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जल संकट से जूझ रहे हैं किमतोली के लोग
Tue, 15 Jan 2019 11:17 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Tue, 15 Jan 2019 11:17 PM IST
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किमतोली में पानी की किल्लत के चलते हैंडपंप से पानी भरने को मजबूर लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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गुमदेश क्षेत्र के प्रवेशद्वार किमतोली में लोग इन दिनों पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। एक भी सरकारी पेयजल योजना नहीं होने से लोग पानी के लिए यहां लगे हैंडपंपों पर आश्रित हैं, मगर हैंडपंपों से कम पानी आने से लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। ग्रामीणों ने जल संस्थान से पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है।
नागरिकों का कहना है कि यहां एक भी सरकारी पेयजल लाइन नहीं है। लोग यहां लगे हैंडपंपों पर आश्रित है। मगर ठंड में हैंडपंपों से कम पानी निकलने से लोगों की मुसीबतें बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि 20 लीटर की एक बाल्टी भरने में आठ से दस मिनट का समय लग रहा है। इस वजह से लोगों को ठंड के बावजूद तड़के से लेकर रात को भी पानी भरने को मजबूर होना पड़ रहा है।
गुमदेश विकास मंच के अध्यक्ष शिक्षाविद माधो सिंह अधिकारी ने हैंडपंपों की मरम्मत कराने के साथ ही सरकारी पेयजल योजना के निर्माण की मांग की है। इधर जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि हैंडपंप की खामी को दूर कर पेयजल आपूर्ति को बेहतर किया जाएगा।
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नागरिकों का कहना है कि यहां एक भी सरकारी पेयजल लाइन नहीं है। लोग यहां लगे हैंडपंपों पर आश्रित है। मगर ठंड में हैंडपंपों से कम पानी निकलने से लोगों की मुसीबतें बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि 20 लीटर की एक बाल्टी भरने में आठ से दस मिनट का समय लग रहा है। इस वजह से लोगों को ठंड के बावजूद तड़के से लेकर रात को भी पानी भरने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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गुमदेश विकास मंच के अध्यक्ष शिक्षाविद माधो सिंह अधिकारी ने हैंडपंपों की मरम्मत कराने के साथ ही सरकारी पेयजल योजना के निर्माण की मांग की है। इधर जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि हैंडपंप की खामी को दूर कर पेयजल आपूर्ति को बेहतर किया जाएगा।
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