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सिद्धमोड़ का मलबा हटाकर मुख्य मंदिर का रास्ता खोला
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत )
Updated Sat, 08 Jul 2017 10:18 PM IST
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मां पूर्णागिरि दर्शन को जाते श्रद्घालु।
- फोटो : अमर उजाला
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मां पूर्णागिरि धाम में सिद्धमोड़ पर दरकी पहाड़ी का मलबा हटाकर लोनिवि ने पैदल आवाजाही लायक रास्ता खोल दिया है, लेकिन अब भी बारिश आने पर इस स्थान पर पहाड़ी के दरकने का खतरा बना है।
बरसात के मौसम में हर साल पूर्णागिरि धाम में पहाड़ियों के दरकने से परेशानी होती है। शुक्रवार तक तीन दिन हुई बारिश से पूर्णागिरि मार्ग कई बार बाधित हुआ, इससे यात्रियों को खासी परेशानी हुई। हनुमानचट्टी और लादीगाड़ के साथ ही सिद्धमोड़ के पास पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से मुख्य मंदिर का पैदल रास्ता बंद हो गया है। एसडीएम अनिल चन्याल के निर्देश पर हरकत में आए लोनिवि ने मलबा हटाकर पैदल आवाजाही लायक रास्ता खोल दिया है।
एई एपीएस बिष्ट ने बताया कि पहाड़ी का पूरा मलबा हटा पाना अभी संभव नहीं है। बहरहाल मार्ग पर आया कुछ मलबा हटाकर पैदल आवाजाही लायक बना दिया गया है। मंदिर समिति अध्यक्ष भुवन पांडेय का कहना है कि धाम क्षेत्र में हनुमानचट्टी, लादीगाड़ और सिद्धमोड़ में अब भी बारिश आने पर पहाड़ी के दरकने का खतरा बना है। उन्होंने प्रशासन से इन स्थलों पर सुरक्षात्मक कदम उठाने की मांग की है।
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बरसात के मौसम में हर साल पूर्णागिरि धाम में पहाड़ियों के दरकने से परेशानी होती है। शुक्रवार तक तीन दिन हुई बारिश से पूर्णागिरि मार्ग कई बार बाधित हुआ, इससे यात्रियों को खासी परेशानी हुई। हनुमानचट्टी और लादीगाड़ के साथ ही सिद्धमोड़ के पास पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से मुख्य मंदिर का पैदल रास्ता बंद हो गया है। एसडीएम अनिल चन्याल के निर्देश पर हरकत में आए लोनिवि ने मलबा हटाकर पैदल आवाजाही लायक रास्ता खोल दिया है।
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एई एपीएस बिष्ट ने बताया कि पहाड़ी का पूरा मलबा हटा पाना अभी संभव नहीं है। बहरहाल मार्ग पर आया कुछ मलबा हटाकर पैदल आवाजाही लायक बना दिया गया है। मंदिर समिति अध्यक्ष भुवन पांडेय का कहना है कि धाम क्षेत्र में हनुमानचट्टी, लादीगाड़ और सिद्धमोड़ में अब भी बारिश आने पर पहाड़ी के दरकने का खतरा बना है। उन्होंने प्रशासन से इन स्थलों पर सुरक्षात्मक कदम उठाने की मांग की है।
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