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सेरी तोक के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया
अमर उजाला ब्यूराे लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Sun, 06 May 2018 10:28 PM IST
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विस्थापन की मांग को लेकर प्रदर्शन करते बाराकोट बैड़ाओड़ के सेरी तोक के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बाराकोट विकासखंड के बैड़ाओड़ के सेरी तोक के ग्रामीणों ने अन्यत्र विस्थापित करने की मांग की है। उन्होंने शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। समय रहते अन्यत्र विस्थापित नहीं करने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्राम प्रधान बलदेव प्रसाद की अध्यक्षता और सरपंच विनोद कुमार के संचालन में हुई बैठक में ग्रामीणों का कहना था कि सेरी तोक आपदा की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। कहा गया कि यहां थोड़ी सी बारिश में आने वाले मलबे से उपजाऊ भूमि और मकानों को भारी नुकसान होता है। यहां के 47 परिवार खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। बारिश के दौरान कहीं एकाएक मलबा उनके घरों में न आ जाए, इसकी चिंता लगातार ग्रामीणों को सताती रहती है।
वक्ताओं का कहना था कि 2016 और इससे पूर्व कई बार बारिश से सेरी तोक में भारी मलबा आने से लोगों को काफी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने अन्यत्र विस्थापन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने गांव को जोड़ने वाली गल्लागांव-देवलीमांफी सड़क की हालत सुधारने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में संजय, सुरेश, जोगेंद्र प्रसाद, उमेद राम, शंकर राम, जानकी देवी, पार्वती देवी, पूर्व प्रधान उमेदी देवी, शंकर राम, परी राम, श्याम लाल, गणेश राम, कमला देवी, खीमा देवी, विनोद, जगजीवन, निर्मल, सुरेश, अशोक, दीपक, नाथू आदि शामिल थे। इधर प्रशासन का कहना है कि तोक के लोगों की सुरक्षा के लिए विस्थापन के प्रस्ताव सहित अन्य जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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ग्राम प्रधान बलदेव प्रसाद की अध्यक्षता और सरपंच विनोद कुमार के संचालन में हुई बैठक में ग्रामीणों का कहना था कि सेरी तोक आपदा की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। कहा गया कि यहां थोड़ी सी बारिश में आने वाले मलबे से उपजाऊ भूमि और मकानों को भारी नुकसान होता है। यहां के 47 परिवार खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। बारिश के दौरान कहीं एकाएक मलबा उनके घरों में न आ जाए, इसकी चिंता लगातार ग्रामीणों को सताती रहती है।
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वक्ताओं का कहना था कि 2016 और इससे पूर्व कई बार बारिश से सेरी तोक में भारी मलबा आने से लोगों को काफी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने अन्यत्र विस्थापन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने गांव को जोड़ने वाली गल्लागांव-देवलीमांफी सड़क की हालत सुधारने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में संजय, सुरेश, जोगेंद्र प्रसाद, उमेद राम, शंकर राम, जानकी देवी, पार्वती देवी, पूर्व प्रधान उमेदी देवी, शंकर राम, परी राम, श्याम लाल, गणेश राम, कमला देवी, खीमा देवी, विनोद, जगजीवन, निर्मल, सुरेश, अशोक, दीपक, नाथू आदि शामिल थे। इधर प्रशासन का कहना है कि तोक के लोगों की सुरक्षा के लिए विस्थापन के प्रस्ताव सहित अन्य जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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