{"_id":"5728d8104f1c1bb2775cd020","slug":"search-of-water","type":"story","status":"publish","title_hn":"पौ फटते ही पानी की तलाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पौ फटते ही पानी की तलाश
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट/पाटी
Updated Tue, 03 May 2016 10:25 PM IST
विज्ञापन
पानी के लिए लाइन में लगे लोग
- फोटो : अमर उजाला
नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या दिनोंदिन गहराती जा रही है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण पेयजल स्रोतों में भारी कमी आ गई है। बाराकोट क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मचा है। एक बाल्टी पानी के लिए लोग सुबह सात बजे ही लाइन में लग जाते हैं।
विज्ञापन
पम्दा, नगनौंनी, काकड़, जीआईसी खाल तोक आदि स्थानों पर पानी की विकट समस्या पैदा हुई है। जल संस्थान की ओर से मात्र दो हजार लीटर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
विज्ञापन
जिसमें लोगों को बमुश्किल 15 से 20 लीटर पानी ही मिल पा रहा है। पार्वती देवी, गंगा देवी, केशवी देवी, गंगा देवी, रेवती, मीना, जगदीश जोशी, प्रकाश अधिकारी, फकीर राम, मदन मोहन, भवानी टम्टा, राजू अधिकारी, दीनू अधिकारी का कहना है कि पेयजल समस्या को देखते हुए विभाग द्वारा प्रतिदिन तीन से चार टैंकरों से जलापूर्ति करनी चाहिए। लोहाघाट नगर में लोगों को चौथे दिन दो बाल्टी पानी नसीब हो रहा है। रायनगर चौड़ी में पेयजल के लिए लोग दर-दर भटक रहे है। बनगांव पेयजल योजना ठप होने से बूंद बूंद पानी के लिए मोहताज होना पड़ रहा है। पाटी में भी पेयजल समस्या थमने का नाम नहीं ले रही है।
विज्ञापन