फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Paper leak case: STF detains a teacher from Lohaghat

पेपर लीक मामला: एसटीएफ ने लोहाघाट से एक शिक्षक को हिरासत में लिया

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 28 Aug 2022 12:15 AM IST
विज्ञापन
Paper leak case: STF detains a teacher from Lohaghat
चंपावत। उत्तराखंड राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के पेपर लीक मामले में एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने लोहाघाट क्षेत्र से एक शिक्षक को हिरासत में लिया है। पकड़ा गया शिक्षक पाटी ब्लॉक के एक सरकारी स्कूल में पढ़ाता है। इस शिक्षक के पेपर लीक करने वाले गिरोह से तार जुड़े बताए जा रहे हैं। फिलहाल एसटीएफ की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। एसपी देवेंद्र पींचा ने फिलहाल इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार किया है।
विज्ञापन

सूत्रों के मुताबिक शनिवार शाम एसटीएफ कुमाऊं ने लोहाघाट क्षेत्र में दस्तक दी। एसटीएफ ने सीधे आरोपी के घर जाकर मूल नैनीताल जिले के ओखलकांडा निवासी शिक्षक को उठा लिया। बताया कि एसटीएफ की टीम आरोपी को पूछताछ के लिए अज्ञात जगह ले गई है। शिक्षक पेपर लीक करने वाले गिरोह के संपर्क में कैसे आया? क्या क्षेत्र के और भी लोग इस मामले में शामिल हैं? कितने लोगों को पेपर लीक कराया? जैसे कई सवालों के जवाब की तलाश एसटीएफ कर रही है। सूत्र बताते हैं कि हिरासत में लिए गए आरोपी के मोबाइल फोन की तलाश की जा रही है। गायब मोबाइल फोन को इस मामले की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया जा रहा है।
विज्ञापन

दस साल पहले भी पेपर लीक मामले में दबोचा जा चुका है आरोपी
चंपावत। एसटीएफ ने जिस आरोपी अध्यापक को शनिवार को यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में दबोचा है, उस पर पहले भी इस तरह की करतूतों में लिप्तता का आरोप लगा है। वर्ष 2012-2013 में भी इस शिक्षक को नैनीताल पुलिस ने हल्द्वानी के एक होटल से पेपर लीक मामले में संदिग्ध भूमिका के चलते दबोचा था। बाद में सबूत नहीं मिलने पर उसे छोड़ दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

मौखिक होता था पेपर लीक करने का काम!
चंपावत। पेपर लीक कराने में आरोपी बेहद शातिराना ढंग से काम को अंजाम देता था। सूत्र बताते हैं कि पेपर लीक करने के बावजूद सबूत नहीं छोड़ा जाता था। प्रश्नपत्र की जानकारी देने में किसी भी तरह की हार्ड कॉपी या साक्ष्य का उपयोग नहीं किया जाता था। पेपर लीक करने के सारे काम को मौखिक अंजाम दिया गया। सूत्रों के मुताबिक परीक्षा के अभ्यर्थियों या उनके परिजनों से संपर्क साधा जाता था जो अभ्यर्थी इसके लिए तैयार होते थे, उन्हें एजेंट के जरिए वाहन से ले जाया जाता। कई बार बीच में वाहन और एजेंट भी बदल दिए जाते थे। पेपर होने से कुछ घंटे पहले अभ्यर्थियों को होटल ले जाया जाता जहां फोन से प्रश्न और उत्तर बताए जाते। इसके बाद ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed