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Champawat News: सारा बनेगी सूखे गाड़ गधेरों का सहारा

Sun, 29 Sep 2024 10:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Sun, 29 Sep 2024 10:37 PM IST
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Sara will become the support of dry ass donkeys
चंपावत। जलागम परियोजना सारा पहाड़ी क्षेत्र के नौले-पोखरों, गाड़-गधेरों और सहायक नदियों के जलस्रोतों को सहारा देने जा रही है। परियोजना से जिले में तीन स्तरों पर जल संरक्षण अभियान का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
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जल संरक्षण अभियान 2024-25 के तहत स्प्रिंग एंड रीवर रिज्युविनेशन अथारिटी (सारा) उत्तराखंड की ओर से पहाड़ के अंतिम छोर के गाड़-गधेरों तक पहुंचकर पेयजल संवर्धन का कार्य प्रस्तावित है। परियोजना के तहत तीन प्रमुख स्तरों पर सूख रहे जलस्रोतों, धारे-पोखरों, नौलों और सहायक नदियों का चिह्नीकरण और ऐसे जलस्रोतों की पहचान करना है। क्षेत्र में भूजल स्राव और रिसाव का मापन, उपचार गतिविधियों के तहत जल संग्रहीत क्षेत्रों की पहचान और चिह्नित कर बजट की व्यवस्था करना है।
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योजना के तहत जिले के अंतिम छोर तक के गाड़-गधेरों में जल उत्पादन के कार्य प्रस्तावित किए जा रहे हैं। इस दौरान उपचार के लिए जलस्रोतों, धारों और सहायक नदियों का चिह्नीकरण, उपचार कार्य के साथ ही बड़े स्तर पर पौधरोपण और जल स्रोतों की मॉनिटरिंग का कार्य किया जा रहा है। सारा परियोजना के तहत जिले के गाड़ गधेरों के संरक्षण के लिए करोड़ों की धनराशि से निर्माण कार्य प्रस्तावित किए जा रहे हैं।
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मोबाइल और वेब एप्लीकेशन के जरिए करेंगे सूचित
चंपावत। सारा की ओर से जल संरक्षण अभियान का आगाज तीन स्तरों पर किया गया है। इसके लिए ग्राम, ब्लॉक और जिला स्तरीय अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है। जल संरक्षण संबंधित गतिविधियों की प्रगति को अभियान के लिए विकसित मोबाइल और वेब एप्लीकेशन के जरिए प्रत्येक गांव, विकास खंड और जिला स्तर से सूचित किया जाएगा। संवाद


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कोट

सारा परियोजना के तहत जिले में जून 2024 से जून 2025 के दौरान पूरे एक वर्ष तक जल संरक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत गांव, ब्लॉक और जिला स्तरीय अभियान के तहत कार्ययोजना तैयार की गई है। जून 2025 तक जिले के गाड़ गधेरों, नौले पोखरों और सहायक नदियों को चिह्नित कर इनमें स्रोतों का उपचार और बहाव मापन कार्य कर उपचारित जलस्रोतों का स्राव मापन तक प्रस्तावित है। तकनीकी तौर पर भी इस पर काम किया जा रहा है।
संजय कुमार सिंह, सीडीओ, चंपावत।
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