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एनएच पर बंद रहा बड़े वाहनों का संचालन
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग में बेलखेत के पास लगा जाम।
- फोटो : CHAMPAWAT
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टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग पर चंपावत से 51 किमी दूर स्वांला मंदिर के पास सड़क कटिंग के चलते रोडवेज बस, ट्रक और अन्य बड़े वाहनों की आवाजाही बंद रही।
इसके चलते लखनऊ, बरेली सहित कई अन्य मार्गों पर जाने वाले यात्रियों को देवीधुरा रूट से आगे बढ़ना पड़ा जिससे उन्हें 60 से 100 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। वहीं इस मार्ग पर जीप-कार और अन्य छोटे वाहन आम दिनों की तरह चलते रहे।
स्वांला के पास सड़क संकरी होने से बड़े वाहनों की आवाजाही बेहद कठिन हो रही थी। मंगलवार को रोडवेज चालकों ने इस संबंध में प्रबंधन को सूचना देकर संकरे मार्ग पर बस चलाने में असमर्थता जताई थी। इस पर डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने 11 दिसंबर से दो दिन तक बसों व अन्य बड़े वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया था।
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खतरे के मद्देनजर बृहस्पतिवार को भी बस, ट्रक और अन्य बड़े वाहन नहीं चलेंगे। इन दो दिनों में सड़क की तेजी से कटिंग कर संकरे मार्ग को चौड़ा करने के आदेश कार्यदायी संस्था को दिए गए हैं। छोटे वाहनों के संचालित होने के बावजूद बुधवार को भी इस मार्ग पर स्वांला, बेलखेत सहित कई जगह पर रुक-रुक कर जाम लगा रहा। कटिंग के दौरान जगह-जगह धूल छाई रही।
स्टेशन पर रही भीड़, टैक्सियों ने वसूला मनमाना किराया
लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज बस सेवा बाधित होने के चलते मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चंपावत होते हुए टनकपुर और अन्य मैदानी क्षेत्रों को जानी वाली बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों से ज्यादातर टैक्सी चालकों ने मनमाया किराया वसूला। रोडवेज के कार्यवाहक स्टेशन प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि नैनीताल, देहरादून, दिल्ली के लिए देहरादून होते हुए सिर्फ तीन बसों का ही संचालन हो सका।
बड़ी बसों के लिए देवीधुरा वाला मार्ग अनुमन्य नहीं होने से दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार, बरेली, टनकपुर, गुड़गांव आदि को जाने वाले यात्रियों को परेशान होना पड़ा। बसों का संचालन न होने और टैक्सियों की कमी के कारण सुबह से ही स्टेशन और बाजार में यात्रियों की भारी भीड़ रही।
ठप रहा 21 बसों का संचालन
लोहाघाट/टनकपुर (चंपावत)। चंपावत से आवाजाही बंद होने और देवीधुरा रूट के रोडवेज की बड़ी बसों के लिए अनुमन्य नहीं होने से लोहाघाट और टनकपुर डिपो की 21 बस सेवाओं का संचालन बंद रहा। बसें नहीं चलने से यात्रियों को परेशानी तो झेलनी ही पड़ी, साथ ही रोडवेज को ढाई लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
स्टेशन प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि लोहाघाट डिपो में 44 सीटर 22 बसें हैं, जबकि 34 सीटर बसें सिर्फ आठ हैं। मंगलवार को डिपो से गई दिल्ली की चार, देहरादून की तीन, गुड़गांव, ऋषिकेश और हल्द्वानी की एक-एक बसें मार्ग बंद होने से बुधवार को लौट नहीं सकीं। लोहाघाट की इन बसों का संचालन मैदानी क्षेत्रों के लिए टनकपुर से ही किया गया। वहीं टनकपुर की भी 11 बसें पिथौरागढ़ क्षेत्र में फंसी रहीं। ट्रकों की आवाजाही भी पूरे दिन बंद रही। इस कारण भवन निर्माण संबंधी सामग्री बुधवार को नहीं पहुंची। सब्जी और दूध पर इसका असर नहीं पड़ा।
