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पैदल चंपावत की ओर जा रहे मजदूरों को पुलिस ने वापस भेजा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2020 08:48 PM IST
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Police sent laborers going towards Champawat on foot
लोहाघाट से पैदल अपने घर बहराइच को पैदल जाने देने की गुहार लगाते दिहाड़ी मजदूर। - फोटो : LOHAGHAT
लोहाघाट (चंपावत)। बहराइच और चंपावत जिले के 10 मजदूर शुक्रवार को डिग्री कॉलेज मार्ग से होते हुए अपने घरों की ओर पैदल निकल रहे थे। एक साथ इतने मजदूरों को इस मार्ग से गुजरते देख ग्रामीण सक्रिय हो गए। नगर के पाटन पाटनी से बहराइच जा रहे ननकू, इलाक अली, नफीस, याकूब, महमूद, शहजाद और बागेश्वर से चंपावत की ओर जा रहे अशोक नरियाल, रमेश भट्ट, देवी दत्त, दीपक सिंह सभी मजदूरों ग्रामीणों से हाथ जोड़कर उन्हें उनके घरों को जाने देने की गुहार लगाने लगे।
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कुछ मजदूर अपने बच्चों के पास जाने की बात कहने लगे तो कुछ गेहूं की फसल काटने की बात कहने लगे। लेकिन ग्रामीणों ने एसपी लोकेश्वर सिंह और एसडीएम आरसी गौतम को इनके डिग्री कॉलेज मार्ग से अपने घरों को जाने की सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस सभी मजदूरों को अपने साथ ले गई। एसडीएम आरसी गौतम ने बताया कि सभी मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के साथ उन्हें सैनिटाइज किया गया। एसओ मनीष खत्री, एसआई हेमंत कठैत ने सभी मजदूरों को समझाकर उनके कमरों में भेज दिया। संवाद
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जंगलों के रास्ते आवाजाही करने वालों को रोकेगा वन विभाग
चंपावत। कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर लॉकडाउन व सीमा सील होने के बावजूद जंगल के रास्ते बाहर से आने की कोशिश करने वालों को रोकने की जिम्मेदारी अब वन विभाग को दी गई है। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने चंपावत और तराई पूर्वी हल्द्वानी के डीएफओ को निगरानी रखने के साथ किसी भी तरह का मामला आने पर शीघ्र कार्रवाई करने की हिदायत दी है। बता दें कि सीमा सील होने के बावजूद जंगलों के रास्ते कई मजदूर इस जिले में दस्तक दे चुके हैं। ब्यूरो
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पहले चलता किया फिर सीमा में पकड़ कर राहत कैंप पहुंचाया
टनकपुर (चंपावत)। नेपाल निवासी 18 मजदूरों को पहले ठेकेदार ने भगाया, इसके बाद राहत कैंप से भी इन्हें चलता कर दिया। जब वह अपने वतन लौटने सीमा पर पहुंचे तो प्रशासन ने फिर उन्हें पकड़ कर राहत कैंप में पहुंचा दिया।
लॉक डाउन के चलते ठेकेदार ने सड़क निर्माण का काम बंद किया तो नेपाल के बजौन क्षेत्र निवासी 18 नेपाली मजदूर बृहस्पतिवार को जैसे तैसे टनकपुर पहुंचे। जीजीआईसी राहत कैंप में गए तो वहां व्यवस्था देख रहे अधिकारी और कर्मचारियों ने उन्हें कहीं और जाने की सलाह देकर चलता कर दिया। जब ये नेपाली मजदूर अपने वतन लौटने को सीमा में पहुंचे तो प्रशासन ने फिर उन्हें यहां पकड़कर राहत कैंप में पहुंचा दिया। हालांकि तहसीलदार खुशबू पांडे ने इन मजदूरों को राहत शिविर से चलता किए जाने की बात को गलत बताया। कहा कि जीजीआईसी राहत कैंप में लोग अधिक होने से नए यात्रियों को शरण न देने के निर्देश दिए गए थे। सभी को जीआईसी राहत कैंप में रखा गया है। संवाद

फंसे लोगों के आवास और भोजन की व्यवस्था जारी
चंपावत/लोहाघाट। लॉकडाउन के चलते प्रशासन की ओर से बाहरी राज्यों के चंपावत और लोहाघाट में फंसे लोगों को क्वारंटीन में रखकर उनके आवास और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। एससीएसटी इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष मदन राम की अगुवाई में गरीबों व असहायों को खाद्यान्न सामग्री वितरित की गई। व्यापार संघ अध्यक्ष अमरनाथ सक्टा, पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा, सभासद रोहित बिष्ट के नेतृत्व में जीआईसी में लंगर लगाया जा रहा है। इधर लोहाघाट के एसडीएम आरसी गौतम ने बताया कि यहां जीजीआईसी और जीआईसी को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। 30 मजदूरों और अलीगढ़ से आए 11 लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है। इधर चेयरमैन गोविंद वर्मा बताया कि कोरोना संक्रमण रोकने को नगर के सभी सातों वार्डों के अलावा स्टेशन बाजार, जीआईसी, जीजीआईसी, देवीधार मंदिर आदि स्थानों में मशीनों के जरिये दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। संवाद
फोटो 03 एलएचजी 04पी
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