{"_id":"6852f1e04813953ee2034a47","slug":"slip-in-batnagar-eight-people-in-max-narrowly-escape-champawat-news-c-229-1-shld1007-125409-2025-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: बाटनागाड़ में आया रपटा, बाल-बाल बचे मैक्स में सवार आठ लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: बाटनागाड़ में आया रपटा, बाल-बाल बचे मैक्स में सवार आठ लोग
Wed, 18 Jun 2025 10:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 18 Jun 2025 10:35 PM IST
विज्ञापन
टनकपुर के पूर्णागिरि मार्ग पर बाटना गाड़ के उफान की चपेट में आने से सड़क से नीचे बहकर अटका टैक्
टनकपुर (चंपावत)। पहाड़ों पर हुई भारी बारिश से मंगलवार की रात बाटनागाड़ में रपटा (बाढ़) आने से पूर्णागिरि मार्ग करीब एक किमी के दायरे में भारी मलबे से पट गया। सैलाब की चपेट में आने से एक मैक्स वाहन बह गया। गनीमत रही कि वाहन में सवार श्रद्धालुओं ने समय रहते भाग कर जान बचा ली। सुबह से ही प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान जारी रखा और दोपहर बाद तक करीब पांच हजार श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला। ठूलीगाड़-भैरव मंदिर में करीब 200 श्रद्धालुओं के वाहन फंसे हुए हैं।
प्रशासन के अनुसार मंगलवार की रात को ट्रेन से बड़ी संख्या में मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए श्रद्धालु आए थे। कुछ श्रद्धालु टैक्सी से रात में ही ठूलीगाड़ के लिए निकल गए थे। इसमें मैक्स वाहन (यूके 07 टीए 0993) में करीब 7-8 सवारी बैठी थी। जैसे ही वाहन रात करीब 12:30 बजे बाटनागाड़ क्षेत्र को पार कर रहा था कि अचानक रपटा आ गया। बाटनागाड़ की चढ़ाई पर वाहन आगे बढ़ते ही पानी बढ़ने लगा।
खतरा भांप कर मैक्स में सवार सात सवारियां और चालक समय रहते उतर गए और भागकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते सैलाब में मैक्स वाहन पानी के वेग के साथ सड़क से नीचे बह गया। इस दौरान पीछे से आ रहे मैक्स वाहन के चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को पहले ही रोक लिया और टनकपुर लौट गया। वाहन में सवार सभी श्रद्धालुओं को नगर के प्रजापति धर्मशाला में ठहराया गया। इसके बाद बूम चौकी में घटना की सूचना दी। इधर, धर्मशाला के संचालक भाजपा नेता नरेश सकारी ने बताया कि अलीगढ़ के दो बच्चों समेत 18 श्रद्धालु रात में धर्मशाला में रुके।
विज्ञापन
--
पुलिस ने श्रद्धालुओं को सकुशल निकाला
रात में जैसे ही पुलिस को सूचना मिली तो बूम पुलिस चौकी से एचसी घनश्याम, कांस्टेबल कुंदन, ग्रामीण आनंद प्रहरी समेत कई लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने अन्य लोगों के सहयोग से मैक्स वाहन के श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालकर टनकपुर की तरफ भेजा। इस बीच करीब पांच हजार श्रद्धालु ठूलीगाड़ क्षेत्र में फंस गए। ठूलीगाड़ चौकी प्रभारी एसआई राकेश कठायत ने एहतियात बरतते हुए श्रद्धालुओं को रात में आगे बढ़ने से रोका। बुधवार सुबह एसडीएम आकाश जोशी ने एसडीआरएफ, फायर, पुलिस, लोनिवि, राजस्व आदि की टीम के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया। टीम ने श्रद्धालुओं को जंगल की ओर से सुरक्षित निकाला। टैक्सी यूनियन, पार्किंग ठेकेदार आदि की ओर से बंद पानी बोतल की व्यवस्था की गई। जल संस्थान के दो टैंकर भी लगाए गए। जरूरतमंदों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई। एसडीएम ने बताया कि देर शाम तक करीब पांच हजार श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया था।
--
मलबा पार करते समय बिगड़ी बुजुर्ग श्रद्धालु की हालत, दम तोड़ा
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि के दर्शन के बाद बाटनागाड़ से पैदल आते समय बूम के पास एक बुजुर्ग श्रद्धालु की हालत बिगड़ गई। साथ आए रिश्तेदारों ने उन्हें उप जिला अस्पताल पहुंचाया जहां बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया गया। दिल्ली निवासी अभय गुप्ता ने बताया कि उसके ससुर दिल्ली के न्यू काॅलोनी मयूर विहार निवासी राकेश गुप्ता (70) पुत्र स्व. ओमप्रकाश अपनी दो बेटियों, उनके बच्चों के साथ मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए आए थे। बुधवार सुबह करीब छह बजे मां के दर्शन कर वे लोग लौट रहे थे। इस बीच बाटनागाड़ में सड़क बंद होने पर मलबे को पैदल पार कर जब बुजुर्ग दोपहर में बूम पहुंचे तो उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डाॅ. आफताब अंसारी ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के मुताबिक हार्ट अटैक के चलते बुजुर्ग की मौत हुई है। परिजन बिना पोस्टमार्टम के शव को दिल्ली ले गए। संवाद
--
तीन दिन लग जाएंगे मलबा हटाने में : लोनिवि
लोनिवि की ओर से बुधवार सुबह से ही एक पोकलेन, एक जेसीबी मशीन और एक डोजर को बाटनागाड़ क्षेत्र में आए मलबे को हटाने के लिए लगा दिया गया था। एई लक्ष्मण सिंह सामंत ने बताया कि करीब एक किमी के दायरे में मलबा फैला है और इसे हटाने में करीब तीन दिन का समय लगेगा। उन्होंने बताया कि मानसून काल में अब एक जेसीबी मशीन बाटनागाड़ में 24 घंटे तैनात रहेगी।
--
प्रशासन ठूलीगाड़ में फंसे श्रद्धालुओं को निकालने में जुटा रहा
पहाड़ों पर बरसात से मेले के समापन के दिन 15 जून की सुबह भी बाटनागाड़ उफान पर आया था। तब अधिक मलबा नहीं आने से एक घंटे में लोनिवि ने मार्ग खोल दिया था। साथ ही प्रशासन अलर्ट हो गया था। मंगलवार की रात को भारी मलबा आने पर मौके पर पहले से जेसीबी मशीन के साथ कर्मी तैनात थे। बुधवार सुबह एसडीएम आकाश जोशी, एआरटीओ सुरेंद्र सिंह, लोनिवि एई लक्ष्मण सिंह सामंत समेत चिकित्सक, राजस्व और पुलिस कर्मी मलबे के दल दल से होकर फंसे श्रद्धालुओं को किरौड़ा नाला पार कराने में जुटे रहे। एसडीएम जोशी ने बताया कि करीब पांच हजार श्रद्धालु ठू्लीगाड़ में थे, इनको जंगल के रास्ते से सुरक्षित निकाला गया है।
--
श्रद्धालु बोले- सुबह से घंटों रुकना पड़ा, बमुश्किल निकले
धाम में मंगलवार की रात करीब पांच हजार श्रद्धालु थे। सुबह पांच बजे ठूलीगाड़ से भैरव मंदिर तक गेट खुलता है। मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही श्रद्धालु पैदल ही आगे बढ़े। बरेली के प्रसन्न चतुर्वेदी ने बताया कि बड़ी मुश्किल से बचते बचाते आए हैं। नानकमत्ता के नारायण पाल बोले, देर रात तीन बजे से दूसरी ओर फंसे हुए थे। बदायूं के सर्वेश, पायल और प्रीति ने बताया कि रात में ही मां के दर्शन कर लिए थे। सुबह घंटों इंतजार करना पड़ा जब कोई वाहन नहीं मिला तो पैदल ही बच्चों के साथ आगे बढ़ना शुरू किया। बाटनागाड़ में रोखड़ से करीब तीन किमी से अधिक दूर बूम तक लोगों को पैदल ही मलबे को पार करना पडृ़ा।
--
