{"_id":"5ee262748ebc3e42cb0e1427","slug":"sales-of-just-rs-350-in-four-days-champawat-news-hld3859641130","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार दिन में मात्र 350 रुपये की बिक्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार दिन में मात्र 350 रुपये की बिक्री
विज्ञापन
चंपावत जिला मुख्यालय में अनलॉक-1 में भी नहीं खुल पा रहे हैं रेस्टोरेंट।
- फोटो : CHAMPAWAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। कोरोना महामारी के कारण लागू लॉकडाउन में बंद हुआ होटल और रेस्टोरेंट संबंधी व्यवसाय अनलॉक-1 में धीरे धीरे खुलने लगा है। लेकिन नामचीन होटल और रेस्टोरेंटों में लोग खाना खाने से बच रहे हैं। आलम यह है कि जिला मुख्यालय में खाने के एक नामचीन होटल में बीते चार दिनों में केवल 350 रुपये की बिक्री हुई है।
इस होटल को अनलॉक-1 में मिली छूट के बाद आठ जून को विधिवत खोल दिया गया था। पहले और दूसरे दिन तो होटल में एक भी ग्राहक नहीं आया। दो दिन बाद एक दो ग्राहक आए तो सही लेकिन उन्होंने खाना पैक कर घर ले जाना ही बेहतर समझा। होटल एवं रेस्टोरेंट व्यवसायी संगठन के प्रकाश तिवारी का कहना है कि ग्राहक नहीं आने के कारण होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शासन की ओर से जारी गाइडलाइन के कारण होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों का व्यवसाय पटरी पर आने में अभी और समय लगेगा। मुख्यालय में अभी अधिकांश होटल और रेस्टोरेंट बंद ही चल रहे हैं। जो खुले भी हैं तो उनमें लोग खाने पीने की चीजों को लेने से बच रहे हैं।
विज्ञापन
-
कोरोना महामारी लोगों की दिनचर्या पर पड़ रही भारी
चंपावत। लॉकडाउन के दौरान एक बजे तक बाजार खुलने की वजह से अधिकांश व्यापारियों और आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। अनलॉक-1 में अधिकांश व्यापारी सायं सात बजे तक प्रतिष्ठान खोलने के बजाए एक बजे ही घरों में सिमट जा रहे हैं। इसके अलावा दो माह से अधिक समय तक घरों से काम करने वाले नौकरी पेशा वर्ग के लोगों की दिनचर्या भी पहले की तरह पटरी पर नहीं लौट पा रही हैैैैैैै।
विज्ञापन
इस होटल को अनलॉक-1 में मिली छूट के बाद आठ जून को विधिवत खोल दिया गया था। पहले और दूसरे दिन तो होटल में एक भी ग्राहक नहीं आया। दो दिन बाद एक दो ग्राहक आए तो सही लेकिन उन्होंने खाना पैक कर घर ले जाना ही बेहतर समझा। होटल एवं रेस्टोरेंट व्यवसायी संगठन के प्रकाश तिवारी का कहना है कि ग्राहक नहीं आने के कारण होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
शासन की ओर से जारी गाइडलाइन के कारण होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों का व्यवसाय पटरी पर आने में अभी और समय लगेगा। मुख्यालय में अभी अधिकांश होटल और रेस्टोरेंट बंद ही चल रहे हैं। जो खुले भी हैं तो उनमें लोग खाने पीने की चीजों को लेने से बच रहे हैं।
विज्ञापन
-
कोरोना महामारी लोगों की दिनचर्या पर पड़ रही भारी
चंपावत। लॉकडाउन के दौरान एक बजे तक बाजार खुलने की वजह से अधिकांश व्यापारियों और आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। अनलॉक-1 में अधिकांश व्यापारी सायं सात बजे तक प्रतिष्ठान खोलने के बजाए एक बजे ही घरों में सिमट जा रहे हैं। इसके अलावा दो माह से अधिक समय तक घरों से काम करने वाले नौकरी पेशा वर्ग के लोगों की दिनचर्या भी पहले की तरह पटरी पर नहीं लौट पा रही हैैैैैैै।