पूर्णागिरि धाम में मां के जयकारों की गूंज
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उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि धाम होली के अगले दिन से मां के जयकारों से भक्ति में डूबा है। मेले के आठवें दिन करीब तीस हजार श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाए। मैदान में तपिश बढ़ने के साथ ही श्रद्धालु वाहनों से रात के समय अधिक चल रहे हैं। इससे सुबह के समय दर्शन के लिए मुख्य मंदिर में लंबी लाइन लग रही है। पुलिस फोर्स की कमी के चलते शनिवार को भी व्यवस्थाएं चरमराती रहीं। इस बीच दूर-दूर से मां का डोला लाते श्रद्धालुओं का क्रम भी तेज हो गया है। इधर, प्रति वर्ष चैत्र नवरात्र में लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं।
मां पूर्णागिरि धाम में पहली बार मेले के आरंभ में ही लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने से प्रशासन की मेला क्षेत्र में की गई विभिन्न व्यवस्थाएं चरमरा गई थी, जो अब तक पटरी में नहीं आ पा रही है। आठवें दिन सुबह के समय मुख्य मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतार लगी। मेला क्षेत्र के काली मंदिर, टुन्यास क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है। श्रद्धालुओं की गणना के लिए बायोमेट्रिक पंजीकरण व्यवस्था भी पटरी पर नहीं आ पाई है। अधिकांश श्रद्धालुओं का रुख कार्यदायी कंपनी के वाहन की ओर नहीं रहा।
इधर, मेला पड़ाव क्षेत्र टनकपुर, ठूलीगाड़, भैरव मंदिर क्षेत्र में अधिक गहमा-गहमी से व्यवस्थाएं अधिक चरमरा रही हैं। मैदानी क्षेत्रों से नवरात्र नजदीक आते ही पैदल मां के डोले के साथ श्रद्धालुओं के गुजरने से मेला पड़ाव क्षेत्र रात-दिन मां के जयकारों से गुंजायमान है। उधर, टनकपुर शारदा घाट में भी श्रद्धालु स्नान के लिए उमड़ रहे हैं। साथ ही बाबा सिद्धनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने से ब्रह्मदेव मंडी और महेंद्रनगर नेपाल में भी रौनक बनी है।