श्रद्धालुओं की पैदल आवाजाही रोकी गई
रेलवे डीजीएम से मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन रोकने के लिए वार्ता हुई
ककराली गेट, बूम और किरौड़ा पर लगाया गया बैरियर
टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ में भारी मलबा आने से मार्ग बंद होने ही प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। श्रद्धालुओं की जानमाल की सुरक्षा के लिए बुधवार से मां पूर्णागिरि धाम के लिए श्रद्धालुओं की पैदल पर आवाजाही रोक लगा दी गई है। एसडीएम आकाश जोशी ने मार्ग खुलने पर मौसम के पूर्वानुमान को देखकर ही यात्रा करने की अपील की है। साथ ही रेलवे के सीनियर डीआरएम से मेला स्पेशल ट्रेन को बंद करने का अनुरोध किया है। इसके लिए पत्र भी भेजा जा रहा है।
एसडीएम ने बताया कि पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़, बूम, किरौड़ा समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर भारी बरसात की दशा में मलबा, जल सैलाब आने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने बताया कि बाटनागाड़, बूम और किरौड़ा में बैरियर लगा दिए गए हैं। साथ ही लोगों को सचेत किया कि किरौड़ा में पानी देखकर ही आगे बढ़ें। वहीं बाटनागाड़ से आगे सिर्फ स्थानीय लोगों के वाहनों को ही आगे जाने दिया गया। संवाद
--
एक गर्भवती समेत 15 का प्राथमिक इलाज किया गया
रेस्क्यू कर लाए गए श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी तैनात रही। चिकित्सकों ने 15 मरीजों का प्राथमिक इलाज किया जिनमें इसमें एक गर्भवती भी शामिल थी। डिहाइड्रेशन की शिकायत पर कुछ लोगों को इलेक्ट्राॅल भी दिया गया।
-- --
फंसे श्रद्धालु मंच के रास्ते यूपी रवाना
मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को रेस्क्यू करने के बाद उनहें चंपावत होते हुए रवाना किया गया। 50 से अधिक बाइक सवार श्रद्धालु मंच से चंपावत पहुंचे और फिर टनकपुर के रास्ते यूपी रवाना हुए। लखीमपुर के अरविंद कुमार और बरेली के लिए उमेश यादव ने बताया कि बाइक छोड़कर उनके लिए जाना संभव नहीं था। ऐसे में पूर्णागिरि क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने उन्हें मंच से जाने की सलाह दी। रास्ते में तेल भी खत्म हो गया था। ऐसे में किसी तरह मंच पहुंचकर तेल भरवाया और चंपावत होते हुए टनकपुर के लिए रवाना हुए।
विज्ञापन
प्रशासन के अनुसार मंगलवार की रात को ट्रेन से बड़ी संख्या में मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए श्रद्धालु आए थे। कुछ श्रद्धालु टैक्सी से रात में ही ठूलीगाड़ के लिए निकल गए थे। इसमें मैक्स वाहन (यूके 07 टीए 0993) में करीब 7-8 सवारी बैठी थी। जैसे ही वाहन रात करीब 12:30 बजे बाटनागाड़ क्षेत्र को पार कर रहा था कि अचानक रपटा आ गया। बाटनागाड़ की चढ़ाई पर वाहन आगे बढ़ते ही पानी बढ़ने लगा।
विज्ञापन
खतरा भांप कर मैक्स में सवार सात सवारियां और चालक समय रहते उतर गए और भागकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते सैलाब में मैक्स वाहन पानी के वेग के साथ सड़क से नीचे बह गया। इस दौरान पीछे से आ रहे मैक्स वाहन के चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को पहले ही रोक लिया और टनकपुर लौट गया। वाहन में सवार सभी श्रद्धालुओं को नगर के प्रजापति धर्मशाला में ठहराया गया। इसके बाद बूम चौकी में घटना की सूचना दी। इधर, धर्मशाला के संचालक भाजपा नेता नरेश सकारी ने बताया कि अलीगढ़ के दो बच्चों समेत 18 श्रद्धालु रात में धर्मशाला में रुके।
