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Champawat News: ग्रामीणों की पीड़ाः 11 साल से नहीं मिल रहा 17 हजार की आबादी को रोडवेज बक का लाभ

Fri, 22 Sep 2023 11:18 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Fri, 22 Sep 2023 11:18 PM IST
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Plight of villagers: 17 thousand population is not getting the benefit of Roadways Bank since 11 years
चंपावत। उत्तर प्रदेश के दौर में संचालित होने वाली चार बस सेवाएं बंद होने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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सीमांत के तामली, पंचेश्वर, रौसाल, दिगालीचौड़ आदि क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश के दौरान 1989 में रोडवेज सेवा शुरू हुई थी। 11 साल के बाद ये सेवा बंद है। निशुल्क सेवा का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।जिले के पहाड़ी हिस्से के प्रमुख संपर्क मार्गों पर भी रोडवेज सेवाओं के बुरे हाल होने से ग्रामीण बेबस हैं। नेपाल सीमा से लगे क्षेत्र में उप्र के दौर में संचालित बस सेवाएं भी 2012 से बंद हैं। इससे 17 हजार लोगों को दिक्कत होने के साथ निशुल्क सेवा से वंचित होना पड़ा है। बस का संचालन नहीं होने से 65 वर्ष से अधिक के नागरिकों के अलावा सेनानी आश्रित, दिव्यांजन, छात्राएं निशुल्क आवाजाही से दूर हैं।
बाक्स
ओवरलोडिंग और अधिक किराया देने की मजबूरी
जिले के ग्रामीण मार्गों पर बस सेवाओं के नहीं होने से मुसाफिरों को जीप-टैक्सी में यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे लोग अधिक किराए के अलावा असुविधाजनक तरीके से जीप में सफर कर रहे हैं।
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कोट
उत्तर प्रदेश के दौर में टनकपुर से तामली बस सेवा थी। उत्तराखंड में बस सेवाओं की संख्या बढ़ाने के बजाय इस सेवा को ही बंद कर ग्रामीणों को झटका दिया गया है।
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भुवन जोशी, तल्लादेश।
कोट
गुमदेश क्षेत्र में रोडवेज की तीन सेवाएं थीं। इनके बंद होने के बाद कई बार आवाज उठाई लेकिन सेवा शुरू नहीं हुई। इससे लोग जीप से महंगी और असुविधाजनक यात्रा करने के लिए मजबूर हैं।
माधो सिंह अधिकारी, किमतोली।
कोट
ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बस सेवा शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। बसों की अनुपलब्धता के अलावा ग्रामीण सेवाओं से कम आय इसका कारण है।
पवन मेहरा,
जीएम, रोडवेज, टनकपुर।
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