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तारों पर पेड़ गिरने और पोल उखड़ने से बाधित रही बिजली आपूर्ति

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Oct 2021 12:36 AM IST
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Power supply disrupted due to tree falling on wires and uprooting of poles
चंपावत। तारों पर पेड़ गिरने और कई स्थानों में पोल उखड़ने के कारण जिले भरे में बिजली आपूर्ति बाधित रही। लोगों को न केवल अंधेरे में रात काटनी पड़ी, बल्कि मोबाइल चार्जिंग के लिए भी जूझना पड़ा।
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सोमवार सुबह से ही बाराकोट, पाटी, रीठा साहिब, तल्लादेश, तल्लापाल, चल्थी सहित जिले के बड़े क्षेत्र में बिजली गुल रही। भारी बारिश के बीच बिजली ठप होने से लोगों को भारी दुश्वारी झेलनी पड़ रही है। बिजली न होने से लोगों के मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो पाए। ऊर्जा निगम के ईई एसके गुप्ता ने बताया कि भारी बारिश और भारी-भरकम पेड़ गिरने से जगह-जगह पोल और लाइनें टूटी हैं। इसके चलते कई जगह फीडरों में बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए विभागीय टीम भेजी गई है। लोहाघाट में हिटलर बाजार में देवदार के पेड़ों के बिजली के लाइन में गिरने से रात 12 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वहीं चंपावत में आठ घंटे से अधिक वक्त तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
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लगातार बारिश से मरम्मत में हो रही देरी
चंपावत। लगातार हो रही बारिश के कारण बिजली की क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत में व्यवधान आ रहा है। ऊर्जा निगम के एसडीओ विकास भारती ने बताया कि सभी स्थानों में क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है लेकिन बारिश के कारण मरम्मत कार्य में दिक्कतें पेश आ रही है। संवाद
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सोलर स्ट्रीट लाइटों और इनवर्टरों ने भी तोड़ा दम
चंपावत। रविवार रात से बारिश होने और आसमान में लगातार बादल छाए रहने से विभिन्न स्थानों में पथ प्रकाश के लिए लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइटों ने दम तोड़ दिया है। इसके अलावा लोगों की ओर से वैकल्पिक ऊर्जा के रूप में लगाए गए इनवर्टरों के दम तोड़ने के कारण भी लोगों के घरों में अंधेरा छा गया।
लोहाघाट क्षेत्र की 15 पेयजल योजनाएं ठप
चंपावत/लोहाघाट। बिजली बंद होने और भारी बारिश से लोहाघाट क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति बुरी तरह ठप हुई है। लिफ्ट पेयजल योजना काम नहीं कर रही है। एएई पवन बिष्ट का कहना है कि बनसवाड़, फोर्ती, सुंई, बलाई सहित 15 योजनाएं ठप हो गई है। इसके चलते लोगों को पेयजल के संकट से जूझना पड़ रहा है। लोग दूरदराज से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं।
आपदा में दगा दे गई मोबाइल सेवाएं
चंपावत। जिला प्रशासन के तमाम दावों के बाद भी ठीक दैवीय आपदा के समय में सरकारी और निजी क्षेत्र की मोबाइल सेवाएं दगा दे गई। इससे प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। वहीं लोगों को एक दूसरे की कुशल क्षेम पूछने के लिए भी तरसना पड़ा। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के मोबाइल फोन खुले तो रहे, लेकिन उनके मोबाइलों में सिग्नल नहीं मिल पाए।
लोगों का कहना था कि मौसम खराब होने के साथ ही सरकारी क्षेत्र की बीएसएनएल की मोबाइल सेवाएं ठप होना आम है। लेकिन मंगलवार सुबह से ही बीएसएनएल के साथ ही निजी क्षेत्र की जियो, एयरटेल, वोडाफोन आदि मोबाइल कंपनियों की सेवाएं प्रभावित होने से कोढ़ में खाज वाली कहावत चरितार्थ हो गई। बीएसएनएल के जेई बजरंग बहादुर सिंह ने बताया कि देवीधुरा के पास ओएफसी लाइन में खराबी आने से मंगलवार सुबह के समय जिले के पहाड़ी क्षेत्र की मोबाइल सेवा बाधित रही। खराबी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। अलबत्ता किसी भी मोबाइल कंपनी की इंटरनेट सेवा सुचारु नहीं होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
संचार सेवाओं ने दिनभर रुलाया
पिथौरागढ़। जिले में लगातार हो रही बारिश से बंद सड़कों ने जहां लोगों की मुसीबत बढ़ाई, वहीं संचार सेवा ने भी दिनभर लोगों को रुलाया। लोग बारिश के चलते अपनी कुशलता की खबर या नुकसान की खबर समय पर नहीं दे पाए। सोमवार रात से बीएसएनएल की संचार सेवा ठप हो गई थी। इसके चलते लोगों के फोन घनघनाने बंद हो गए थे। वहीं अन्य निजी संचार कंपनियों के सिग्नल भी मंगलवार सुबह से गायब रहे। जिले के लाखों उपभोक्ता अपनों से बात करने के लिए तरसते रहे। सरकारी नंबर भी बीएसएनएल के होने के चलते अधिकारियों से संपर्क करना बड़ा मुश्किल हो गया। इंटरनेट सेवाओं में बाधा आने से तमाम कामकाज प्रभावित रहे। मंगलवार शाम बीएसएनएल में सिग्नल आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए से संदेशों का करते रहे आदान-प्रदान
चंपावत। भारी बारिश के कारण मोबाइल सेवाएं बाधित रहने के कारण अधिकारी एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से संदेशों और सूचनाओं का आदान प्रदान करते रहे। राष्ट्रीय राजमार्ग, लोनिवि, पीएमजीएसवाई, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए दिक्कतों से जूझते रहे।

भारी बारिश के कारण रामलीला मंचन के आयोजन में खलल
चंपावत। तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने ग्रामीण क्षेत्र में रामलीला मंचन के आयोजन में भी खलल डाला है। भारी बारिश से जिन स्थानों में रामलीला मंचन का आयोजन किया जा रहा था, वहां पर मंचन खटाई में पड़ गया है। स्वांला, कोट अमोड़ी, बेलखेत, बिसज्यूला, बिरगुल, सैंदर्क आदि स्थानों में अब मौसम के पूरी तरह से साफ होने के बाद ही रामलीलाओं का आयोजन किया जा सकेगा। लधिया घाटी क्षेत्र की मिरतोला में 18 अक्तूबर से शुरू होने वाली रामलीला का आयोजन अब तक शुरू नहीं हुआ है। कोट अमोड़ी रामलीला कमेटी के अध्यक्ष लालमणी भट्ट के अनुसार इतनी भारी मात्रा में बारिश उन्होंने पहली बार देखी है।
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