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तहबाजारी शुल्क बढ़ाने से भड़के व्यवसायी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 06 Jul 2016 10:34 PM IST
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तहबाजारी शुल्क बढ़ाने से भड़के व्यवसायी
- फोटो : अमर उजाला
पालिका बोर्ड की बैठक में तहबाजारी शुल्क में बढ़ोतरी किए जाने का प्रस्ताव पारित होने पर व्यापारियों ने आक्रोश जताया। बुधवार को खोखा फड़ व्यवसायियों ने शुल्क बढ़ाने के विरोध में प्रदर्शन किया।
व्यापारियों ने पालिका पर बिना उन्हें विश्वास में लिए एकतरफा कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया। व्यापारियों का कहना था कि अब तक तहबाजारी शुल्क दस रुपये प्रतिदिन था, लेकिन इसे बीस रुपये प्रतिदिन करने से छोटे-छोटे व्यापारियों के समक्ष दिक्कतें पेश आ रही हैं। एक ओर बरसात के चलते जहां कारोबार मंदा चल रहा है, वहीं पालिका की ओर से अतिरिक्त तहबाजारी शुल्क वसूल कर जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है।
व्यापारियों का कहना था कि नगरपालिका की ओर से उनसे कर तो वसूले जाते हैं, लेकिन उन्हें सुविधाएं नाममात्र की भी नहीं दी जाती हैं। उल्टे छोटे व्यवसायियों की दुकानों के आगे प्राइवेट वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। व्यापारी नेता भगवतशरण राय के नेतृत्व में प्रदर्शन करने वालों में कुंदन सिंह रावत, जगदीश नाथ, गोविंद बल्लभ खर्कवाल, अंबादत्त जोशी, ज्ञान सिंह माहरा, केशव जोशी, गिरीश गड़कोटी, पवन खर्कवाल, शंकर जोशी, रतन सिंह, करम सिंह, नौबत राम, इंदिरा देवी खंपा, गोपाल दत्त, भगवान बल्लभ, राकेश कुमार, राजेंद्र बोहरा, पुष्कर सिंह, शिवदत्त, लीलांबर जोशी आदि व्यापारी शामिल रहे।
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व्यापारियों ने पालिका पर बिना उन्हें विश्वास में लिए एकतरफा कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया। व्यापारियों का कहना था कि अब तक तहबाजारी शुल्क दस रुपये प्रतिदिन था, लेकिन इसे बीस रुपये प्रतिदिन करने से छोटे-छोटे व्यापारियों के समक्ष दिक्कतें पेश आ रही हैं। एक ओर बरसात के चलते जहां कारोबार मंदा चल रहा है, वहीं पालिका की ओर से अतिरिक्त तहबाजारी शुल्क वसूल कर जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है।
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व्यापारियों का कहना था कि नगरपालिका की ओर से उनसे कर तो वसूले जाते हैं, लेकिन उन्हें सुविधाएं नाममात्र की भी नहीं दी जाती हैं। उल्टे छोटे व्यवसायियों की दुकानों के आगे प्राइवेट वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। व्यापारी नेता भगवतशरण राय के नेतृत्व में प्रदर्शन करने वालों में कुंदन सिंह रावत, जगदीश नाथ, गोविंद बल्लभ खर्कवाल, अंबादत्त जोशी, ज्ञान सिंह माहरा, केशव जोशी, गिरीश गड़कोटी, पवन खर्कवाल, शंकर जोशी, रतन सिंह, करम सिंह, नौबत राम, इंदिरा देवी खंपा, गोपाल दत्त, भगवान बल्लभ, राकेश कुमार, राजेंद्र बोहरा, पुष्कर सिंह, शिवदत्त, लीलांबर जोशी आदि व्यापारी शामिल रहे।
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