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पूर्णागिरि मेले के निरस्त होने की आशंका
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बनबसा (चंपावत)। कोरोना वायरस के खतरों को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही श्री पूर्णागिरि धाम मेले के निरस्त होने की आशंका बन रही है। बुधवार को देर सायं बनबसा में हुई बैठक में डीएम ने इस संबंध में संकेत दिए।
बुधवार को एनएचपीसी के विश्रामगृह में जिलाधिकारी एसएन पांडेय की अध्यक्षता में पूर्णागिरि मेले के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।
डीएम ने बताया कि 11 मार्च शुरू होने वाले मेले को कोरोना वायरस के खतरों को देखते हुए 16 मार्च को स्थगित कर दिया गया था। बताया कि मेले से संबंधित संगठनों से वार्ता कर मेले में होने वाली बैरेकेडिंग, टेंट, एवं बिजली की व्यवस्था के संचालन को वापस ले लिया गया है। लॉकडाउन के तीन मई तक बढ़ने के चलते संभावना जताई जा रही है कि इस वर्ष पूर्णागिरि मेले का संचालन निरस्त होने की आशंका है। एक सवाल के जबाब में डीएम ने कहा कि यहां रिलीफ कैंपों में रहने वाले नेपाली नागरिकों को सरकार के अगले आदेशों तक वहीं रहना होगा।
उनके लिए प्रशासन द्वारा खाने, पीने, के अलावा मनोरंजन की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बताया कि विभिन्न रिलीफ कैंपों में 575 में से 236 लोग निरक्षर हैं जिन्हें साक्षर किया जा रहा है। सभी साक्षर किए गए लोगों को प्रमाण पत्र दिए जाऐंगे। इसके अलावा योग, नशामुक्ति जागरूकता के अलावा टीवी द्वारा मनोरंजन किया जा रहा है। इस मौके पर एडीएम टीएस मर्तोलिया, एसपी लोकेश्वर सिंह, एसडीएम दयानंद सरस्वती, सीओ बीसी पंत, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूडी, तहसीलदार खुशबू पांडेय, पूर्ती निरीक्षक भरत सिंह राना, थानाध्यक्ष जसवीर सिंह चौहान आदि उपस्थित थे।
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कोट....
लॉकडाउन बढ़ने के बाद से रिलीफ कैंप में रहने वाले कुछ लोग परेशान हैं, जिन्हें समझाया जा रहा है। उनके लिए प्रशासन ने बेहतर व्यवस्थाऐं जुटाई हैं। योग, साक्षरता, हेल्थ काउंसिलिंग, मानसिक रूप से मजबूत करने के अलावा खानपान पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
डॉ. आरपी खंडूडी, सीएमओ चंपावत।
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बुधवार को एनएचपीसी के विश्रामगृह में जिलाधिकारी एसएन पांडेय की अध्यक्षता में पूर्णागिरि मेले के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।
डीएम ने बताया कि 11 मार्च शुरू होने वाले मेले को कोरोना वायरस के खतरों को देखते हुए 16 मार्च को स्थगित कर दिया गया था। बताया कि मेले से संबंधित संगठनों से वार्ता कर मेले में होने वाली बैरेकेडिंग, टेंट, एवं बिजली की व्यवस्था के संचालन को वापस ले लिया गया है। लॉकडाउन के तीन मई तक बढ़ने के चलते संभावना जताई जा रही है कि इस वर्ष पूर्णागिरि मेले का संचालन निरस्त होने की आशंका है। एक सवाल के जबाब में डीएम ने कहा कि यहां रिलीफ कैंपों में रहने वाले नेपाली नागरिकों को सरकार के अगले आदेशों तक वहीं रहना होगा।
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उनके लिए प्रशासन द्वारा खाने, पीने, के अलावा मनोरंजन की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बताया कि विभिन्न रिलीफ कैंपों में 575 में से 236 लोग निरक्षर हैं जिन्हें साक्षर किया जा रहा है। सभी साक्षर किए गए लोगों को प्रमाण पत्र दिए जाऐंगे। इसके अलावा योग, नशामुक्ति जागरूकता के अलावा टीवी द्वारा मनोरंजन किया जा रहा है। इस मौके पर एडीएम टीएस मर्तोलिया, एसपी लोकेश्वर सिंह, एसडीएम दयानंद सरस्वती, सीओ बीसी पंत, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूडी, तहसीलदार खुशबू पांडेय, पूर्ती निरीक्षक भरत सिंह राना, थानाध्यक्ष जसवीर सिंह चौहान आदि उपस्थित थे।
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लॉकडाउन बढ़ने के बाद से रिलीफ कैंप में रहने वाले कुछ लोग परेशान हैं, जिन्हें समझाया जा रहा है। उनके लिए प्रशासन ने बेहतर व्यवस्थाऐं जुटाई हैं। योग, साक्षरता, हेल्थ काउंसिलिंग, मानसिक रूप से मजबूत करने के अलावा खानपान पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
डॉ. आरपी खंडूडी, सीएमओ चंपावत।