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मरीज को डोली से ले जाने की मजबूरी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:43 PM IST
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मरीज की मजबूरी
- फोटो : अमर उजाला
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चंपावत। बंद सड़कें मरीजों के लिए मुसीबत बन रही हैं। धौन-सल्ली मोटर सड़क बंद होने से मरीज को अस्पताल तक पहुंचाना कठिन हो गया। बाद में ग्रामीणों ने बीमार व्यक्ति के लिए डोली का इंतजाम किया। तब बीमार व्यक्ति को ग्रामीणों ने किसी तरह खतरनाक पहाड़ी रास्तों से डोली में लाकर अस्पताल तक पहुंचाया। जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित धौन से सल्ली को जाने वाला ग्रामीण संपर्क मार्ग से कई गांव जुड़े हैं। यह मार्ग तीन जुलाई से बंद है।
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सात दिनों में यहां के ग्रामीण दो मरीजों को डोली से चंपावत अस्पताल पहुंचा चुके हैं। ग्राम प्रधान पूरन सिंह रावत ने बताया कि सल्ली निवासी महा सिंह की तबियत दो दिन से खराब थी। एकाएक तबियत ज्यादा बिगड़ने पर ग्रामीणों ने रविवार को महा सिंह को डोली से अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की। खतरनाक पहाड़ी रास्ते से मरीज को डोली से ले जाना खतरे से खाली नहीं था, लेकिन ग्रामीणों ने हार नहीं मानी।
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ग्रामीण कृष्ण सिंह, बहादुर सिंह, त्रिलोक सिंह, जगत सिंह, नवीन सिंह, कुंदन सिंह आदि किसी तरह से उन्हें डोली में लाकर सल्ली, सायली, पत्थरमौन के पहाड़ी रास्तों से होकर 10 किमी पैदल दूरी तय कर धौन तक पहुंचे। धौन से महा सिंह को जीप में चंपावत के प्राइवेट अस्पताल लाया गया। महा सिंह को पथरी थी। इलाज के बाद से उनकी सेहत में सुधार है लेकिन इस बरसात में क्षेत्र में मरीज को डोली से ले जाने का ये पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व सात जुलाई को सल्ली गांव की कलावती के पेट में दर्द होने पर उन्हें डोली से सतकुला, छीड़ापानी, दूधपोखरा होकर जिला मुख्यालय पहुंचाया गया था।
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चंपावत। सल्ली के ग्रामीणों के लिए रोड बंद होना ही परेशानी की अकेली वजह नहीं है, यहां की संचार सेवा भी पहली जुलाई से ठप है। ग्राम प्रधान पूरन सिंह रावत ने बताया कि सल्ली, सायली, रुइंया, कफल्टा, कुकड़ौनी गांव में बीएसएनएल के सिग्नल नहीं आ रहे हैं। इस खराबी को ठीक करने के लिए विभाग से आग्रह किया गया है, लेकिन संचार सेवा नहीं सुधर सकी है। इन गांवों में 100 से अधिक लोग बीएसएनएल सेवा से जुड़े हैं। सेवा बाधित होने से इन दिनों वे संचार सेवा का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।