चंपावत। राज्य सरकार की ओर से 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन की परियोजना को तेजी से शुरू करने की कवायद शुरू की गई है। इसे लेकर चंपावत जिले में पीआईयू (परियोजना क्रियान्वयन यूनिट) का गठन करने के लिए अधिकारियों की टीम गठित की गई है। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने सीडीओ आरएस रावत की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय टीम बनाई है। टीम में कई अफसर शामिल किए गए हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को तेजी से अमली जामा पहनाने के लिए पीआईयू का गठन किया गया है। डीएम ने बताया कि यह टीम प्रोजेक्ट की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट (डीपीआर), कंसल्टेंसी सहित विभिन्न बिंदुओं पर विचार करेगी। जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट का कहना है कि इस परियोजना के तहत चंपावत जिले के प्रमुख धर्मस्थल और पर्यटक स्थलों को सर्किट बना आपस में जोड़ा जाएगा। इस पर्यटन सर्किट में मां पूर्णागिरि धाम, श्यामलाताल, छीड़ापानी चाय बागान, चंपावत बालेश्वर मंदिर समूह, एकहथिया नौला, चंडालकोट का किला, बाणासुर का किला, रीठा साहिब, वारसी की पाताल रुद्रेश्वर गुफा, देवीधुरा, गौड़ी, सीमांत सीम चूका, पंचेश्वर क्षेत्र समेत स्वामी विवेकानंद, नामी शिकारी जिम कॉर्बेट से जुड़े क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा। सुविधाओं के विस्तार से पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।