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Champawat News: गोल्ज्यू महोत्सव में बारिश से व्यापार पर मार
Sat, 01 Jul 2023 10:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 01 Jul 2023 10:39 PM IST
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चंपावत में लगे गोल्ज्यू महोत्सव में बारिश से कीचड़ से पटा गोरलचौड़ मैदान। संवाद
चंपावत। 22 जून से शुरू हुए चंपावत के गोल्ज्यू महोत्सव में बारिश ने कारोबारियों को बड़ा झटका दिया है। दो दिनों में हुई बारिश से व्यापारियों के माथे पर बल पड़ने लगे हैं। बाहर से आए ज्यादातार कारोबारियों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। महोत्सव का रविवार को भंडारे के बाद समापन होगा। वैसे व्यापारियों ने महोत्सव की समयावधि बढ़ाने की मांग की है।
वर्ष 2020 के बाद पहली बार शुरू हुए गोल्ज्यू महोत्सव धर्म, लोक संस्कृति के अलावा कारोबारी दृष्टि से महत्वपूर्ण है। महोत्सव में पहले एक सप्ताह तक अनुकूल मौसम रहने से सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित सभी गतिविधियां ठीक तरह से निपटीं लेकिन 29 जून से हुई बारिश ने मेले की व्यापारिक गतिविधियों पर असर डाला है।
गोरलचौड़ मैदान में 200 से अधिक स्टॉल लगे हैं जिनमें यूपी के मुरादाबाद, रामपुर, बरेली से लेकर उत्तराखंड के काशीपुर, पिथौरागढ़ सहित कई जगह के व्यापारी पहुंचे हैं। व्यापारियों का कहना है कि बारिश से 20 लाख रुपये से अधिक का झटका लगा है। व्यापारियों ने मेले को एक सप्ताह आगे बढ़ाने का आग्रह किया था लेकिन नगर पालिका ने इसे मानने से इनकार कर दिया है। चेयरमैन विजय वर्मा का कहना है कि व्यापारिक गतिविधियों को आगे बढ़ाना कई वजहों से संभव नहीं है।
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चंपावत के मेले में पहली बार आए हैं। हमारे पास सभी हस्तनिर्मित उत्पाद हैं। परिवार के चार लोग काम पर लगे हैं। 28 जून तक मेला ठीक चल रहा था लेकिन इसके बाद बारिश ने झटका दे दिया है। - सुशांत दास, वर्द्धमान, पश्चिम बंगाल।
इस मेले से काफी उम्मीद थी लेकिन बारिश ने इस आस पर पानी फेर दिया है। लंबा चौड़ा स्टाफ होने के अलावा आने-जाने और किराये पर भारी खर्च हुआ है। अब बारिश की वजह से काफी नुकसान हो गया है। अनवर, मुरादाबाद।
अचार, जूस, आवंला कैंडी सहित विविध हस्तनिर्मित सामग्री को मेले में लोगों ने खूब सराहा है। जरूर बारिश से बिक्री में कमी आई है। लेकिन लोगों की प्रतिक्रिया को देखते हुए वे आगे भी आएंगे। - विमला, जय अंबे स्वयंसहायता समूह, काशीपुर।
अब तक यहां आने पर ठीकठाक मुनाफा होता था लेकिन इस बार अधिक खर्च और फिर बारिश ने मुश्किल में डाल दिया है। मेले में कुछ दिन स्टॉल लगाने की अनुमति मिलने से इसकी भरपाई हो सकती है। - गुलाम मुर्तुजा, मुरादाबाद।
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वर्ष 2020 के बाद पहली बार शुरू हुए गोल्ज्यू महोत्सव धर्म, लोक संस्कृति के अलावा कारोबारी दृष्टि से महत्वपूर्ण है। महोत्सव में पहले एक सप्ताह तक अनुकूल मौसम रहने से सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित सभी गतिविधियां ठीक तरह से निपटीं लेकिन 29 जून से हुई बारिश ने मेले की व्यापारिक गतिविधियों पर असर डाला है।
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गोरलचौड़ मैदान में 200 से अधिक स्टॉल लगे हैं जिनमें यूपी के मुरादाबाद, रामपुर, बरेली से लेकर उत्तराखंड के काशीपुर, पिथौरागढ़ सहित कई जगह के व्यापारी पहुंचे हैं। व्यापारियों का कहना है कि बारिश से 20 लाख रुपये से अधिक का झटका लगा है। व्यापारियों ने मेले को एक सप्ताह आगे बढ़ाने का आग्रह किया था लेकिन नगर पालिका ने इसे मानने से इनकार कर दिया है। चेयरमैन विजय वर्मा का कहना है कि व्यापारिक गतिविधियों को आगे बढ़ाना कई वजहों से संभव नहीं है।
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चंपावत के मेले में पहली बार आए हैं। हमारे पास सभी हस्तनिर्मित उत्पाद हैं। परिवार के चार लोग काम पर लगे हैं। 28 जून तक मेला ठीक चल रहा था लेकिन इसके बाद बारिश ने झटका दे दिया है। - सुशांत दास, वर्द्धमान, पश्चिम बंगाल।
इस मेले से काफी उम्मीद थी लेकिन बारिश ने इस आस पर पानी फेर दिया है। लंबा चौड़ा स्टाफ होने के अलावा आने-जाने और किराये पर भारी खर्च हुआ है। अब बारिश की वजह से काफी नुकसान हो गया है। अनवर, मुरादाबाद।
अचार, जूस, आवंला कैंडी सहित विविध हस्तनिर्मित सामग्री को मेले में लोगों ने खूब सराहा है। जरूर बारिश से बिक्री में कमी आई है। लेकिन लोगों की प्रतिक्रिया को देखते हुए वे आगे भी आएंगे। - विमला, जय अंबे स्वयंसहायता समूह, काशीपुर।
अब तक यहां आने पर ठीकठाक मुनाफा होता था लेकिन इस बार अधिक खर्च और फिर बारिश ने मुश्किल में डाल दिया है। मेले में कुछ दिन स्टॉल लगाने की अनुमति मिलने से इसकी भरपाई हो सकती है। - गुलाम मुर्तुजा, मुरादाबाद।