फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Pushkar trapped inside tunnel and his missing cow returned home after 17 days

ये कैसा कनेक्शन: टनल के अंदर फंसा पुष्कर, तो गायब हुई गाय, 17 दिन बाद मिली दोगुनी खुशखबरी

Wed, 29 Nov 2023 01:23 PM IST
हीरा मेहरा भुवन पाटनी, संवाद
भुवन पाटनी, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 29 Nov 2023 01:23 PM IST
सार

मंगलवार शाम बेटे पुष्कर सिंह ऐरी के सुरंग से सुरक्षित निकलने के बाद खुशी से गदगद मां गंगा देवी और पिता राम सिंह ऐरी ने कहा कि हमारी दिवाली तो अब शुरू होगी। इसके साथ ही परिजनों ने बताया कि दिवाली के दौरान गायब हुई गाय भी मंगलवार को वापस आ गई है।

विज्ञापन
Pushkar trapped inside tunnel and his missing cow returned home after 17 days
गाय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मंगल का दिन हमारे लिए महामंगल से कम नहीं है। औरों के लिए दिवाली 12 नवंबर को थी लेकिन हमारी दिवाली तो अब शुरू होगी। मंगलवार शाम बेटे पुष्कर सिंह ऐरी के सुरंग से सुरक्षित निकलने के बाद खुशी से गदगद मां गंगा देवी और पिता राम सिंह ऐरी का यह कहना था। 

विज्ञापन


सिलक्यारा में इंतजार कर रहे बड़े बेटे विक्रम सिंह की ओर से मिली उम्मीद की खबर के बाद बहू ममता ने अपने सास-ससुर का मुंह मीठा किया। सबने अपने ईष्ट का स्मरण किया। एक और अजब संयोग हुआ। परिजनों ने बताया कि दिवाली के दौरान गायब हुई गाय भी मंगलवार को वापस आ गई। 
विज्ञापन


पुष्कर सिंह ऐरी के परिजनों ने बताया कि उनकी गाय दिवाली से एक दिन पहले जंगल में कहीं गायब हो गई थी। उसके बाद उन्हें सिलक्यारा सुरंग में पुष्कर के फंसने की खबर आई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में काम करने वाला टनकपुर के छीनीगोठ गांव का पुष्कर 12 नवंबर से 40 अन्य श्रमिकों के साथ फंसा था। मंगलवार को सुरंग की खोदाई पूरी होने और मजदूरों के सुरक्षित बाहर निकलने का समाचार मिलने से भावविभोर परिजनों के पास कहने के लिए कोई  शब्द नहीं थे। बस चेहरे में को फिर से सुरंग में काम के लिए नहीं भेजेंगे। 

भाई से मिलने को बेताब विक्रम की थकान गायब 
मेरे लिए ये बड़ा दिन है, उम्मीद का दिन। ऐसे में थकान कैसी? ये बात सिलक्यारा सुरंग स्थल के बाहर दस घंटे से डटे विक्रम सिंह ऐरी ने फोन पर कही। भाई पुष्कर सिंह ऐरी के सुरंग में फंसे होने की सूचना के बाद रोडवेज में परिचालक विक्रम काम छोड़ सिलक्यारा में जमे रहे। इस दौरान भूख-प्यास तो दूर तनाव, घबराहाट, बेचैनी से जूझे। मंगलवार को विक्रम सिंह ऐरी को सुबह से उम्मीद जगी। स्नान के बाद पास के मंदिर में मत्था टेका, ईष्ट देव का आशीष लिया और फिर सुरंग स्थल के पास पहुंच इंतजार करने लगे।


सुरंग स्थल के पास दस घंटे से अधिक समय तक खड़े विक्रम कहते हैं कि भाई के बाहर आने की आस में कैसी थकान? प्रशासन और सभी एजेंसी मलबा हटाने के लिए तेजी से काम भी कर रहीं हैं और फंसे श्रमिकों के परिजनों को भरोसा दे रही है। कहते हैं कि काम की प्रगति और सरकार की दिलासा से मनोबल बढ़ा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed