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अब लोनिवि के स्थान पर पीएमजीएसवाई करेगी सड़क का रखरखाव
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लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड बाराकोट के गल्लागांव-देवलीमाफी मार्ग का सुधारीकरण, डामरीकरण का कार्य अब लोनिवि के बजाय पीएमजीएसवाई खंड करेगा। इस सड़क के रखरखाव का जिम्मा पीएमजीएसवाई को सौंपा गया है। सड़क सुधारीकरण के लिए पीएमजीएसवाई की ओर से निविदाएं आमंत्रित करने का मामला न्यायालय पहुंच गया है। इस कारण फिलहाल काम शुरू नहीं हो सका है।
करीब 14 किमी लंबी गल्लागांव-देवलीमाफी सड़क 30 वर्ष पूर्व बनी थी। अब सड़क बदहाल है। सड़क में कई जगह बने गड्ढे हर वक्त दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। सड़क के ऊपर पहाड़ी से मलबा आने से समय समय पर यह मार्ग बाधित हो जाता है। वाहन चालक जान जोखिम में डालकर बदहाल सड़क से गुजरते हैं। सड़क की बदहाली के चलते ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोनिवि के ईई एमसी पलड़िया के अनुसार गल्लागांव-देवलीमाफी सड़क के रखरखाव का जिम्मा पहले लोनिवि के पास था। सड़क सुधारीकरण, डामरीकरण के लिए विभाग की ओर से डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई थी। अब इस सड़क के रखरखाव का कार्य पीएमजीएसवाई को सौंप दिया गया है।
न्यायालय से निर्णय आने के बाद होगी कार्रवाई
लोहाघाट (चंपावत)। पीएमजीएसवाई के एई राजीव खनूलिया ने बताया कि गल्लागांव-देवलीमाफी सड़क सुधारीकरण का कार्य पीएमजीएसवाई को मिला है। इसके तहत सड़क सुधारीकरण के लिए विभाग की ओर से निविदाएं आमंत्रित की गई थी। इसके बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय से निर्णय आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी
लोहाघाट (चंपावत)। ग्रामीण शेखर तिवारी, गोविंद तिवारी, संजय जोशी, सुनीता जोशी, मोहन राम, गोविंद राम, श्याम सिंह, मोहन सिंह, गोविंद नाथ, हेमा तिवारी, सुनीता विश्वकर्मा आदि ग्रामीणों का कहना है कि नौमाना, तड़ीगांव, डोबाभागू, बैड़ाओड़, ढटीगांव, बमेड़ा, खरतोला, बसोड़ी, सिमलटुकरा, ब्रह्मपुरी, देवलीमाफी आदि गांवों की 10 हजार से अधिक आबादी गल्लागांव-देवलीमाफी मोटर मार्ग पर निर्भर है। सड़क की हालत बदहाल होने के चलते ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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करीब 14 किमी लंबी गल्लागांव-देवलीमाफी सड़क 30 वर्ष पूर्व बनी थी। अब सड़क बदहाल है। सड़क में कई जगह बने गड्ढे हर वक्त दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। सड़क के ऊपर पहाड़ी से मलबा आने से समय समय पर यह मार्ग बाधित हो जाता है। वाहन चालक जान जोखिम में डालकर बदहाल सड़क से गुजरते हैं। सड़क की बदहाली के चलते ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोनिवि के ईई एमसी पलड़िया के अनुसार गल्लागांव-देवलीमाफी सड़क के रखरखाव का जिम्मा पहले लोनिवि के पास था। सड़क सुधारीकरण, डामरीकरण के लिए विभाग की ओर से डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई थी। अब इस सड़क के रखरखाव का कार्य पीएमजीएसवाई को सौंप दिया गया है।
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न्यायालय से निर्णय आने के बाद होगी कार्रवाई
लोहाघाट (चंपावत)। पीएमजीएसवाई के एई राजीव खनूलिया ने बताया कि गल्लागांव-देवलीमाफी सड़क सुधारीकरण का कार्य पीएमजीएसवाई को मिला है। इसके तहत सड़क सुधारीकरण के लिए विभाग की ओर से निविदाएं आमंत्रित की गई थी। इसके बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय से निर्णय आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी
लोहाघाट (चंपावत)। ग्रामीण शेखर तिवारी, गोविंद तिवारी, संजय जोशी, सुनीता जोशी, मोहन राम, गोविंद राम, श्याम सिंह, मोहन सिंह, गोविंद नाथ, हेमा तिवारी, सुनीता विश्वकर्मा आदि ग्रामीणों का कहना है कि नौमाना, तड़ीगांव, डोबाभागू, बैड़ाओड़, ढटीगांव, बमेड़ा, खरतोला, बसोड़ी, सिमलटुकरा, ब्रह्मपुरी, देवलीमाफी आदि गांवों की 10 हजार से अधिक आबादी गल्लागांव-देवलीमाफी मोटर मार्ग पर निर्भर है। सड़क की हालत बदहाल होने के चलते ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।