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विधायक निधि मिलने से संवरा जिला पुस्तकालय
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चंपावत जिला पुस्तकालय भवन। संवाद
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से विधायक निधि से 10 लाख रुपये देने के बाद चंपावत के जिला पुस्तकालय में काफी सुधार हो गया है। यहां पेयजल संयोजन भी लगा दिया गया है। अब आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ पुस्तक और अन्य जरूरी सुधार हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने 13 जुलाई को अपनी पहली विधायक निधि से जिला पुस्तकालय में जरूरी वस्तुएं लेने के लिए 10 लाख रुपये दिए थे। इस राशि से पुस्तकें, इन्वर्टर, कंप्यूटर, फर्नीचर, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं जुटानी थी। इनमें से अधिकतर कार्य पूरे करा लिए गए हैं।
सीईओ जितेंद्र सक्सेना ने बताया कि पुस्तकें और अन्य सुविधाओं के बढ़ने से छात्र-छात्राओं के अलावा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को लाभ होगा। साथ ही पुस्तकालय में पेयजल संयोजन भी लग गया है।
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सात साल बाद भी नहीं हुई पदों में तैनाती
चंपावत। 47.85 लाख रुपये से निर्मित एवं 16 मई 2015 में स्थापित जिला पुस्तकालय की कुछ समय पहले तक अनदेखी होती रही थी। अब कुछ सुधार होने के बावजूद पुस्तकालय के संचालन के लिए रिक्त पद आड़े आ रहे हैं। दूसरी जगह से संबद्ध किए गए पुस्तकालय के प्रभारी डॉ. वीरेंद्र सिंह मेहता ने बताया कि वर्तमान में पुस्तकालय की व्यवस्था उनके अलावा दो पीआरडी जवान संभाल रहे हैं जबकि एक पुस्तकालय प्रभारी, दो बाबू और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की यहां जरूरत है। यहां रोजाना 50 से अधिक युवा आ रहे हैं। चार माह पहले से रात में भी पुस्तकालय में युवा पढ़ने आते हैं। पुस्तकालय में विज्ञान, पर्यावरण, राजनीति, इतिहास, साहित्य, समाज, संस्कृति, दर्शन, नैतिक शिक्षा से लेकर विविध क्षेत्रों की करीब 2000 पुस्तकें हैं। 47.85 लाख रुपये से निर्मित जिला पुस्तकालय भवन का 16 मई 2015 को शुभारंभ हुआ था।
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मुख्यमंत्री ने 13 जुलाई को अपनी पहली विधायक निधि से जिला पुस्तकालय में जरूरी वस्तुएं लेने के लिए 10 लाख रुपये दिए थे। इस राशि से पुस्तकें, इन्वर्टर, कंप्यूटर, फर्नीचर, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं जुटानी थी। इनमें से अधिकतर कार्य पूरे करा लिए गए हैं।
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सीईओ जितेंद्र सक्सेना ने बताया कि पुस्तकें और अन्य सुविधाओं के बढ़ने से छात्र-छात्राओं के अलावा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को लाभ होगा। साथ ही पुस्तकालय में पेयजल संयोजन भी लग गया है।
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सात साल बाद भी नहीं हुई पदों में तैनाती
चंपावत। 47.85 लाख रुपये से निर्मित एवं 16 मई 2015 में स्थापित जिला पुस्तकालय की कुछ समय पहले तक अनदेखी होती रही थी। अब कुछ सुधार होने के बावजूद पुस्तकालय के संचालन के लिए रिक्त पद आड़े आ रहे हैं। दूसरी जगह से संबद्ध किए गए पुस्तकालय के प्रभारी डॉ. वीरेंद्र सिंह मेहता ने बताया कि वर्तमान में पुस्तकालय की व्यवस्था उनके अलावा दो पीआरडी जवान संभाल रहे हैं जबकि एक पुस्तकालय प्रभारी, दो बाबू और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की यहां जरूरत है। यहां रोजाना 50 से अधिक युवा आ रहे हैं। चार माह पहले से रात में भी पुस्तकालय में युवा पढ़ने आते हैं। पुस्तकालय में विज्ञान, पर्यावरण, राजनीति, इतिहास, साहित्य, समाज, संस्कृति, दर्शन, नैतिक शिक्षा से लेकर विविध क्षेत्रों की करीब 2000 पुस्तकें हैं। 47.85 लाख रुपये से निर्मित जिला पुस्तकालय भवन का 16 मई 2015 को शुभारंभ हुआ था।