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Champawat News: सकदेना- तुंगीघाट सड़क मलबे में हो रही तब्दील
Mon, 14 Apr 2025 10:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 14 Apr 2025 10:40 PM IST
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पाटी (चंपावत)। पाटी विकासखंड को जोड़ने वाली सकदेना से तुंगीघाट सड़क पर पांच साल से डामरीकरण नहीं होने से सड़क बदहाल हो गई है। सड़क जगह-जगह गड्ढों से पटी हुई है। कई जगह मलबा सड़क पर होने से आवाजाही मुश्किल हो रही है। लोगों के लिए वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा हैं।
सड़क बंद होने से गांव तक आपातकालीन सेवाओं के वाहन भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। वर्ष 2019 - 20 पीएमजीएसवाई ने सकदेना से रन गांव से तुंगीघाट के लिए दो किमी सड़क बनाई और डामरीकरण कार्य एनपीसीसी ने किया। इस सड़क में छह से अधिक गांवों के लोग निर्भर हैं। स्थानीय दीपक जोशी, कमल जोशी, खष्टी बल्लभ, सकलानी, घनश्याम सकलानी, त्रिभुवन सकलानी, मोहन चंद्र आदि ने
आरोप लगाया कि दो किमी सड़क पर डामरीकरण की स्वीकृति मिलने के बाद भी विभाग ने पांच साल से डामरीकरण नहीं किया है। इस कारण लोगों को निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी सामान घर तक पहुंचाने के लिए ढुलान पर मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। एनपीसीसी के प्रबंधक अभिषेक यादव का कहना है कि सड़क पर डामरीकरण करने के लिए टीम से कहा गया है। जल्द ही सड़क पर डामरीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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स्वीकृति मिलने के बाद भी विभाग ने सड़क पर सोलिंग तो की लेकिन डामरीकरण का कार्य पांच साल से अधर में लटका है। कई बार विभाग समस्या को बताने के बाद भी समाधान नहीं हुआ।
दीपक जोशी, प्रशासक।
सड़क की सुध नहीं लेने से सड़क मलबे में तब्दील होती जा रही है। इस कारण गांव तक आपातकालीन सेवाओं के वाहन नहीं पहुंच पाते हैं। स्वीकृति मिलने के बाद भी सड़क पर डामरीकरण नहीं हो पाना विभाग की कमियों को उजागर कर रहा है।
कमल जोशी, वाहन चालक।
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सड़क बंद होने से गांव तक आपातकालीन सेवाओं के वाहन भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। वर्ष 2019 - 20 पीएमजीएसवाई ने सकदेना से रन गांव से तुंगीघाट के लिए दो किमी सड़क बनाई और डामरीकरण कार्य एनपीसीसी ने किया। इस सड़क में छह से अधिक गांवों के लोग निर्भर हैं। स्थानीय दीपक जोशी, कमल जोशी, खष्टी बल्लभ, सकलानी, घनश्याम सकलानी, त्रिभुवन सकलानी, मोहन चंद्र आदि ने
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आरोप लगाया कि दो किमी सड़क पर डामरीकरण की स्वीकृति मिलने के बाद भी विभाग ने पांच साल से डामरीकरण नहीं किया है। इस कारण लोगों को निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी सामान घर तक पहुंचाने के लिए ढुलान पर मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। एनपीसीसी के प्रबंधक अभिषेक यादव का कहना है कि सड़क पर डामरीकरण करने के लिए टीम से कहा गया है। जल्द ही सड़क पर डामरीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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स्वीकृति मिलने के बाद भी विभाग ने सड़क पर सोलिंग तो की लेकिन डामरीकरण का कार्य पांच साल से अधर में लटका है। कई बार विभाग समस्या को बताने के बाद भी समाधान नहीं हुआ।
दीपक जोशी, प्रशासक।
सड़क की सुध नहीं लेने से सड़क मलबे में तब्दील होती जा रही है। इस कारण गांव तक आपातकालीन सेवाओं के वाहन नहीं पहुंच पाते हैं। स्वीकृति मिलने के बाद भी सड़क पर डामरीकरण नहीं हो पाना विभाग की कमियों को उजागर कर रहा है।
कमल जोशी, वाहन चालक।