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बैराज से वाहनों का संचालन और विद्युत उत्पादन बंद
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टनकपुर में उफान में शारदा नदी। संवाद
- फोटो : TANAKPUR
बनबसा (चंपावत)। बनबसा स्थित शारदा बैराज पर सोमवार को दूसरे दिन भी रेडअलर्ट रहा। इस कारण बैराज से वाहनों का संचालन नहीं हो सका। वहीं एनएचपीसी की पावर चैनल एवं शारदा नहर की जलापूर्ति बंद होने से बनबसा स्थित टनकपुर पावर स्टेशन और उत्तराखंड जलविद्युत निगम के लोहियाहेड पावर स्टेशन में विद्युत उत्पादन दो दिनों से बंद है।
शारदा नदी का जलस्तर रविवार रात नौ बजे सर्वाधिक 1,82,550 क्यूसेक था। सोमवार सुबह छह बजे नदी का जलस्तर घटकर 1,43,310, आठ बजे 1,36,410, 10 बजे 1,37,570, 12 बजे 1,54,820 और दो बजे 1,37,570 क्यूसेक रहा। नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने पर ही बैराज से वाहनों का संचालन संभव हो पाएगा।
शारदा नदी में अत्यधिक मलबा आने से एनएचपीसी की पावर चैनल एवं शारदा नहर की जलापूर्ति दो दिनों से रोकी गई है जिससे बनबसा स्थित टनकपुर पावर स्टेशन एवं उत्तराखंड जलविद्युत निगम के लोहियाहेड पावर स्टेशन का विद्युत उत्पादन ठप है। बनबसा स्थित यूपी सिंचाई विभाग शारदा हेडवर्क्स के प्रभारी बैराज अटैंडेंट जेई संजय सिंह ने बताया कि नदी में साफ पानी आने के बाद ही पावर चैनल एवं नहर में पानी छोड़ा जाएगा जिसके बाद विद्युत उत्पादन शुरू हो पाएगा।
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शारदा नदी का जलस्तर रविवार रात नौ बजे सर्वाधिक 1,82,550 क्यूसेक था। सोमवार सुबह छह बजे नदी का जलस्तर घटकर 1,43,310, आठ बजे 1,36,410, 10 बजे 1,37,570, 12 बजे 1,54,820 और दो बजे 1,37,570 क्यूसेक रहा। नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने पर ही बैराज से वाहनों का संचालन संभव हो पाएगा।
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शारदा नदी में अत्यधिक मलबा आने से एनएचपीसी की पावर चैनल एवं शारदा नहर की जलापूर्ति दो दिनों से रोकी गई है जिससे बनबसा स्थित टनकपुर पावर स्टेशन एवं उत्तराखंड जलविद्युत निगम के लोहियाहेड पावर स्टेशन का विद्युत उत्पादन ठप है। बनबसा स्थित यूपी सिंचाई विभाग शारदा हेडवर्क्स के प्रभारी बैराज अटैंडेंट जेई संजय सिंह ने बताया कि नदी में साफ पानी आने के बाद ही पावर चैनल एवं नहर में पानी छोड़ा जाएगा जिसके बाद विद्युत उत्पादन शुरू हो पाएगा।
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