विज्ञापन
पुलिस ने श्रद्धालुओं को सकुशल निकाला
रात में जैसे ही पुलिस को सूचना मिली तो बूम पुलिस चौकी से एचसी घनश्याम, कांस्टेबल कुंदन, ग्रामीण आनंद प्रहरी समेत कई लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने अन्य लोगों के सहयोग से मैक्स वाहन के श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालकर टनकपुर की तरफ भेजा। इस बीच करीब पांच हजार श्रद्धालु ठूलीगाड़ क्षेत्र में फंस गए। ठूलीगाड़ चौकी प्रभारी एसआई राकेश कठायत ने एहतियात बरतते हुए श्रद्धालुओं को रात में आगे बढ़ने से रोका। बुधवार सुबह एसडीएम आकाश जोशी ने एसडीआरएफ, फायर, पुलिस, लोनिवि, राजस्व आदि की टीम के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया। टीम ने श्रद्धालुओं को जंगल की ओर से सुरक्षित निकाला। टैक्सी यूनियन, पार्किंग ठेकेदार आदि की ओर से बंद पानी बोतल की व्यवस्था की गई। जल संस्थान के दो टैंकर भी लगाए गए। जरूरतमंदों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई। एसडीएम ने बताया कि देर शाम तक करीब पांच हजार श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया था।
मलबा पार करते समय बिगड़ी बुजुर्ग श्रद्धालु की हालत, दम तोड़ा
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि के दर्शन के बाद बाटनागाड़ से पैदल आते समय बूम के पास एक बुजुर्ग श्रद्धालु की हालत बिगड़ गई। साथ आए रिश्तेदारों ने उन्हें उप जिला अस्पताल पहुंचाया जहां बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया गया। दिल्ली निवासी अभय गुप्ता ने बताया कि उसके ससुर दिल्ली के न्यू काॅलोनी मयूर विहार निवासी राकेश गुप्ता (70) पुत्र स्व. ओमप्रकाश अपनी दो बेटियों, उनके बच्चों के साथ मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए आए थे। बुधवार सुबह करीब छह बजे मां के दर्शन कर वे लोग लौट रहे थे। इस बीच बाटनागाड़ में सड़क बंद होने पर मलबे को पैदल पार कर जब बुजुर्ग दोपहर में बूम पहुंचे तो उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डाॅ. आफताब अंसारी ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के मुताबिक हार्ट अटैक के चलते बुजुर्ग की मौत हुई है। परिजन बिना पोस्टमार्टम के शव को दिल्ली ले गए। संवाद
तीन दिन लग जाएंगे मलबा हटाने में : लोनिवि
लोनिवि की ओर से बुधवार सुबह से ही एक पोकलेन, एक जेसीबी मशीन और एक डोजर को बाटनागाड़ क्षेत्र में आए मलबे को हटाने के लिए लगा दिया गया था। एई लक्ष्मण सिंह सामंत ने बताया कि करीब एक किमी के दायरे में मलबा फैला है और इसे हटाने में करीब तीन दिन का समय लगेगा। उन्होंने बताया कि मानसून काल में अब एक जेसीबी मशीन बाटनागाड़ में 24 घंटे तैनात रहेगी।
प्रशासन ठूलीगाड़ में फंसे श्रद्धालुओं को निकालने में जुटा रहा
पहाड़ों पर बरसात से मेले के समापन के दिन 15 जून की सुबह भी बाटनागाड़ उफान पर आया था। तब अधिक मलबा नहीं आने से एक घंटे में लोनिवि ने मार्ग खोल दिया था। साथ ही प्रशासन अलर्ट हो गया था। मंगलवार की रात को भारी मलबा आने पर मौके पर पहले से जेसीबी मशीन के साथ कर्मी तैनात थे। बुधवार सुबह एसडीएम आकाश जोशी, एआरटीओ सुरेंद्र सिंह, लोनिवि एई लक्ष्मण सिंह सामंत समेत चिकित्सक, राजस्व और पुलिस कर्मी मलबे के दल दल से होकर फंसे श्रद्धालुओं को किरौड़ा नाला पार कराने में जुटे रहे। एसडीएम जोशी ने बताया कि करीब पांच हजार श्रद्धालु ठू्लीगाड़ में थे, इनको जंगल के रास्ते से सुरक्षित निकाला गया है।
