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विधानसभा चुनाव के लए कई ग्रामीण मुखर
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चंपावत के कोट अमोड़ी में सड़क सुविधा के कारण पलायन से खाली हुए गांव।
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। विधानसभा चुनाव के लिए जहां विभिन्न राजनीतिक दल विकास के वादों और नारों के साथ मतदाताओं के बीच वोट मांगने जा रहे हैं। वहीं चुनावी वक्त की नजाकत को भांपते हुए बुनियादी सुविधाओं की राह तकते कोट अमोड़ी और खरही के ग्रामीणों ने सड़क बनाने की मांग की है। राजनीतिक दलों के विकास के वादे को धता बता उन्होंने बुनियादी समस्याओं की अनदेखी करने वालों को सबक सिखाने की ठानी है।
स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क सुविधा से वंचित चंपावत विकासखंड के कोट अमोड़ी, पाटी विकासखंड के खरही के बाशिंदों का कहना है कि हर चुनाव में राजनीतिक दल उन्हें आश्वासनों का झुनझुना थमाते है। हर पांच साल में ये झुनझुना नए अंदाज में थमा उन्हें चुप करा दिया जाता है लेकिन समस्याएं सुलझने के बजाय वक्त के साथ और अधिक कष्टप्रद रूप में सामने आती है। कोट अमोड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश भट्ट के अनुसार सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में गांव से ग्रामीण पलायन कर रहे हैं और गांव खाली होते जा रहे हैं। डीएम विनीत तोमर का कहना है कि जनसमस्याओं को सुलझाया जाएगा।
दावों के बावजूद बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं
चंपावत। जिला मुख्यालय से महज 25 किमी की दूरी पर स्थित कोट अमोड़ी क्षेत्र में सरकार के कई दावों के बावजूद लोगों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क आदि सुविधाओं की कमी से ग्रामीण खुद को पिछड़ा समझ रहे हैं। सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों का संपर्क शेष दुनिया से कम रहता है। यहां बहुतायत में उगने वाले मौसमी फल, फसलों एवं सब्जियों की उन्हें उचित कीमत नहीं मिल पाती है।
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क्वैराला घाटी के लोग मनवा चुके अपनी मांग
चंपावत। जिले के सिप्टी न्याय पंचायत के क्वैराला घाटी के लोग रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा देकर अपनी मांग मनवा चुके हैं। वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा देने वाले ग्रामीणों की वर्ष 2016 में सिप्टी-अमकड़िया सड़क की सौगात मिली। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
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स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क सुविधा से वंचित चंपावत विकासखंड के कोट अमोड़ी, पाटी विकासखंड के खरही के बाशिंदों का कहना है कि हर चुनाव में राजनीतिक दल उन्हें आश्वासनों का झुनझुना थमाते है। हर पांच साल में ये झुनझुना नए अंदाज में थमा उन्हें चुप करा दिया जाता है लेकिन समस्याएं सुलझने के बजाय वक्त के साथ और अधिक कष्टप्रद रूप में सामने आती है। कोट अमोड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश भट्ट के अनुसार सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में गांव से ग्रामीण पलायन कर रहे हैं और गांव खाली होते जा रहे हैं। डीएम विनीत तोमर का कहना है कि जनसमस्याओं को सुलझाया जाएगा।
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दावों के बावजूद बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं
चंपावत। जिला मुख्यालय से महज 25 किमी की दूरी पर स्थित कोट अमोड़ी क्षेत्र में सरकार के कई दावों के बावजूद लोगों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क आदि सुविधाओं की कमी से ग्रामीण खुद को पिछड़ा समझ रहे हैं। सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों का संपर्क शेष दुनिया से कम रहता है। यहां बहुतायत में उगने वाले मौसमी फल, फसलों एवं सब्जियों की उन्हें उचित कीमत नहीं मिल पाती है।
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क्वैराला घाटी के लोग मनवा चुके अपनी मांग
चंपावत। जिले के सिप्टी न्याय पंचायत के क्वैराला घाटी के लोग रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा देकर अपनी मांग मनवा चुके हैं। वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा देने वाले ग्रामीणों की वर्ष 2016 में सिप्टी-अमकड़िया सड़क की सौगात मिली। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का निर्माण पूरा किया जा चुका है।