशोक कुमार, पूरन राम टम्टा, कृष्ण राम, भावना आर्या, राकेश विश्वकर्मा, गोपाल कालाकोटी, डीसी आर्या, हेतराम टम्टा, रमेश टम्टा, सूरजभान सिंह, नीरज विश्वकर्मा, गंगाराम, देवराम, महेश राम, राजू अटियाल, गोविंद सिंह ग्वाल, रोशन विश्वकर्मा, सूरज प्रहरी आदि।
विज्ञापन