फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Reached Mangal but no road reached the village

Champawat News: मंगल तक पहुंच गए लेकिन गांव तक सड़क नहीं आई

Sun, 14 Jan 2024 10:32 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Sun, 14 Jan 2024 10:32 PM IST
विज्ञापन
Reached Mangal but no road reached the village
चंपावत के खटोली गांव में सड़क नहीं होने से सिर में बोझ ढोते ग्रामीण। संवाद
सतीश जोशी सत्तू
विज्ञापन

चंपावत। देश को आजादी मिले हुए भले ही 76 साल बीत चुके हैं। इन 76 वर्षों में देश ने खूब तरक्की की। आज हम मंगल और चांद तक भी पहुंच गए हैं लेकिन चंपावत जिले की दूरस्थ तल्ली खटोली ग्राम पंचायत क्षेत्र की 600 से अधिक की आबादी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाई है। गांव के लिए सिर्फ सात किमी की सड़क बन जाए ग्रामीणों को सहूलियत तो मिलेगी ही साथ ही गांव से पलायन भी रुकेगा। फिलहाल ग्रामीणों को जहां मरीजों को डोली के सहारे सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। वहीं आज भी यहां के लोगों को जरूरी सामान बाजार से सिर पर ढोकर घर तक लाना पड़ता है।
सड़क के अभाव के कारण और बेहतर शिक्षा की व्यवस्था नहीं होने के चलते गांव की गुलजार रहने वाली बाखलियां वीरान होने लगी हैं। खटोली क्षेत्र के भाड़ी, चूबी, भींजर, भल्या, गोला, कठाड़, रमानडाली, खोला, बुंगा सहित कई अन्य तोकों के ग्रामीणों को सड़क का बेसब्री से इंतजार है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से सड़क की मांग उठाते आ रहे हैं लेकिन अब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई है। सड़क नहीं होने से गांव से पलायन बढ़ा है और अधिकांश आवासीय मकान खंडहर में तब्दील होते जा रहे हैं। संवाद
विज्ञापन

खतरनाक जंगली रास्ते से स्कूल जाते हैं बच्चे
चंपावत। सड़क सुविधा की कमी के कारण तल्ली खटोली के बच्चों को जंगल के खतरनाक रास्तों से स्कूल जाना पड़ता है। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना में शामिल होने के बाद भी खटोली ग्राम पंचायत से ग्रामीणों का पलायन बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में गांव की आबादी 200 से कम रह गई है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
तल्ली खटोली में सड़क नहीं होने से यहां के काश्तकार बाजार तक अपने उत्पादों को नहीं पहुंचा पा रहे हैं जिस कारण आजीविका चलाने में दिक्कत आती है। पूर्व में कई जनप्रतिनिधियों की ओर से गांव को सड़क से जोड़ने के सब्जबाग तो दिखाए गए लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा। - कृष्ण सिंह, ग्रामीण।
--
गांव के विकास के लिए शासन प्रशासन के अधिकारियों के सामने गुहार लगाने के साथ ही सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करने के बाद भी सड़क निर्माण की कोई कार्यवाही शुरू नहीं हो सकी है। यह हाल तब है जब खटोली मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा क्षेत्र में आता है। -मनोज दत्त भट्ट, ग्रामीण।
--
सड़क नहीं होने से तल्ली खटोली के बुजुर्ग ग्रामीणों को वृद्धावस्था पेंशन लेने के लिए दो दिन का समय लगता है। बैंक तक जाने के लिए बुजुर्गों को पहले दिन पैदल चलकर सड़क तक पहुंचना होता हैं। इसके बाद दूसरे दिन वे घर वापसी करते हैं। - किशोर भट्ट, ग्रामीण।

--
यदि ग्रामीणों की सड़क की मांग का प्रमुखता से समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं। इस संबंध में ग्रामीणों की ओर से रणनीति तय की जा रही है। आखिर ग्रामीणों को उनके बुनियादी हकों से क्यों महरूम किया जा रहा है। - घनश्याम भट्ट, ग्रामीण।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed