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Champawat News: मानसून से पहले बारिश ने मचाई तबाही, पांच घंटे बाधित रहा एनएच
Thu, 27 Jun 2024 10:28 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 27 Jun 2024 10:28 PM IST
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चंपावत में बंद दुधौरी- सेरा सड़क खोलते लोग। संवाद
चंपावत/लोहाघाट/टनकपुर/बनबसा/। मानसूनी बारिश शुरू होने से पहले ही मूसलाधार बारिश ने जिले में तबाही मचानी शुरू कर दी है। बारिश से टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच दो जगहों पर दो बार पांच घंटे बंद रहा। पहाड़ी से आए मलबे से सूखीढ़ांग, स्वांला में सड़क बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसके अलावा छह ग्रामीण सड़कें भी बंद रहीं। नागनाथ वार्ड के तिलवाड़ा नई बस्ती में आवासीय मकानों को खतरा पैदा हो गया है। टनकपुर में किरौड़ा और बाटनागाड़ नाले उफना गए। इससे कई घंटे यातायात ठप हो गया। पंपापुरी में पेड़ गिरने से एक मकान और मंदिर क्षतिग्रस्त हो गए। बस स्टेशन से रीठा साहिब गुरुद्वारा तक जगह-जगह कीचड़ और जल भराव होने से तीर्थ यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बृहस्पतिवार को चंपावत में 24 घंटे में 96 मिलीमीटर बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। एनएच पर स्वांला के पास बंद होने से टनकपुर से चंपावत और चंपावत से टनकपुर जा रहे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़। छोटे, बड़े वाहन समेत रोडवेज की कई बसें फंस गई। बस में सवार दिल्ली, देहरादून समेत अन्य राज्यों से चंपावत, पिथौरागढ़ जा रहे यात्री परेशान रहे। आपदा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार स्वांला में तड़के 3.21 बजे से 6बजे, 11 से 11.30 बजे मार्ग बंद रहा। वहीं सुखीढांग में पहाड़ी से आए मलबे के कारण सुबह 4.30 से 6.04 बजे और इसके बाद सुबह 9.07 बजे से 9.35 बजे तक एनएच बंद रहा। मशीनें लगाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु किया। इसके अलावा बारिश से सूखीढांग-डांडा-धूरा-रीठा साहिब, किमतोली-रौसाल-असलाड़, धौन-पत्थरमौन, रीठा साहिब-बिनवालगांव, धौन-सल्ली और धौन-दियूरी-बजौन ग्रामीण सड़क बंद होने से करीब 15 हजार की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नागनाथ वार्ड के तिलवाड़ा नई बस्ती में आवासीय मकानों को खतरा पैदा हो गया है। अक्तूबर 2021 को भारी बारिश से तीन लोगों की मकान में दबकर मौत हो गई थी।भवन स्वामी दीवान राम, दीनू विश्वकर्मा, किशन भट्ट, भागीरथी देवी, दिनेश चंद्रन्द्र, राजेंद्र प्रसाद, कैलाश भट्ट, घनश्याम थ्वाला आदि ने जिला प्रशासन से जल्द सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग उठाई है। किरौड़ा में सुबह के समय हल्का पानी आया। जबकि बाटना गाड़ में मलबा आने से करीब एक घंटे तक मां पूर्णागिरि मार्ग में बूम-ढूलीगाड़ के बीच यातायात ठप रहा। लोनिवि की जेसीबी ने मलबा हटाकर यातायात को सुचारु किया। प्रशासन ने बाटनागाड़ में जेसीबी को 24 घंटे खड़ा किया है, मलबा आते ही लोनिवि की जेसीबी मलबा हटाने में जुट रही है।
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बनबसा बैराज पुलिस चौकी प्रभारी एसआई ललित मोहन पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार तड़के पंपापुर में दुर्जन लाल पुत्र मुन्ने लाल के मकान पर पेड़ गिर गया। इससे मकान क्षतिग्रस्त होकर घरेलू सामान नष्ट हो गया।पटवारी ललित प्रसाद ने मकान स्वामी का करीब तीस हजार का नुकसान होने का आंकलन किया है। पूर्व कृषि उत्पादन मंडी समिति उपाध्यक्ष और पूर्व बीडीसी सदस्य जसवंत सिंह बसेड़ा ने शासन-प्रशासन से बनबसा में बाढ़ नियंत्रण और जल भराव से निजात दिलाने की मांग की है। उन्होंने बनबसा को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेज है। भारी बारिश से रौसाल असलाड मोटर मार्ग और रीठा साहिब बिनवाल मोटर भारी मलबा आने से बंद हो गया। मोटर मार्ग में यातायात बंद होने से कई वाहन फंस गए। बाराकोट ब्लाक के गल्ला गांव देवली माफी मोटर मार्ग में बारिश के चलते पत्थर गिरने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा ।
बारिश के बाद भी चौथे दिन मिल रहा पानी
लोहाघाट (चंपावत)। नगर में पेयजल किल्लत थमने का नाम नहीं ले रही है। क्षेत्र में हो रही बारिश के बाद भी जल स्तर में कोई सुधार नहीं हो रहा है। इसके चलते लोगों को तीसरे, चौथे दिन पानी का वितरण किया जा रहा है। बारिश के बाद भी पेयजल समस्या का समाधान न होने पर लोगों ने नाराजगी जताई है।
लोहाघाट नगर में प्रतिदिन 2160 केएल पानी की जरूरत है, लेकिन जल संस्थान की चार योजनाओं से मात्र 430 केएल पानी मिल रहा है। लोग हैंडपंप, धारों और नौलों से पानी ढोने को मजबूर हैं। जल संस्थान के मुताबिक चार वाहनों के जरिए रोजाना मुख्य पेयजल टैंक में 80 केएल पानी डाला जा रहा है, इससे कुछ राहत मिल रही है। जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि बारिश के बाद अभी चारों पेयजल योजनाओं के जलस्तर पर कोई बढ़ोतरी नहीं हो पाई। लोहावती नदी से चार सौ केएल, फोर्ती गधेरे और नलकूप से 20 केएल पानी और वनस्वाण पेयजल योजना से केवल 10 केएल पानी ही मिल पा रहा है। टैंकर के जरिए 80 केएल पानी मुख्य टैंक में डाला जा रहा है। पेयजल टैंक में अतिरिक्त वाहन लगा दिए हैं।
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चंपावत बारिश का विवरण
चंपावत- 96 मिमी।
बनबसा- 13-मिमी
लोहाघाट-10 मिमी।
पाटी- 9 मिमी।
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पिथौरागढ़ में बारिश से बढ़ रहा है नदियों का जल स्तर
- जल भराव की समस्या के बावजूद नहीं खोलीं सड़कों की बंद पड़ी नालियां
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। सीमांत जिले के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से नदियों के किनारे नहीं जाने की अपील की है। पिथौरागढ़ नगर सहित कई अन्य हिस्सों में सुबह बारिश होने से तपिश से कुछ राहत मिली।
अभी मानसून ने दस्तक नहीं दी है। प्री मानसून बारिश से ही जल भराव सहित तमाम समस्याएं होने लगी हैं। पिथौरागढ़ नगर सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में बुधवार देर रात हल्की बारिश हुई। बारिश से रई पुल, मल्टी स्टोरी पार्किंग के पास हल्का सा जलभराव हुआ। इससे पैदल आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्र पंडा पुल और जाजरदेवल पुल के पास पानी के जमा होने से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ी।
पिथौरागढ़ जिले में हुई बारिश का विवरण एमएम में
तेजम- 40.0
बंगापानी- 25.0
मुनस्यारी- 9.5
धारचूला- 6.6
डीडीहाट- 3.8
गंगोलीहाट- 2.00
पिथौरागढ़- 1.00
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पिथौरागढ़ में नदियों का जल स्तर मीटर में
नदी - जल स्तर- खतरे का निशान
काली नदी- 888.40 - 890.00
सरयू नदी- 445.00 - 453.00
गोरी नदी जौलजीबी-603.600 -607.80
गोरी नदी मदकोट-1211.40 - 1215.10
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बृहस्पतिवार को चंपावत में 24 घंटे में 96 मिलीमीटर बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। एनएच पर स्वांला के पास बंद होने से टनकपुर से चंपावत और चंपावत से टनकपुर जा रहे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़। छोटे, बड़े वाहन समेत रोडवेज की कई बसें फंस गई। बस में सवार दिल्ली, देहरादून समेत अन्य राज्यों से चंपावत, पिथौरागढ़ जा रहे यात्री परेशान रहे। आपदा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार स्वांला में तड़के 3.21 बजे से 6बजे, 11 से 11.30 बजे मार्ग बंद रहा। वहीं सुखीढांग में पहाड़ी से आए मलबे के कारण सुबह 4.30 से 6.04 बजे और इसके बाद सुबह 9.07 बजे से 9.35 बजे तक एनएच बंद रहा। मशीनें लगाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु किया। इसके अलावा बारिश से सूखीढांग-डांडा-धूरा-रीठा साहिब, किमतोली-रौसाल-असलाड़, धौन-पत्थरमौन, रीठा साहिब-बिनवालगांव, धौन-सल्ली और धौन-दियूरी-बजौन ग्रामीण सड़क बंद होने से करीब 15 हजार की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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नागनाथ वार्ड के तिलवाड़ा नई बस्ती में आवासीय मकानों को खतरा पैदा हो गया है। अक्तूबर 2021 को भारी बारिश से तीन लोगों की मकान में दबकर मौत हो गई थी।भवन स्वामी दीवान राम, दीनू विश्वकर्मा, किशन भट्ट, भागीरथी देवी, दिनेश चंद्रन्द्र, राजेंद्र प्रसाद, कैलाश भट्ट, घनश्याम थ्वाला आदि ने जिला प्रशासन से जल्द सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग उठाई है। किरौड़ा में सुबह के समय हल्का पानी आया। जबकि बाटना गाड़ में मलबा आने से करीब एक घंटे तक मां पूर्णागिरि मार्ग में बूम-ढूलीगाड़ के बीच यातायात ठप रहा। लोनिवि की जेसीबी ने मलबा हटाकर यातायात को सुचारु किया। प्रशासन ने बाटनागाड़ में जेसीबी को 24 घंटे खड़ा किया है, मलबा आते ही लोनिवि की जेसीबी मलबा हटाने में जुट रही है।
