{"_id":"5da8a8ad8ebc3e93dd490327","slug":"political-champawat-news-hld3608025170","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायती चुनाव में 2014 के आकड़े को नहीं छू सका चंपावत जिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायती चुनाव में 2014 के आकड़े को नहीं छू सका चंपावत जिला
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त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव 16 अक्तूबर को संपन्न हो गए। जिले में भले ही मतदान 67 फीसदी से अधिक रहा है लेकिन ये आंकड़ा 2014 में हुए चुनाव के मतदान से कम रहा। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार 0.07 प्रतिशत वोट कम पड़े।
चार ब्लॉकों में से बाराकोट और पाटी में मतदान पिछली बार की अपेक्षा कम हुआ। जबकि शेष दो ब्लॉक चंपावत और लोहाघाट ने 2014 से अधिक मतदान किया। वहीं मतदान में लगातार दूसरी बार चंपावत ब्लॉक सबसे आगे रहा। यह अकेला ब्लाक रहा जहां मतदान प्रतिशत 70 प्रतिशत को पार कर सका।
भौगोलिक रूप से बेहद जटिल होने के बावजूद सबसे ज्यादा मतदाताओं वाले चंपावत ब्लॉक में लोगों ने बढ़-चढ़ मतदान में हिस्सा लिया। जबकि सबसे कम 60.93 प्रतिशत मतदान बाराकोट में हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि चंपावत जिले के चारों ब्लाकों को मिलाकर चंपावत जिले में कुल 171257 मतदाताओं में से 115817 (67.62 प्रतिशत) लोगों ने वोट डाले। जबकि 2014 के पंचायती चुनाव में 170358 में से 115323 (67.69 प्रतिशत) ने मतदान किया था।
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ब्लॉक- 2014 का वोटिंग प्रतिशत- 2019 का वोटिंग प्रतिशत
चंपावत- 71.65 प्रतिशत- 72.69 प्रतिशत
लोहाघाट- 65.05 प्रतिशत- 66.88 प्रतिशत
बाराकोट- 65.46 प्रतिशत- 60.93 प्रतिशत
पाटी- 65.99 प्रतिशत- 64.33 प्रतिशत
जिले का कुल योग: 67.69 प्रतिशत- 67.62 प्रतिशत
चारों ब्लाकों में पुरुषों से आगे रहीं महिलाएं
चंपावत। महिलाओं ने पुरुषों की अपेक्षा 13.22 प्रतिशत ज्यादा मतदान किया। हर ब्लॉक में महिलाओं का मतदान प्रतिशत अधिक था। चारों ब्लाकों में 82678 महिला वोटरों में से 61570 (74.46 प्रतिशत) ने मतदान किया। जबकि 88579 पुरुष मतदाताओं में से महज 54247 (61.24 प्रतिशत) ने वोट डाले। मतदान संपन्न होने के बाद अब हर किसी को 21 अक्तूबर को आने वाले नतीजों का इंतजार है। इस बार सबसे लंबा इंतजार चंपावत ब्लॉक को करना पड़ रहा है। चंपावत ब्लाक में पहले चरण में 5 अक्तूबर को वोट पड़े। ब्लॉक को सबसे ज्यादा 15 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। जबकि लोहाघाट व बाराकोट को 9 दिनों और पाटी ब्लाक को महज 4 दिन का इंतजार है।
पाटी स्ट्रांग रूम में पहुंची सभी मतपेटियां
पाटी (चंपावत)। तीसरे चरण में हुए मतदान के बाद पाटी ब्लाक की सभी मतदान टीमें बृहस्पतिवार सुबह तक पहुंच गईं। पाटी के रिटर्निंग ऑफिसर प्रशांत कुमार ने बताया कि सभी बूथों की मतपेटियों को तगड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में सील कर दिया गया है। गूम मतदान केंद्र की टीम सबसे पहले और दूरस्थ गोलडांडा की टीम सबसे बाद में पहुंची।
नियंत्रण कक्ष ने पर्दे के पीछे निभाई भूमिका
