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Champawat News: चंपावत में नहीं बन पाएगा आर्मी स्कूल
Mon, 14 Apr 2025 10:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 14 Apr 2025 10:46 PM IST
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चंपावत। जिले में मुख्यमंत्री घोषणा के तहत आर्मी स्कूल खोला जाना था। लाख कोशिशों के बाद भी सेना क्षेत्र नहीं मिलने के बाद घोषणा को विलुप्त कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने 2023 आर्मी स्कूल की घोषणा की थी। घोषणा के तहत चंपावत में आर्मी स्कूल खोला जाना था। इसके लिए निशुल्क भूमि का आवंटन होना था। क्षेत्र में आर्मी स्कूल के खुलने से लोगों को फायदा मिलता। आर्मी स्कूल की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राओं को अपने घर के पास ही सारी सुविधा मिलती। उन्हें अन्यत्र पढ़ाई के लिए नहीं जाना पड़ता। स्कूल खुलने से सेना में कार्यरत परिवारों के बच्चों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलता।
सैनिक स्कूल के खुलने से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सैन्य प्रशिक्षण का अवसर मिलता। इससे क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलता। आर्मी स्कूल में छात्रों को शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, नेतृत्व और टीम वर्क की शिक्षा दी जाती है। ऐसे में स्कूल खुलने से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता। सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि रक्षा विभाग के अनुसार सैनिक स्कूल की स्थापना केवल सेना क्षेत्र में की जाती है। जिला मुख्यालय में ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है। इस कारण घोषणा को विलुप्त कर दिया गया है।
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मुख्यमंत्री ने 2023 आर्मी स्कूल की घोषणा की थी। घोषणा के तहत चंपावत में आर्मी स्कूल खोला जाना था। इसके लिए निशुल्क भूमि का आवंटन होना था। क्षेत्र में आर्मी स्कूल के खुलने से लोगों को फायदा मिलता। आर्मी स्कूल की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राओं को अपने घर के पास ही सारी सुविधा मिलती। उन्हें अन्यत्र पढ़ाई के लिए नहीं जाना पड़ता। स्कूल खुलने से सेना में कार्यरत परिवारों के बच्चों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलता।
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सैनिक स्कूल के खुलने से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सैन्य प्रशिक्षण का अवसर मिलता। इससे क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलता। आर्मी स्कूल में छात्रों को शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, नेतृत्व और टीम वर्क की शिक्षा दी जाती है। ऐसे में स्कूल खुलने से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता। सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि रक्षा विभाग के अनुसार सैनिक स्कूल की स्थापना केवल सेना क्षेत्र में की जाती है। जिला मुख्यालय में ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है। इस कारण घोषणा को विलुप्त कर दिया गया है।
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