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Champawat News: पहली बकरी घाटी से होगा सिप्टी घाटी का कायाकल्प

Sat, 23 Sep 2023 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Sat, 23 Sep 2023 11:09 PM IST
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Sipti Valley will be rejuvenated with the first Bakri Valley
मुख्य पशु चिकित्सा​धिकारी डॉ. डीके चंद।
चंपावत। सिप्टी में जिले की पहली बकरी की घाटी (गोट वैली) परियोजना 15 अक्तूबर तक शुरू हो जाएगी। इसके लिए 100 बकरी पालकों का चयन करने के बाद पंजीकरण भी कर लिया गया है। इससे गांव की आजीविका, स्वरोजगार से लेकर पशुपालन के साथ खेती में गुणात्मक बदलाव आएगा।
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बकरी की घाटी के लिए अनुकूल हालात के बाद वित्त वर्ष 2023-24 में यहां से 13 किलोमीटर दूर सिप्टी घाटी को चयनित किया गया था। बकरी पालन के लिए चारा पत्ती की उपलब्धता और जंगल के पास होने से यह घाटी परियोजना के लिए मुफीद पाई गई। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नंदन प्रसाद आग्री का कहना है कि योजना में शामिल सिप्टी क्षेत्र के 100 ग्रामीणों को बकरी पालन से जोड़ा गया है। हर बकरी पालक को न्यूनतम 21 बकरे-बकरियां रखनी होंगी। 11 बकरी निशुल्क और 10 बकरियां किफायती दर पर दी जाएगी। बकरी के दूध से लेकर बकरे के मीट तक की बिक्री की जाएगी। विभाग बाजार की उपलब्धता में भी सहयोग करेगा।
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जिले में हैं 50 हजार से अधिक बकरियां
चंपावत जिले में 50,919 बकरी-बकरे हैं लेकिन इससे दूध का रोजाना उत्पादन ढाई हजार लीटर से भी कम है। गुणकारी होने के बावजूद बकरी के दूध को क्षेत्र में कम पसंद किया जाता है। इसके बजाय बकरों का बहुतायत उपयोग मीट के रूप में होता है। संवाद
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बकरी के दूध का लाभ
डेंगू में लाभकारी, कैल्शियम और फास्फोरस की मौजूदगी के कारण हड्डी मजबूत होती है। साथ ही विटामिन ए और बी होने से बाल झड़ने की समस्या को कम करने में मददगार होता है।

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मीट का लाभ
वजन घटाने, दिल और दिमाग के लिए फायदेमंद, पाचन में सुधार, रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता बढ़ाने के साथ खून की कमी और तनाव को दूर करता है।
कोट
सिप्टी क्षेत्र के सभी चयनित पशुपालकों को 30-30 हजार रुपये का ऋण दिया जा चुका है। बकरी खरीद की प्रक्रिया अक्तूबर से शुरू कर तीन माह में पूरी कर ली जाएगी। बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण और अन्य प्रक्रिया कर उत्पादन शुरू किया जाएगा। - डॉ. डीके चंद, सीवीओ, चंपावत।

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