चंपावत। पंचायती चुनाव की आपाधापी के बीच जिला नियंत्रण कक्ष ने चुनाव संचालन में बेहतरीन भूमिका निभाई। जिला सूचना अधिकारी एनएस बिष्ट ने बताया कि नियंत्रण कक्ष के अधिकारी-कर्मियों ने लगातार सूचनाओं का संग्रहण और आदान-प्रदान कर उम्दा काम किया।
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चार ब्लॉकों में से बाराकोट और पाटी में मतदान पिछली बार की अपेक्षा कम हुआ। जबकि शेष दो ब्लॉक चंपावत और लोहाघाट ने 2014 से अधिक मतदान किया। वहीं मतदान में लगातार दूसरी बार चंपावत ब्लॉक सबसे आगे रहा। यह अकेला ब्लाक रहा जहां मतदान प्रतिशत 70 प्रतिशत को पार कर सका।
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भौगोलिक रूप से बेहद जटिल होने के बावजूद सबसे ज्यादा मतदाताओं वाले चंपावत ब्लॉक में लोगों ने बढ़-चढ़ मतदान में हिस्सा लिया। जबकि सबसे कम 60.93 प्रतिशत मतदान बाराकोट में हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि चंपावत जिले के चारों ब्लाकों को मिलाकर चंपावत जिले में कुल 171257 मतदाताओं में से 115817 (67.62 प्रतिशत) लोगों ने वोट डाले। जबकि 2014 के पंचायती चुनाव में 170358 में से 115323 (67.69 प्रतिशत) ने मतदान किया था।
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ब्लॉक- 2014 का वोटिंग प्रतिशत- 2019 का वोटिंग प्रतिशत
चंपावत- 71.65 प्रतिशत- 72.69 प्रतिशत
लोहाघाट- 65.05 प्रतिशत- 66.88 प्रतिशत
बाराकोट- 65.46 प्रतिशत- 60.93 प्रतिशत
पाटी- 65.99 प्रतिशत- 64.33 प्रतिशत
जिले का कुल योग: 67.69 प्रतिशत- 67.62 प्रतिशत
चारों ब्लाकों में पुरुषों से आगे रहीं महिलाएं
चंपावत। महिलाओं ने पुरुषों की अपेक्षा 13.22 प्रतिशत ज्यादा मतदान किया। हर ब्लॉक में महिलाओं का मतदान प्रतिशत अधिक था। चारों ब्लाकों में 82678 महिला वोटरों में से 61570 (74.46 प्रतिशत) ने मतदान किया। जबकि 88579 पुरुष मतदाताओं में से महज 54247 (61.24 प्रतिशत) ने वोट डाले। मतदान संपन्न होने के बाद अब हर किसी को 21 अक्तूबर को आने वाले नतीजों का इंतजार है। इस बार सबसे लंबा इंतजार चंपावत ब्लॉक को करना पड़ रहा है। चंपावत ब्लाक में पहले चरण में 5 अक्तूबर को वोट पड़े। ब्लॉक को सबसे ज्यादा 15 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। जबकि लोहाघाट व बाराकोट को 9 दिनों और पाटी ब्लाक को महज 4 दिन का इंतजार है।
पाटी स्ट्रांग रूम में पहुंची सभी मतपेटियां
पाटी (चंपावत)। तीसरे चरण में हुए मतदान के बाद पाटी ब्लाक की सभी मतदान टीमें बृहस्पतिवार सुबह तक पहुंच गईं। पाटी के रिटर्निंग ऑफिसर प्रशांत कुमार ने बताया कि सभी बूथों की मतपेटियों को तगड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में सील कर दिया गया है। गूम मतदान केंद्र की टीम सबसे पहले और दूरस्थ गोलडांडा की टीम सबसे बाद में पहुंची।
नियंत्रण कक्ष ने पर्दे के पीछे निभाई भूमिका
चंपावत। पंचायती चुनाव की आपाधापी के बीच जिला नियंत्रण कक्ष ने चुनाव संचालन में बेहतरीन भूमिका निभाई। जिला सूचना अधिकारी एनएस बिष्ट ने बताया कि नियंत्रण कक्ष के अधिकारी-कर्मियों ने लगातार सूचनाओं का संग्रहण और आदान-प्रदान कर उम्दा काम किया।