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Champawat News: जिले के 105 माध्यमिक विद्यालयों में 94 विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के पद रिक्त
Fri, 01 Mar 2024 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 01 Mar 2024 11:09 PM IST
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चंपावत। जिले के माध्यमिक विद्यालय प्रधानाचार्यों की कमी से जूझ रहे हैं। 105 माध्यमिक विद्यालयों में से मात्र 11 विद्यालयों में प्रधानाचार्य तैनात हैं। शेष विद्यालयों में व्यवस्थाएं प्रभारी प्रधानाचार्यों के भरोसे में चल रही है। इससे स्कूल की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही है।
जिले के माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की कमी के चलते विद्यालयों में व्यवस्थाएं सुचारू रूप से नहीं चल पा रही हैं। 94 विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाचार्य विद्यालयों की व्यवस्थाएं देख रहे हैं। इसमें से कई प्रधानाचार्य छात्र-छात्राओं को विभिन्न विषय भी पढ़ाते हैं। ऐसे में उनके लिए विद्यालय के साथ बच्चों को पूरी तरह समय दे पाना संभव नहीं होता है। कई बार उन्हें विभागीय बैठकों में भी जाना पड़ता है, इससे व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं। वर्तमान में जीआईसी बाराकोट, दिगालीचौड़, चंपावत, गैडाखाली, सिप्टी, धूरा, चल्थी, धौन, सिमलखेत, जानकीधार और जीजीआईसी टनकपुर। सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की तैनाती को लेकर शासन से लगातार पत्राचार किया जाता है और हर माह रिक्त पदों की सूची शासन को भेजी जाती है।
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जिले के माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की कमी के चलते विद्यालयों में व्यवस्थाएं सुचारू रूप से नहीं चल पा रही हैं। 94 विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाचार्य विद्यालयों की व्यवस्थाएं देख रहे हैं। इसमें से कई प्रधानाचार्य छात्र-छात्राओं को विभिन्न विषय भी पढ़ाते हैं। ऐसे में उनके लिए विद्यालय के साथ बच्चों को पूरी तरह समय दे पाना संभव नहीं होता है। कई बार उन्हें विभागीय बैठकों में भी जाना पड़ता है, इससे व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं। वर्तमान में जीआईसी बाराकोट, दिगालीचौड़, चंपावत, गैडाखाली, सिप्टी, धूरा, चल्थी, धौन, सिमलखेत, जानकीधार और जीजीआईसी टनकपुर। सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की तैनाती को लेकर शासन से लगातार पत्राचार किया जाता है और हर माह रिक्त पदों की सूची शासन को भेजी जाती है।
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