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Champawat News: चंपावत जिले में शुरू होगा रेशम का उत्पादन

Tue, 25 Apr 2023 10:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Tue, 25 Apr 2023 10:55 PM IST
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Silk Production in Champawat
रेशम विभाग के अधिकारी दिवस भट्ट।
चंपावत। जिले में अब रेशम का भी उत्पादन होगा। इसके लिए जिले के चार गांवों को चयनित किया गया है। इस व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए जिला योजना में पहली बार बजट का प्रावधान किया जा रहा है।
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उत्तराखंड के 12 जिलों में रेशम उत्पादन होता है। सिर्फ चंपावत ही इससे दूर था। इस कमी को पूरा करने के लिए वर्ष 2023-24 की जिला योजना में पहली बार इसके लिए बजट का प्रावधान किया गया है। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि जिला योजना में रेशम के लिए 8,50,000 रुपये का प्रावधान किया जा रहा है। सीएमबीएडीपी और मनरेगा से भी वित्त की व्यवस्था की जाएगी। अनुकूल जलवायु वाली जगह में रेशम की खेती को बढ़ावा देने के इच्छुक किसानों का चयन कर शहतूत के पौधे भी लगाए जाएंगे। शहतूत के पत्ते रेशम के कीटों का प्रमुख भोजन हैं।
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रेशम विभाग के अधिकारी दिवस भट्ट का कहना है कि चंपावत जिले में फिलहाल चौड़ाख्याली, मछियाड़, टाकबलवाड़ी और सकदेना गांव का चयन किया गया है। वहां शहतूत के पौधे लगाए जा रहे हैं। दो साल में इन पौधों का विकास होने के बाद साल में दो बार मार्च-अप्रैल और अगस्त-सितंबर में रेशम का कीटपालन शुरू कराया जाएगा।
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चंपावत में खुलेगा रेशम विभाग का कार्यालय
चंपावत। जिले में फिलहाल रेशम विभाग का कार्यालय नहीं है। अब यहां रेशम कार्यालय भी खुलेगा। इसे छतार में एक महीने के भीतर खोल दिया जाएगा। फिलहाल स्टाफ की तैनाती भी की जा रही है।



चंपावत जिले में रेशम की खेती को बढ़ावा देने के लिए पहले चरण में रेशम विभाग ने चार गांव चयनित किए हैं। हर गांव में शहतूत के पौधे लगाए जाएंगे। इन चयनित गांवों के हर किसान को 300 पौधे लगाने होंगे। इसके लिए प्रति किसान बारह हजार रुपये का खर्च अलग-अलग मदों से किया जाएगा। रेशम की खेती से किसानों की आय बढ़ेगी। - दिवस भट्ट, अधिकारी, रेशम विभाग, अल्मोड़ा।
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