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इसके चलते लखनऊ, बरेली सहित कई अन्य मार्गों पर जाने वाले यात्रियों को देवीधुरा रूट से आगे बढ़ना पड़ा जिससे उन्हें 60 से 100 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। वहीं इस मार्ग पर जीप-कार और अन्य छोटे वाहन आम दिनों की तरह चलते रहे।
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स्वांला के पास सड़क संकरी होने से बड़े वाहनों की आवाजाही बेहद कठिन हो रही थी। मंगलवार को रोडवेज चालकों ने इस संबंध में प्रबंधन को सूचना देकर संकरे मार्ग पर बस चलाने में असमर्थता जताई थी। इस पर डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने 11 दिसंबर से दो दिन तक बसों व अन्य बड़े वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया था।
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खतरे के मद्देनजर बृहस्पतिवार को भी बस, ट्रक और अन्य बड़े वाहन नहीं चलेंगे। इन दो दिनों में सड़क की तेजी से कटिंग कर संकरे मार्ग को चौड़ा करने के आदेश कार्यदायी संस्था को दिए गए हैं। छोटे वाहनों के संचालित होने के बावजूद बुधवार को भी इस मार्ग पर स्वांला, बेलखेत सहित कई जगह पर रुक-रुक कर जाम लगा रहा। कटिंग के दौरान जगह-जगह धूल छाई रही।
स्टेशन पर रही भीड़, टैक्सियों ने वसूला मनमाना किराया
लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज बस सेवा बाधित होने के चलते मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चंपावत होते हुए टनकपुर और अन्य मैदानी क्षेत्रों को जानी वाली बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों से ज्यादातर टैक्सी चालकों ने मनमाया किराया वसूला। रोडवेज के कार्यवाहक स्टेशन प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि नैनीताल, देहरादून, दिल्ली के लिए देहरादून होते हुए सिर्फ तीन बसों का ही संचालन हो सका।
बड़ी बसों के लिए देवीधुरा वाला मार्ग अनुमन्य नहीं होने से दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार, बरेली, टनकपुर, गुड़गांव आदि को जाने वाले यात्रियों को परेशान होना पड़ा। बसों का संचालन न होने और टैक्सियों की कमी के कारण सुबह से ही स्टेशन और बाजार में यात्रियों की भारी भीड़ रही।
ठप रहा 21 बसों का संचालन
लोहाघाट/टनकपुर (चंपावत)। चंपावत से आवाजाही बंद होने और देवीधुरा रूट के रोडवेज की बड़ी बसों के लिए अनुमन्य नहीं होने से लोहाघाट और टनकपुर डिपो की 21 बस सेवाओं का संचालन बंद रहा। बसें नहीं चलने से यात्रियों को परेशानी तो झेलनी ही पड़ी, साथ ही रोडवेज को ढाई लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
स्टेशन प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि लोहाघाट डिपो में 44 सीटर 22 बसें हैं, जबकि 34 सीटर बसें सिर्फ आठ हैं। मंगलवार को डिपो से गई दिल्ली की चार, देहरादून की तीन, गुड़गांव, ऋषिकेश और हल्द्वानी की एक-एक बसें मार्ग बंद होने से बुधवार को लौट नहीं सकीं। लोहाघाट की इन बसों का संचालन मैदानी क्षेत्रों के लिए टनकपुर से ही किया गया। वहीं टनकपुर की भी 11 बसें पिथौरागढ़ क्षेत्र में फंसी रहीं। ट्रकों की आवाजाही भी पूरे दिन बंद रही। इस कारण भवन निर्माण संबंधी सामग्री बुधवार को नहीं पहुंची। सब्जी और दूध पर इसका असर नहीं पड़ा।