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बारहमासी सड़क: सिंगदा के पास धूल ही धूल
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट
Updated Sat, 09 Jun 2018 10:45 PM IST
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सिंगदा गांव में निर्माणाधीन बारहमासी सड़क से उड़ने वाली धूल से भरे ग्रामीणों के फलदार वृक्ष
- फोटो : अमर उजाला
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बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान निकलने वाली धूल से सिंगदा क्षेत्र के लोग परेशान है। वहीं, पेयजल योजना के ध्वस्त होने से पानी का संकट भी पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने सड़क कटिंग के दौरान पानी का छिड़काव नहीं करने का भी आरोप लगाया।
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सिंगदा ग्राम पंचायत के खैरानी तोक निवासी किशन सिंह, देवराज सिंह, शंकर सिंह, भूपाल सिंह, ईश्वर सिंह, प्रेम सिंह का कहना है कि बारहमासी सड़क चौड़ीकरण के दौरान जगह-जगह मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। इस सड़क से लगातार हो रही वाहनों की आवाजाही से पूरे क्षेत्र में धूल ही धूल उड़ रही है। इससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है। सड़क से नीचे रहने वाले लोगों के खेतों, मकानों, फलदार पौधों में मिट्टी जमा हो गई है। धूल से सांस लेने में भी दिक्कतें हो रही हैं, वहीं धूल से बीमारियां होने का खतरा बना हुआ है।
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ग्रामीणों का कहना है कि सड़क में कभी-कभार शाम के समय थोड़ा सा पानी का छिड़काव किया जाता है लेकिन, कुछ समय बाद वही स्थिति पैदा हो जाती है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान गांव की पेयजल योजना ध्वस्त होने के बाद ठीक नहीं हो सकी है। काम चलाने के लिए ग्रामीणों ने प्लास्टिक के पाइपों से कामचलाऊ व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों ने धूल से निजात दिलाने की मांग की है।
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कीचड़ से सनी सड़क, आवाजाही में खतरा
चंपावत। बारहमासी सड़क की कटिंग से आवाजाही तो अक्सर बाधित होती रही है और अब बारिश के दौरान कटिंग ने सड़क को खतरनाक बना दिया है। यहां टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) में चंपावत-लोहाघाट के बीच मानेश्वर में सड़क बेहद खतरनाक बनी है। कीचड़ से सनी सड़क में दोपहिये ही नहीं चौपहिया वाहनों की आवाजाही भी मुसीबत बन रही है। ब्यूरो
बदहाल सड़क को ठीक करो, ज्ञापन दिया
लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट विकासखंड के गल्लागांव-देवलीमांफी की बदहाल सड़क को ठीक करने और आंबेडकर गांव बैड़ाओड़ में आए मलबे को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीण मुखर हो गए हैं। एसडीएम को ज्ञापन देकर शीघ्र सड़क की हालत ठीक करने की मांग की गई है। 1997 में बनी इस सड़क से नौमाना, तड़ीगांव, इजड़ा, डोबाभागू, बमेड़ा, सेरी, डुंगरा, ढटीगांव, बसोडी, सिमलटुकरा, द्योली, पाड़ासोंसेरा आदि गांवों की चार हजार की आबादी लाभान्वित हुई। शेखर चंद्र तिवारी, रोशन विश्वकर्मा, भवान विश्वकर्मा, सुरेश, संजू विश्वकर्मा का कहना है कि कुछ वर्षों से सड़क की बदहाली से न केवल आवाजाही जोखिमभरी हो रही है, बल्कि हादसों का खतरा भी बढ़ रहा है। वहीं ग्रामीणों ने तड़ीगांव-इंद्रपुरी मार्ग के मलबे को सड़क के नीचे डालने का आरोप भी लगाया। कहा कि तीन जून को हुई भारी बारिश से मलबा सेरी क्षेत्र में कई आवासीय मकानों तक पहुंच कर गांव के नाले में भर गया। बारिश के दौरान ऊपर से मलबा आने के अंदेशे से भी ग्रामीण डर के साये में हैं। ग्रामीणों ने गांव के ऊपर डाले गए मलबे को बरसात से पूर्व हटाने की मांग की है।