श्रद्धालु बोले- सुबह से घंटों रुकना पड़ा, बमुश्किल निकले
धाम में मंगलवार की रात करीब पांच हजार श्रद्धालु थे। सुबह पांच बजे ठूलीगाड़ से भैरव मंदिर तक गेट खुलता है। मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही श्रद्धालु पैदल ही आगे बढ़े। बरेली के प्रसन्न चतुर्वेदी ने बताया कि बड़ी मुश्किल से बचते बचाते आए हैं। नानकमत्ता के नारायण पाल बोले, देर रात तीन बजे से दूसरी ओर फंसे हुए थे। बदायूं के सर्वेश, पायल और प्रीति ने बताया कि रात में ही मां के दर्शन कर लिए थे। सुबह घंटों इंतजार करना पड़ा जब कोई वाहन नहीं मिला तो पैदल ही बच्चों के साथ आगे बढ़ना शुरू किया। बाटनागाड़ में रोखड़ से करीब तीन किमी से अधिक दूर बूम तक लोगों को पैदल ही मलबे को पार करना पडृ़ा।
श्रद्धालुओं की पैदल आवाजाही रोकी गई
रेलवे डीजीएम से मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन रोकने के लिए वार्ता हुई
ककराली गेट, बूम और किरौड़ा पर लगाया गया बैरियर
टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ में भारी मलबा आने से मार्ग बंद होने ही प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। श्रद्धालुओं की जानमाल की सुरक्षा के लिए बुधवार से मां पूर्णागिरि धाम के लिए श्रद्धालुओं की पैदल पर आवाजाही रोक लगा दी गई है। एसडीएम आकाश जोशी ने मार्ग खुलने पर मौसम के पूर्वानुमान को देखकर ही यात्रा करने की अपील की है। साथ ही रेलवे के सीनियर डीआरएम से मेला स्पेशल ट्रेन को बंद करने का अनुरोध किया है। इसके लिए पत्र भी भेजा जा रहा है।
एसडीएम ने बताया कि पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़, बूम, किरौड़ा समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर भारी बरसात की दशा में मलबा, जल सैलाब आने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने बताया कि बाटनागाड़, बूम और किरौड़ा में बैरियर लगा दिए गए हैं। साथ ही लोगों को सचेत किया कि किरौड़ा में पानी देखकर ही आगे बढ़ें। वहीं बाटनागाड़ से आगे सिर्फ स्थानीय लोगों के वाहनों को ही आगे जाने दिया गया। संवाद
एक गर्भवती समेत 15 का प्राथमिक इलाज किया गया
रेस्क्यू कर लाए गए श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी तैनात रही। चिकित्सकों ने 15 मरीजों का प्राथमिक इलाज किया जिनमें इसमें एक गर्भवती भी शामिल थी। डिहाइड्रेशन की शिकायत पर कुछ लोगों को इलेक्ट्राॅल भी दिया गया।
फंसे श्रद्धालु मंच के रास्ते यूपी रवाना
मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को रेस्क्यू करने के बाद उनहें चंपावत होते हुए रवाना किया गया। 50 से अधिक बाइक सवार श्रद्धालु मंच से चंपावत पहुंचे और फिर टनकपुर के रास्ते यूपी रवाना हुए। लखीमपुर के अरविंद कुमार और बरेली के लिए उमेश यादव ने बताया कि बाइक छोड़कर उनके लिए जाना संभव नहीं था। ऐसे में पूर्णागिरि क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने उन्हें मंच से जाने की सलाह दी। रास्ते में तेल भी खत्म हो गया था। ऐसे में किसी तरह मंच पहुंचकर तेल भरवाया और चंपावत होते हुए टनकपुर के लिए रवाना हुए।