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बनबसा बैराज पुलिस चौकी प्रभारी एसआई ललित मोहन पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार तड़के पंपापुर में दुर्जन लाल पुत्र मुन्ने लाल के मकान पर पेड़ गिर गया। इससे मकान क्षतिग्रस्त होकर घरेलू सामान नष्ट हो गया।पटवारी ललित प्रसाद ने मकान स्वामी का करीब तीस हजार का नुकसान होने का आंकलन किया है। पूर्व कृषि उत्पादन मंडी समिति उपाध्यक्ष और पूर्व बीडीसी सदस्य जसवंत सिंह बसेड़ा ने शासन-प्रशासन से बनबसा में बाढ़ नियंत्रण और जल भराव से निजात दिलाने की मांग की है। उन्होंने बनबसा को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेज है। भारी बारिश से रौसाल असलाड मोटर मार्ग और रीठा साहिब बिनवाल मोटर भारी मलबा आने से बंद हो गया। मोटर मार्ग में यातायात बंद होने से कई वाहन फंस गए। बाराकोट ब्लाक के गल्ला गांव देवली माफी मोटर मार्ग में बारिश के चलते पत्थर गिरने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा ।
बारिश के बाद भी चौथे दिन मिल रहा पानी
लोहाघाट (चंपावत)। नगर में पेयजल किल्लत थमने का नाम नहीं ले रही है। क्षेत्र में हो रही बारिश के बाद भी जल स्तर में कोई सुधार नहीं हो रहा है। इसके चलते लोगों को तीसरे, चौथे दिन पानी का वितरण किया जा रहा है। बारिश के बाद भी पेयजल समस्या का समाधान न होने पर लोगों ने नाराजगी जताई है।
लोहाघाट नगर में प्रतिदिन 2160 केएल पानी की जरूरत है, लेकिन जल संस्थान की चार योजनाओं से मात्र 430 केएल पानी मिल रहा है। लोग हैंडपंप, धारों और नौलों से पानी ढोने को मजबूर हैं। जल संस्थान के मुताबिक चार वाहनों के जरिए रोजाना मुख्य पेयजल टैंक में 80 केएल पानी डाला जा रहा है, इससे कुछ राहत मिल रही है। जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि बारिश के बाद अभी चारों पेयजल योजनाओं के जलस्तर पर कोई बढ़ोतरी नहीं हो पाई। लोहावती नदी से चार सौ केएल, फोर्ती गधेरे और नलकूप से 20 केएल पानी और वनस्वाण पेयजल योजना से केवल 10 केएल पानी ही मिल पा रहा है। टैंकर के जरिए 80 केएल पानी मुख्य टैंक में डाला जा रहा है। पेयजल टैंक में अतिरिक्त वाहन लगा दिए हैं।
चंपावत बारिश का विवरण
चंपावत- 96 मिमी।
बनबसा- 13-मिमी
लोहाघाट-10 मिमी।
पाटी- 9 मिमी।
पिथौरागढ़ में बारिश से बढ़ रहा है नदियों का जल स्तर
- जल भराव की समस्या के बावजूद नहीं खोलीं सड़कों की बंद पड़ी नालियां
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। सीमांत जिले के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से नदियों के किनारे नहीं जाने की अपील की है। पिथौरागढ़ नगर सहित कई अन्य हिस्सों में सुबह बारिश होने से तपिश से कुछ राहत मिली।
अभी मानसून ने दस्तक नहीं दी है। प्री मानसून बारिश से ही जल भराव सहित तमाम समस्याएं होने लगी हैं। पिथौरागढ़ नगर सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में बुधवार देर रात हल्की बारिश हुई। बारिश से रई पुल, मल्टी स्टोरी पार्किंग के पास हल्का सा जलभराव हुआ। इससे पैदल आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्र पंडा पुल और जाजरदेवल पुल के पास पानी के जमा होने से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ी।
पिथौरागढ़ जिले में हुई बारिश का विवरण एमएम में
तेजम- 40.0
बंगापानी- 25.0
मुनस्यारी- 9.5
धारचूला- 6.6
डीडीहाट- 3.8
गंगोलीहाट- 2.00
पिथौरागढ़- 1.00
पिथौरागढ़ में नदियों का जल स्तर मीटर में
नदी - जल स्तर- खतरे का निशान
काली नदी- 888.40 - 890.00
सरयू नदी- 445.00 - 453.00
गोरी नदी जौलजीबी-603.600 -607.80
गोरी नदी मदकोट-1211.40 - 1215.10